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मिडनाइट हैमर के बाद अमेरिकी वायु सेना अपने बमवर्षकों के साथ संचार व्यवस्था सुधारेगी

अमेरिकी वायु सेना अपने बॉम्बर विमानों और अन्य एयरक्राफ्ट के साथ महत्वपूर्ण जानकारी भेजने के लिए अपने सुरक्षित संचार तंत्र में सुधार करने की आवश्यकता पर जोर दे रही है। एक शीर्ष जनरल के अनुसार, भविष्य के मिशनों की सफलता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण है। यह बयान पिछले साल ईरानी परमाणु सुविधाओं पर हुए सफल हवाई हमलों के बाद आया है, जिसने मौजूदा प्रणालियों की सीमाओं को भी उजागर किया है।

इस संदर्भ में, 22 जून को हुए B-2 स्पिरिट बॉम्बर के नेतृत्व वाले हमलों का उल्लेख किया गया, जिसे ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ नाम दिया गया था। इस मिशन में मैसिव ऑर्डनेंस पेनेट्रेटर (Massive Ordnance Penetrator) हथियारों का इस्तेमाल किया गया था, जिन्होंने लगभग 26,000 पाउंड स्टील के आवरण में 200 फीट पहाड़ी चट्टान को भेदकर तीन भूमिगत परमाणु सुविधाओं को नष्ट कर दिया था।

एयर फ़ोर्स ग्लोबल स्ट्राइक कमांड के डिप्टी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल जेसन आर्मागोस्ट ने वर्जीनिया के आर्लिंगटन में एक सम्मेलन में कहा कि यह ऑपरेशन इंजीनियरिंग, खुफिया जानकारी और समन्वय की एक बड़ी सफलता थी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह की बढ़त बनाए रखने के लिए वायु सेना को अपने कमांड-एंड-कंट्रोल नेटवर्क और संचार प्रणालियों को मजबूत करना होगा ताकि मिशन के दौरान महत्वपूर्ण निर्देश और अपडेट सुरक्षित रूप से भेजे और प्राप्त किए जा सकें।

ऑपरेशन मिडनाइट हैमर और प्रमुख सीख

‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ एक जटिल सैन्य अभियान था, जिसका उद्देश्य गहराई में स्थित और अत्यधिक सुरक्षित लक्ष्यों को नष्ट करना था। इस मिशन के लिए अमेरिकी वायु सेना के बेड़े में शामिल एकमात्र स्टेल्थ बॉम्बर B-2 का उपयोग किया गया। स्टेल्थ तकनीक विमानों को दुश्मन के रडार से बचने में मदद करती है, जिससे वे भारी सुरक्षा वाले क्षेत्रों में प्रवेश कर सकते हैं। लेफ्टिनेंट जनरल आर्मागोस्ट ने कहा कि यदि मिशन के दौरान हमलावर विमानों का दस्ता अपने कमांडर से संपर्क स्थापित नहीं कर पाता है या मिशन शुरू करने का आदेश प्राप्त नहीं कर पाता है, तो यह पूरी प्रणाली की विफलता होगी।

सुरक्षित संचार की आवश्यकता

लेफ्टिनेंट जनरल आर्मागोस्ट ने जोर देकर कहा कि भविष्य के संघर्षों में सफलता के लिए कमांड-एंड-कंट्रोल और संचार प्रणालियों का मजबूत होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि वायु सेना को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसके नेटवर्क सुरक्षित हों और किसी भी तरह की घुसपैठ से बचे रहें। उनका कहना था कि विमानों तक और उनसे वापस आने वाले डेटा का प्रवाह निर्बाध और सुरक्षित होना चाहिए, ताकि मिशन कमांडर वास्तविक समय में सही निर्णय ले सकें। यह क्षमता विशेष रूप से उन मिशनों के लिए महत्वपूर्ण है जो दुश्मन के इलाके में गहराई तक जाते हैं।

