अमेरिकी वायु सेना ने भविष्य के अभियानों की सफलता सुनिश्चित करने के लिए अपने बॉम्बर विमानों के साथ सुरक्षित संचार प्रणालियों में सुधार की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया है। एक शीर्ष जनरल के अनुसार, पिछली गर्मियों में ईरानी परमाणु सुविधाओं पर किए गए सफल हमलों जैसे मिशनों के लिए यह सुधार महत्वपूर्ण है।
यह बयान वर्जीनिया के आर्लिंगटन में आयोजित एक एयरोस्पेस अध्ययन सम्मेलन के दौरान आया, जहाँ पिछले एक सफल सैन्य अभियान से सीखे गए सबक पर चर्चा की गई। वायु सेना अपने कमांड-एंड-कंट्रोल नेटवर्क को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है ताकि मिशन के दौरान महत्वपूर्ण निर्देश और अपडेट बिना किसी बाधा के सुरक्षित रूप से भेजे और प्राप्त किए जा सकें।
इस चर्चा में भविष्य के विमानों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया। वायु सेना अपने आगामी B-21 रेडर बॉम्बर की उन्नत क्षमताओं का लाभ उठाने की योजना बना रही है, जिसे डेटा-शेयरिंग और संचार के मामले में पिछली पीढ़ी के विमानों से कहीं बेहतर माना जाता है। हालांकि, संचार सुधारों के साथ-साथ कमांड की श्रृंखला को बनाए रखने की चिंताओं पर भी जोर दिया गया।
ऑपरेशन मिडनाइट हैमर से सीख
अमेरिकी वायु सेना के एक शीर्ष जनरल ने गुरुवार को कहा कि पिछले साल 22 जून को B-2 स्पिरिट बॉम्बर के नेतृत्व में किए गए हमलों से महत्वपूर्ण सबक मिले हैं। ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ नामक इस अभियान में तीन गहरे भूमिगत ईरानी परमाणु ठिकानों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया था।
एयर फोर्स ग्लोबल स्ट्राइक कमांड के डिप्टी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल जेसन आर्मागोस्ट ने बताया कि इस मिशन में मैसिव ऑर्डनेंस पेनेट्रेटर हथियारों का इस्तेमाल किया गया था, जिन्होंने 200 फीट चट्टान को भेदकर लक्ष्य को नष्ट किया। उन्होंने इस अभियान को इंजीनियरिंग, खुफिया जानकारी और समन्वय की एक बड़ी सफलता बताया।
संचार प्रणालियों में सुधार की आवश्यकता
लेफ्टिनेंट जनरल आर्मागोस्ट ने जोर देकर कहा कि अगर वायु सेना को इस तरह की बढ़त बनाए रखनी है, तो उसे अपने कमांड-एंड-कंट्रोल नेटवर्क और संचार संरचनाओं को बेहतर बनाना होगा। उन्होंने कहा कि बॉम्बर और अन्य विमानों से महत्वपूर्ण निर्देशों और स्थिति अपडेट का सुरक्षित रूप से आदान-प्रदान करने की क्षमता सर्वोपरि है।
उन्होंने स्पष्ट किया, “यदि हमलावर दस्ता अपने बलों की स्थिति और मिशन कमांडर से ‘गो’ सिग्नल का संचार करने में सक्षम नहीं है, तो यह हम सभी के लिए एक विफलता होगी।” यह बयान उन्होंने ‘मिडनाइट हैमर’ ऑपरेशन और उससे सीखे गए सबक पर एक पैनल चर्चा के दौरान दिया।
कमांड और नियंत्रण पर चिंताएं
अमेरिकी वायु सेना मध्य कमान की हथियार और रणनीति प्रमुख मेजर क्लेयर रैंडोल्फ ने भी युद्ध अभियानों के दौरान संचार क्षमताओं और खुफिया जानकारी साझा करने में सुधार की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की। हालांकि, उन्होंने एक महत्वपूर्ण चेतावनी भी दी।
