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ब्रिटेन ने फ्रीहोल्डर्स को मिलने वाले ग्राउंड रेंट पर लगाई सीमा

यूके में मौजूदा संपत्तियों पर फ्रीहोल्डर्स को भुगतान किए जाने वाले ग्राउंड रेंट पर एक नई सीमा लगाई जाएगी। यह फैसला पट्टेदारों (leaseholders) के लिए एक बड़ी जीत है और सरकार को उम्मीद है कि इससे आवास बाजार में सामर्थ्य बढ़ेगा। सरकार ने इस कदम की घोषणा करते हुए कहा कि यह लाखों पट्टेदारों को वित्तीय राहत प्रदान करेगा, जो बढ़ते ग्राउंड रेंट के कारण अपनी संपत्तियों को बेचने या उन पर ऋण लेने में कठिनाइयों का सामना कर रहे थे।

मंत्रियों ने मंगलवार सुबह घोषणा की कि प्रत्येक संपत्ति के लिए यह सीमा £250 प्रति वर्ष निर्धारित की जाएगी, और 40 वर्षों के बाद इसे “पेप्परकॉर्न” दर में बदल दिया जाएगा। पेप्परकॉर्न एक प्रतीकात्मक राशि को दर्शाता है जिसका वास्तव में कोई वित्तीय मूल्य नहीं होता है। यह कदम लेबर पार्टी के 2024 के आम चुनाव घोषणापत्र में किए गए वादे को पूरा करता है, जिसका उद्देश्य “अनियंत्रित और महंगे” ग्राउंड रेंट शुल्कों से निपटना था।

यह निर्णय प्रधानमंत्री सर कीर स्टार्मर द्वारा चांसलर रेचेल रीव्स की आपत्तियों को दरकिनार करने के बाद लिया गया। रीव्स को संस्थागत निवेशकों पर पड़ने वाले प्रभाव की चिंता थी, जिनमें से कई के पास बड़े आवासीय संपत्ति पोर्टफोलियो हैं। सरकार का अनुमान है कि इस संसद के दौरान लगभग 770,000 से 900,000 पट्टेदारों को इस कदम से बचत होगी, और यह अधिनियम 2028 के अंत तक लागू हो सकता है।

नई ग्राउंड रेंट सीमा का विवरण

सरकार द्वारा घोषित नए नियमों के अनुसार, मौजूदा पट्टों पर वार्षिक ग्राउंड रेंट को £250 तक सीमित किया जाएगा। यह उन पट्टेदारों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत है जो वर्तमान में इस राशि से बहुत अधिक भुगतान कर रहे हैं, खासकर लंदन और दक्षिण के क्षेत्रों में।

इस नियम का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि 40 वर्षों के बाद, यह £250 की सीमा भी समाप्त हो जाएगी और ग्राउंड रेंट एक “पेप्परकॉर्न” दर पर आ जाएगा। पेप्परकॉर्न रेंट का मतलब एक बहुत ही मामूली या नाममात्र का किराया है, जो व्यावहारिक रूप से शून्य वित्तीय मूल्य के बराबर है। यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में पट्टेदारों पर कोई बड़ा वित्तीय बोझ न पड़े।

पट्टेदारों पर प्रभाव और लाभ

सरकार का अनुमान है कि इस बदलाव से इस संसद के कार्यकाल के दौरान लगभग 770,000 से 900,000 पट्टेदारों को सीधे तौर पर वित्तीय लाभ होगा। इनमें से लगभग 490,000 से 590,000 पट्टेदार लंदन और दक्षिण में हैं, जो वर्तमान में £250 प्रति वर्ष से अधिक का भुगतान कर रहे हैं।

अत्यधिक और बढ़ते ग्राउंड रेंट के कारण कई संपत्ति मालिकों को अपनी संपत्ति बेचने या उस पर बंधक (mortgage) प्राप्त करने में मुश्किल हो रही थी। कुछ मामलों में, ग्राउंड रेंट हर 10 साल में दोगुना हो जाता था, जिससे यह कई लोगों के लिए असहनीय हो गया था। इस सीमा के लागू होने से इन संपत्तियों का बाजार मूल्य स्थिर होने और उन्हें बेचना आसान होने की उम्मीद है।

फैसले की राजनीतिक पृष्ठभूमि

ग्राउंड रेंट को सीमित करने का प्रस्ताव आवास सचिव स्टीव रीड द्वारा तैयार किया गया था और यह 2024 के लेबर पार्टी के चुनावी घोषणापत्र का एक प्रमुख वादा था। हालांकि, चांसलर रेचेल रीव्स ने इस योजना पर हफ्तों तक आपत्ति जताई थी। उन्हें डर था कि इससे निवेशकों का विश्वास कम हो सकता है, जो अपने संपत्ति पोर्टफोलियो के मूल्य में गिरावट की आशंका जता रहे थे।

मामले में हस्तक्षेप करते हुए, पूर्व उप प्रधानमंत्री और आवास सचिव एंजेला रेनर ने पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री स्टार्मर से इन प्रस्तावों का समर्थन करने का आग्रह किया। उन्होंने तर्क दिया कि सरकार के अपने अनुमानों से पता चलता है कि निवेशकों पर इसका प्रभाव मामूली होगा। अंततः, प्रधानमंत्री ने चांसलर की चिंताओं को खारिज करते हुए पट्टेदारों के पक्ष में फैसला सुनाया।

