बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान द्वारा दायर एक मानहानि के मुकदमे में मुंबई की एक सिविल कोर्ट ने फिल्म निर्माता अभिनव कश्यप और अन्य के खिलाफ एक अस्थायी प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। अदालत ने प्रतिवादियों को सलमान खान और उनके परिवार के खिलाफ किसी भी तरह का बयान देने या प्रकाशित करने से अस्थायी रूप से रोक दिया है।
यह आदेश अभिनेता द्वारा दायर मानहानि के मुकदमे में अंतरिम राहत के तौर पर शुक्रवार को जारी किया गया। इस मुकदमे में सलमान खान ने आरोप लगाया है कि कई साक्षात्कारों और पॉडकास्ट में उनके और उनके परिवार के खिलाफ “निंदनीय, झूठे और घोर अपमानजनक” बयान दिए गए हैं।
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश पी.जी. भोसले ने एकपक्षीय अंतरिम आदेश पारित करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति की निजता और प्रतिष्ठा की रक्षा की जानी चाहिए। अदालत ने स्पष्ट किया कि यद्यपि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एक संवैधानिक अधिकार है, लेकिन यह किसी व्यक्ति के खिलाफ अपमानजनक या धमकी भरी भाषा का उपयोग करने की अनुमति नहीं देता है।
अदालत का अंतरिम आदेश
मुंबई की सिटी सिविल कोर्ट ने अपने अंतरिम निर्देश में प्रतिवादियों पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी है। इस आदेश के तहत, अभिनव कश्यप और अन्य प्रतिवादी सलमान खान और उनके परिवार के बारे में किसी भी कथित अपमानजनक सामग्री को बनाने, अपलोड करने, प्रकाशित करने, दोबारा पोस्ट करने, होस्ट करने या प्रसारित करने से तब तक प्रतिबंधित रहेंगे, जब तक वे अदालत के समक्ष उपस्थित होकर नोटिस का जवाब नहीं देते। यह एक एकपक्षीय अंतरिम आदेश है, जिसका अर्थ है कि यह दूसरे पक्ष की सुनवाई से पहले तत्काल राहत के रूप में दिया गया है।
मानहानि का मुकदमा और मांग
सलमान खान द्वारा दायर इस मानहानि के मुकदमे में अभिनव कश्यप, कोमल मेहरू, खुशबू हजारे और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को प्रतिवादी बनाया गया है। अपनी याचिका में, अभिनेता ने भविष्य में इस तरह की टिप्पणियों पर स्थायी रोक लगाने की मांग की है। इसके अलावा, उन्होंने कथित तौर पर उनकी प्रतिष्ठा को हुए नुकसान के लिए 9 करोड़ रुपये के हर्जाने का भी दावा किया है।
विवाद का मूल कारण
यह मुकदमा सितंबर और दिसंबर 2025 के बीच प्रकाशित लगभग 26 वीडियो साक्षात्कारों और पॉडकास्ट एपिसोड पर केंद्रित है। मुकदमे के अनुसार, इन एपिसोड्स में अभिनव कश्यप ने कथित तौर पर सलमान खान और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ टिप्पणियां की थीं। याचिका में कहा गया है कि इस सामग्री में अभिनेता की पेशेवर सत्यनिष्ठा और व्यक्तिगत चरित्र दोनों को निशाना बनाया गया था।
अदालत की महत्वपूर्ण टिप्पणी
न्यायाधीश पी.जी. भोसले ने आदेश पारित करते हुए कहा, “कोई भी किसी के परिवार के खिलाफ कोई अपमानजनक बयान नहीं दे सकता और न ही देना चाहिए।” अदालत ने माना कि जहां बोलने की आजादी महत्वपूर्ण है, वहीं इसका इस्तेमाल किसी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं किया जा सकता। अदालत के अनुसार, प्रत्येक व्यक्ति की निजता और सम्मान की रक्षा करना आवश्यक है।
संक्षेप में, अदालत ने सलमान खान को तत्काल अंतरिम राहत प्रदान की है, जिसके तहत अभिनव कश्यप और अन्य को मामले में अदालत के समक्ष अपनी प्रतिक्रिया दाखिल करने तक किसी भी प्रकार के अपमानजनक बयान जारी करने से रोक दिया गया है।
FAQs
सलमान खान ने किसके खिलाफ मुकदमा दायर किया है?
अभिनेता सलमान खान ने फिल्म निर्माता अभिनव कश्यप, कोमल मेहरू, खुशबू हजारे और कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है।
यह मुकदमा किस बारे में है?
यह मुकदमा लगभग 26 वीडियो साक्षात्कारों और पॉडकास्ट को लेकर है, जिनमें कथित तौर पर सलमान खान और उनके परिवार के खिलाफ अपमानजनक और झूठे बयान दिए गए थे।
अदालत ने क्या आदेश दिया है?
अदालत ने एक अस्थायी आदेश जारी कर प्रतिवादियों को अदालत में अपना जवाब दाखिल करने तक सलमान खान या उनके परिवार के खिलाफ कोई भी कथित अपमानजनक सामग्री प्रकाशित करने या प्रसारित करने से रोक दिया है।
सलमान खान ने हर्जाने में कितनी रकम की मांग की है?
सलमान खान ने अपनी प्रतिष्ठा को हुए नुकसान के लिए हर्जाने के तौर पर 9 करोड़ रुपये की मांग की है।
मामले की सुनवाई किस अदालत में हो रही है?
इस मामले की सुनवाई मुंबई की एक सिटी सिविल कोर्ट में हो रही है, जहां न्यायाधीश पी.जी. भोसले ने यह अंतरिम आदेश जारी किया।
यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।


