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ब्रिक्स नई वैश्विक भुगतान प्रणाली की नींव रख रहा है

इस वर्ष के अंत में भारत में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार सम्मेलन का मुख्य केंद्रबिंदु सदस्य देशों की राष्ट्रीय डिजिटल मुद्राओं को जोड़ने वाली एक भुगतान प्रणाली के विकास पर होगा। यह कदम वैश्विक वित्तीय परिदृश्य को बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

समूह ने एक नई साझा मुद्रा लॉन्च करने जैसे प्रतीकात्मक इशारों के बजाय एक व्यावहारिक बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। इस रणनीति के तहत, एक ऐसी प्रणाली स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है जो सदस्य देशों के बीच व्यापार और लेनदेन को सुगम बना सके।

यह प्रस्तावित भुगतान प्रणाली सदस्य देशों को अपनी-अपनी राष्ट्रीय मुद्राओं का उपयोग करके एक-दूसरे के साथ सीधे व्यापार करने की अनुमति देगी। इस पहल को वैश्विक वित्त में अधिक संतुलन लाने और मौजूदा भुगतान प्रणालियों पर निर्भरता कम करने के एक व्यावहारिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।

भारत की मेजबानी और मुख्य एजेंडा

इस साल BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी भारत कर रहा है। सम्मेलन के महत्वपूर्ण एजेंडे में एक एकीकृत भुगतान प्रणाली की स्थापना सबसे ऊपर है। यह प्रणाली सदस्य देशों की सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) को एक-दूसरे से जोड़ने का काम करेगी, जिससे सीमा पार लेनदेन आसान और तेज हो सकेगा।

नई मुद्रा के बजाय भुगतान प्रणाली पर जोर

BRICS समूह ने एक नई साझा मुद्रा बनाने की महत्वाकांक्षी योजना के बजाय एक अधिक व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाया है। समूह का मानना है कि एक मजबूत और कुशल भुगतान प्रणाली का बुनियादी ढांचा तैयार करना वैश्विक वित्त को आकार देने में अधिक प्रभावशाली साबित होगा। यह रणनीति सदस्य देशों की मौद्रिक संप्रभुता को बनाए रखते हुए आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।

भुगतान प्रणाली का उद्देश्य

इस प्रस्तावित भुगतान प्रणाली का मुख्य उद्देश्य BRICS देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करना है। इसके माध्यम से, सदस्य देश आपसी व्यापार के लिए अपनी राष्ट्रीय डिजिटल मुद्राओं का उपयोग कर सकेंगे। इससे लेनदेन की लागत कम होने और प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। यह प्रणाली वैश्विक वित्तीय मंच पर समूह की स्थिति को मजबूत करने में भी सहायक होगी।

BRICS समूह, जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं, अब एक साझा भुगतान प्रणाली विकसित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। यह पहल भारत की मेजबानी में होने वाले आगामी शिखर सम्मेलन का एक प्रमुख विषय होगी, जहाँ सदस्य देश वैश्विक वित्तीय ढांचे में व्यावहारिक सुधारों पर चर्चा करेंगे।

FAQs

इस वर्ष BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी कौन कर रहा है?

इस वर्ष BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी भारत द्वारा की जाएगी।

सम्मेलन का मुख्य वित्तीय एजेंडा क्या है?

सम्मेलन का मुख्य वित्तीय एजेंडा सदस्य देशों की राष्ट्रीय डिजिटल मुद्राओं को आपस में जोड़ने के लिए एक एकीकृत भुगतान प्रणाली का निर्माण करना है।

क्या BRICS एक नई साझा मुद्रा लॉन्च कर रहा है?

नहीं, फिलहाल समूह का ध्यान एक नई साझा मुद्रा लॉन्च करने के बजाय एक व्यावहारिक भुगतान प्रणाली के बुनियादी ढांचे को विकसित करने पर केंद्रित है।

इस प्रस्तावित भुगतान प्रणाली का लक्ष्य क्या है?

इस प्रणाली का लक्ष्य सदस्य देशों के बीच सीमा पार लेनदेन को सरल, तेज और अधिक कुशल बनाना तथा मौजूदा अंतरराष्ट्रीय भुगतान नेटवर्क पर निर्भरता को कम करना है।

BRICS समूह में कौन-कौन से देश शामिल हैं?

BRICS के मूल सदस्यों में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। हाल के वर्षों में इस समूह का विस्तार हुआ है और इसमें कई नए सदस्य देश भी शामिल हुए हैं।

यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।

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