निवेशकों और उद्योग की चिंताएं

इस फैसले पर निवेशक समुदाय ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। द रेजिडेंशियल फ्रीहोल्ड एसोसिएशन (RFA), जो लगभग 10 लाख पट्टेदार संपत्तियों के मालिक 10 सबसे बड़े जमींदारों का प्रतिनिधित्व करता है, ने इस कदम को “मौजूदा संपत्ति अधिकारों में पूरी तरह से अनुचित हस्तक्षेप” बताया है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि इससे यूके के आवास बाजार में निवेशक विश्वास को गंभीर नुकसान होगा।

RFA का अनुमान है कि पेंशन फंड ने आवासीय ग्राउंड रेंट में £15 बिलियन से अधिक का निवेश किया है, जिसे एक स्थिर, दीर्घकालिक और अनुमानित आय स्रोत के रूप में देखा जाता है। उन्होंने कहा है कि यूके ग्राउंड रेंट में कुल निवेश का मूल्य £30 बिलियन से अधिक है और सरकार को इस राशि के लिए निवेशकों को मुआवजा देना चाहिए। संस्थागत निवेशकों ने यह भी चेतावनी दी है कि पेशेवर जमींदार बाजार से बाहर निकल सकते हैं, जिससे महत्वपूर्ण भवन सुरक्षा और रखरखाव के काम अधूरे रह सकते हैं।

पिछले कानूनी सुधार

यह कदम पिछली कंजरवेटिव सरकार द्वारा शुरू किए गए सुधारों की अगली कड़ी है। 2022 में, टोरी सरकार ने एक लीजहोल्ड सुधार अधिनियम पारित किया था, जिसने नई-निर्मित संपत्तियों पर ग्राउंड रेंट को केवल पेप्परकॉर्न दरों पर निर्धारित करने की अनुमति दी थी। इसके बाद, 2024 के एक अन्य लीजहोल्ड अधिनियम ने किरायेदारों को अपने मानक पट्टों को 990 वर्षों तक बढ़ाने का अधिकार दिया, वह भी पेप्परकॉर्न दरों पर। लेबर सरकार का यह नया फैसला इन सुधारों को मौजूदा घरों और फ्लैटों पर भी लागू करके एक कदम और आगे ले जाता है।

सरकार ने उद्योग की चिंताओं को स्वीकार करते हुए कहा कि उसने संपत्ति के मूल्य को संरक्षित करने के लिए तत्काल पेप्परकॉर्न कैप लागू नहीं करने का फैसला किया। इसके बजाय, 40 साल की संक्रमण अवधि निवेशकों को समायोजन के लिए समय देगी।

यूके सरकार का मौजूदा संपत्तियों पर ग्राउंड रेंट को £250 तक सीमित करने का निर्णय पट्टेदारों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका उद्देश्य आवास को और अधिक किफायती बनाना है। हालांकि इस कदम से लाखों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन इसने निवेशक समुदाय में अपने पोर्टफोलियो के मूल्य और बाजार के भविष्य को लेकर चिंताएं भी बढ़ा दी हैं।

FAQs

ग्राउंड रेंट क्या है?

ग्राउंड रेंट वह शुल्क है जो एक पट्टेदार (leaseholder) अपनी संपत्ति के तहत भूमि के मालिक, यानी फ्रीहोल्डर (freeholder) को नियमित रूप से भुगतान करता है। यह किराया संपत्ति के रखरखाव या सेवा शुल्क से अलग होता है।

नए नियम के तहत ग्राउंड रेंट की सीमा क्या है?

नए नियम के तहत, मौजूदा संपत्तियों पर वार्षिक ग्राउंड रेंट की अधिकतम सीमा £250 निर्धारित की गई है। 40 वर्षों के बाद, यह किराया घटकर “पेप्परकॉर्न” या नाममात्र की राशि रह जाएगा।

इस फैसले से कितने लोगों को फायदा होने की उम्मीद है?

सरकार का अनुमान है कि इस फैसले से यूके में लगभग 770,000 से 900,000 पट्टेदारों को वित्तीय बचत होगी, खासकर उन्हें जो वर्तमान में £250 प्रति वर्ष से अधिक का भुगतान कर रहे हैं।

निवेशक इस फैसले का विरोध क्यों कर रहे हैं?

निवेशक, विशेष रूप से पेंशन फंड और संस्थागत निवेशक, इसका विरोध कर रहे हैं क्योंकि वे ग्राउंड रेंट को एक स्थिर आय स्रोत के रूप में देखते हैं। उन्हें डर है कि यह सीमा उनके संपत्ति पोर्टफोलियो के मूल्य को कम कर देगी और यूके के संपत्ति बाजार में भविष्य के निवेश को हतोत्साहित करेगी।

“पेप्परकॉर्न” रेंट का क्या मतलब है?

“पेप्परकॉर्न” रेंट एक कानूनी शब्द है जिसका उपयोग बहुत कम या प्रतीकात्मक किराए के लिए किया जाता है। इसका वास्तविक वित्तीय मूल्य लगभग शून्य होता है और यह दर्शाता है कि एक अनुबंध मौजूद है, लेकिन कोई महत्वपूर्ण किराया देय नहीं है।

यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।

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