पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने भारत और पाकिस्तान के बीच किसी भी संभावित क्रिकेट मैच के बहिष्कार का विरोध किया है। उन्होंने सुझाव दिया है कि पाकिस्तान को बहिष्कार करने के बजाय विरोध के तौर पर काली पट्टी बांधकर मैच खेलना चाहिए। बासित अली ने यह भी कहा कि क्रिकेट अब “जेंटलमैन का खेल” नहीं रहा और यह तेजी से राजनीतिक होता जा रहा है।
उन्होंने इस बात पर भी सवाल उठाया कि किसी भी बहिष्कार के लिए सीनियर विश्व कप का इंतजार क्यों किया जाए। उनके अनुसार, अगर बहिष्कार करना ही है तो इसे पहले अंडर-19 विश्व कप में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मैच में करना चाहिए। अली ने चेतावनी दी कि ऐसे कदमों से क्रिकेट को नुकसान होगा और इसके दुष्प्रभाव लंबे समय तक महसूस किए जाएंगे।
इस बीच, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यदि पाकिस्तान टी20 विश्व कप का बहिष्कार करता है या टूर्नामेंट में भाग नहीं लेने का फैसला करता है, तो अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) उस पर कड़े प्रतिबंध लगा सकता है। इन प्रतिबंधों में द्विपक्षीय सीरीज का निलंबन और पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) के लिए विदेशी खिलाड़ियों को अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) देने से इनकार शामिल हो सकता है।
बासित अली का बहिष्कार पर रुख
पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने अपने एक बयान में कहा कि पाकिस्तान को भारत के साथ मैच का बहिष्कार नहीं करना चाहिए। उन्होंने एक वैकल्पिक विरोध का तरीका सुझाते हुए कहा कि टीम को काली पट्टी बांधकर खेलना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि क्रिकेट अब एक साधारण खेल नहीं रह गया है और इसमें राजनीति का दखल बढ़ गया है।
अंडर-19 विश्व कप का दिया हवाला
बासित अली ने सीनियर टी20 विश्व कप में 15 फरवरी को होने वाले भारत-पाकिस्तान मैच का इंतजार करने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “यदि आपको बहिष्कार करना ही है, तो 1 फरवरी को पाकिस्तान बनाम भारत अंडर-19 विश्व कप मैच में करें।” उन्होंने बताया कि उनके भारतीय दोस्तों ने भी यही सुझाव दिया था। उन्होंने कहा कि अंडर-19 विश्व कप में ऐसा करने से इसके प्रभाव का पता चल जाएगा।
क्रिकेट को नुकसान से बचाने की अपील
अली ने अतीत में लिए गए कुछ फैसलों का जिक्र करते हुए चेतावनी दी कि इससे खेल को पहले ही नुकसान हो चुका है। उन्होंने PCB के चेयरमैन मोहसिन नकवी, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और ICC अधिकारी जय शाह से अपील की कि वे ऐसे फैसले लें “जिससे क्रिकेट को नुकसान न हो।” उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान मैच का बहिष्कार करता है, तो इससे विश्व कप की प्रतिस्पर्धा और आकर्षण भी प्रभावित होगा।
ICC के संभावित कड़े प्रतिबंध
सूत्रों के मुताबिक, अगर पाकिस्तान टी20 विश्व कप में नहीं खेलने का फैसला करता है तो अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) कई कड़े प्रतिबंध लगा सकता है। इन प्रतिबंधों में किसी भी अंतरराष्ट्रीय टीम के साथ द्विपक्षीय सीरीज पर पूरी तरह से रोक, पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में विदेशी खिलाड़ियों के लिए NOC पर रोक और एशिया कप में भागीदारी से बाहर करना शामिल है।
भारत-पाकिस्तान क्रिकेट का राजनीतिक संदर्भ
भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट संबंध अक्सर दोनों देशों के राजनीतिक तनाव से प्रभावित होते रहे हैं। लंबे समय से दोनों देशों के बीच कोई द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज नहीं खेली गई है। दोनों टीमें केवल ICC टूर्नामेंट्स जैसे विश्व कप या एशिया कप जैसे बहु-राष्ट्रीय आयोजनों में ही एक-दूसरे के खिलाफ खेलती हैं। ऐसे में इन मैचों का महत्व प्रशंसकों और प्रसारकों दोनों के लिए बहुत अधिक होता है।
पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने भारत के साथ मैच का बहिष्कार करने के बजाय विरोध का एक अलग तरीका अपनाने का सुझाव दिया है। वहीं, ICC द्वारा पाकिस्तान के बहिष्कार करने पर गंभीर प्रतिबंध लगाए जाने की भी खबरें हैं, जिनमें द्विपक्षीय सीरीज और PSL पर असर पड़ सकता है।
FAQs
बासित अली ने भारत-पाकिस्तान मैच पर क्या सुझाव दिया है?
बासित अली ने सुझाव दिया है कि पाकिस्तान को मैच का बहिष्कार नहीं करना चाहिए, बल्कि विरोध जताने के लिए काली पट्टी बांधकर खेलना चाहिए।
मैच का बहिष्कार करने पर पाकिस्तान पर क्या प्रतिबंध लग सकते हैं?
सूत्रों के अनुसार, ICC द्विपक्षीय सीरीज पर रोक लगा सकता है, PSL में विदेशी खिलाड़ियों को NOC देने से मना कर सकता है और एशिया कप से बाहर कर सकता है।
बासित अली ने किस मैच में पहले बहिष्कार करके देखने को कहा?
उन्होंने सीनियर विश्व कप से पहले अंडर-19 विश्व कप में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मैच में बहिष्कार करके उसके परिणाम देखने की बात कही।
बासित अली के अनुसार क्रिकेट अब कैसा खेल बन गया है?
उनके अनुसार, क्रिकेट अब “जेंटलमैन का खेल” नहीं रहा है और यह बहुत अधिक राजनीतिक हो गया है।
अली ने किन अधिकारियों से क्रिकेट को बचाने की अपील की?
उन्होंने PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और ICC अधिकारी जय शाह से ऐसे फैसले लेने की अपील की जिनसे क्रिकेट को नुकसान न हो।
यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।