संचार सुधार पर चेतावनी और संतुलन

यू.एस. एयर फ़ोर्स सेंट्रल कमांड में हथियार और रणनीति की प्रमुख मेजर क्लेयर रैंडोल्फ ने भी युद्ध अभियानों के दौरान संचार क्षमताओं और खुफिया जानकारी साझा करने में सुधार की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की। हालांकि, उन्होंने एक चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि कमांडरों को कॉकपिट तक सीधी पहुंच देने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे उनके द्वारा परिचालन संबंधी निर्णय लेने का खतरा बढ़ सकता है, जो हवाई चालक दल के कमांडरों के अधिकार को कमजोर कर सकता है। रैंडोल्फ ने समझाया कि कॉकपिट के बाहर बैठे व्यक्ति के पास मिशन की पूरी जमीनी हकीकत की जानकारी नहीं हो सकती है, और ऐसे में उनका हस्तक्षेप खतरनाक साबित हो सकता है।

भविष्य की तकनीक: B-21 रेडर

अमेरिकी वायु सेना भविष्य के मिशनों के लिए अपने नए B-21 रेडर बॉम्बर पर काफी हद तक निर्भर करेगी, जो वर्तमान B-2 का उत्तराधिकारी है। B-21 को बनाने वाली कंपनी नॉर्थ्रोप ग्रम्मन ने इसे दुनिया का पहला छठी पीढ़ी का विमान बताया है, जिसका एक बड़ा कारण इसकी उन्नत डेटा-शेयरिंग क्षमताएं हैं। जनरल आर्मागोस्ट ने कहा कि वायु सेना भविष्य के लिए योजना बनाते समय B-21 की इन क्षमताओं का लाभ उठाने पर विचार कर रही है ताकि कमांड और संचार में सुधार किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि जब B-21 रेडर वायु सेना के बेड़े में एकीकृत हो जाएगा, तो ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ जैसे अभियान अलग दिखेंगे और उन्हें अंजाम देना कुछ मायनों में आसान हो जाएगा।

अमेरिकी वायु सेना ने पिछले सफल अभियानों से मिली सीख के आधार पर अपनी संचार प्रणालियों को उन्नत करने को प्राथमिकता दी है। भविष्य के स्टेल्थ बॉम्बर, B-21 रेडर के एकीकरण के साथ, वायु सेना का लक्ष्य एक अधिक मजबूत, सुरक्षित और कुशल कमांड-एंड-कंट्रोल नेटवर्क स्थापित करना है ताकि भविष्य की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।

FAQs

अमेरिकी वायु सेना किस प्रणाली में सुधार करना चाहती है?

अमेरिकी वायु सेना अपने बॉम्बर और अन्य विमानों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी को सुरक्षित रूप से प्रसारित करने वाली संचार प्रणाली में सुधार करना चाहती है।

ऑपरेशन मिडनाइट हैमर क्या था?

यह B-2 स्पिरिट बॉम्बर के नेतृत्व में ईरान की भूमिगत परमाणु सुविधाओं पर किया गया एक सफल हवाई हमला था, जिसे पिछले साल 22 जून को अंजाम दिया गया था।

B-21 रेडर क्या है?

B-21 रेडर अमेरिकी वायु सेना का अगली पीढ़ी का स्टेल्थ बॉम्बर विमान है, जिसे B-2 बॉम्बर के उत्तराधिकारी के रूप में विकसित किया जा रहा है।

संचार प्रणाली को लेकर क्या चिंता व्यक्त की गई है?

यह चिंता व्यक्त की गई है कि कमांडरों को कॉकपिट तक सीधी संचार पहुंच देने से हवाई चालक दल के कमांडरों का निर्णय लेने का अधिकार कम हो सकता है।

लेफ्टिनेंट जनरल जेसन आर्मागोस्ट ने क्या कहा?

उन्होंने कहा कि भविष्य के मिशनों की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि वायु सेना अपने विमानों के साथ कितनी सुरक्षित रूप से महत्वपूर्ण निर्देशों और अपडेट का आदान-प्रदान कर पाती है।

यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।

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