मेजर रैंडोल्फ ने कहा कि कमांडरों को कॉकपिट तक सीधी पहुंच देने से यह खतरा हो सकता है कि वे जमीनी स्थिति की पूरी जानकारी के बिना परिचालन संबंधी निर्णय लेने लगें। उन्होंने कहा, “हमें अपनी संचार क्षमताओं में सुधार करना होगा, लेकिन हमें कॉकपिट तक पहुंचने वाले अधिकार को भी सावधानीपूर्वक सीमित करना होगा।” उन्होंने आगाह किया कि ऐसा न करने पर निर्णय लेने की प्रक्रिया में ऐसे लोग शामिल हो सकते हैं जिन्हें इसमें नहीं होना चाहिए, जिससे हवाई चालक दल के कमांडरों का अधिकार कम हो सकता है।
भविष्य का बॉम्बर: B-21 रेडर
वर्तमान में, B-2 स्पिरिट अमेरिकी वायु सेना के बेड़े में एकमात्र स्टील्थ बॉम्बर है, लेकिन वायु सेना भविष्य के अभियानों के लिए अपने उत्तराधिकारी, B-21 रेडर पर भरोसा कर रही है। B-21 रेडर को भविष्य के भेदक स्ट्राइक मिशनों में केंद्रीय भूमिका निभाने के लिए विकसित किया जा रहा है।
B-21 के निर्माता, नॉर्थ्रोप ग्रुम्मन ने इसे दुनिया का पहला छठी पीढ़ी का विमान बताया है, जिसका एक बड़ा कारण इसकी उन्नत डेटा-शेयरिंग क्षमताएं हैं। लेफ्टिनेंट जनरल आर्मागोस्ट ने पुष्टि की कि वायु सेना भविष्य के लिए योजना बनाते समय इन क्षमताओं का लाभ उठाने पर विचार कर रही है ताकि कमांड, नियंत्रण और संचार में सुधार हो सके। उन्होंने कहा कि एक बार जब रेडर को वायु सेना के बेड़े में एकीकृत कर दिया जाएगा, तो ‘मिडनाइट हैमर’ जैसे ऑपरेशन अलग दिखेंगे और कुछ मायनों में उन्हें करना आसान हो जाएगा।
अमेरिकी वायु सेना का लक्ष्य ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ जैसे सफल अभियानों से मिली सीख का उपयोग करना है ताकि भविष्य की चुनौतियों के लिए अपनी संचार प्रणालियों को मजबूत किया जा सके। आगामी B-21 रेडर बॉम्बर की उन्नत तकनीक इस रणनीति का एक प्रमुख हिस्सा है, जो युद्ध के मैदान में सुरक्षित और प्रभावी कमांड सुनिश्चित करने में मदद करेगी।
FAQs
अमेरिकी वायु सेना को किस क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता है?
अमेरिकी वायु सेना को अपने बॉम्बर और अन्य विमानों के साथ महत्वपूर्ण सूचनाओं के सुरक्षित प्रसारण के लिए अपनी संचार और कमांड-एंड-कंट्रोल प्रणालियों में सुधार करने की आवश्यकता है।
ऑपरेशन मिडनाइट हैमर क्या था?
ऑपरेशन मिडनाइट हैमर 22 जून को B-2 स्पिरिट बॉम्बर के नेतृत्व में किया गया एक सफल सैन्य अभियान था, जिसमें ईरान में तीन गहरे भूमिगत परमाणु ठिकानों को नष्ट कर दिया गया था।
B-21 रेडर की क्या खासियत है?
B-21 रेडर एक आगामी स्टील्थ बॉम्बर है जिसे छठी पीढ़ी का विमान माना जाता है। इसकी मुख्य खासियत इसकी उन्नत डेटा-शेयरिंग और संचार क्षमताएं हैं, जो इसे मौजूदा बॉम्बर्स से बेहतर बनाती हैं।
संचार सुधार को लेकर क्या चिंता व्यक्त की गई है?
चिंता यह है कि कॉकपिट तक कमांडरों की सीधी पहुंच देने से हवाई चालक दल के कमांडरों का अधिकार कम हो सकता है और ऐसे लोग परिचालन निर्णय ले सकते हैं जिनके पास पूरी स्थितिजन्य जागरूकता नहीं है।
यह बयान किस अधिकारी ने और कहाँ दिया?
यह बयान लेफ्टिनेंट जनरल जेसन आर्मागोस्ट ने वर्जीनिया के आर्लिंगटन में मिशेल इंस्टीट्यूट फॉर एयरोस्पेस स्टडीज द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में दिया।
यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।


