33.3 C
New Delhi
HomeDefence & Militaryबोस्निया संकट: अमेरिका के बिना यूरोप की पहली अग्निपरीक्षा
spot_img

बोस्निया संकट: अमेरिका के बिना यूरोप की पहली अग्निपरीक्षा

ट्रंप प्रशासन द्वारा बोस्नियाई सर्ब अलगाववादी नेता मिलोराड डोडिक पर से प्रतिबंध हटाने के फैसले ने पश्चिमी बाल्कन क्षेत्र में एक बड़े भू-राजनीतिक बदलाव का संकेत दिया है। अक्टूबर के अंत में लिए गए इस निर्णय ने यूरोप में चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि इससे बोस्निया और हर्जेगोविना में युद्ध के बाद स्थापित नाजुक शांति व्यवस्था के कमजोर होने का खतरा पैदा हो गया है।

लगभग तीस लाख की आबादी वाले इस पश्चिमी बाल्कन देश में 90 के दशक के विनाशकारी युद्ध की समाप्ति के बाद से ही एक तनावपूर्ण गतिरोध बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा लागू की गई एक जटिल प्रशासनिक व्यवस्था, जिसमें 15 संसद, तीन राष्ट्रपति और एक यूरोपीय शांति सेना शामिल है, ने देश को स्थिर तो रखा है, लेकिन विकास रुका हुआ है। 2004 से, यूरोपीय संघ का एक सैन्य बल ‘ऑपरेशन अल्थिया’ संयुक्त राष्ट्र के जनादेश के तहत यहां शांति बनाए हुए है।

अमेरिका की नीति में इस बदलाव के बाद, बोस्निया में अलगाववादी ताकतों को दशकों में सबसे अधिक प्रोत्साहन मिलने की आशंका है। 1995 के डेटन शांति समझौते के बाद यह पहली बार है कि वाशिंगटन और मास्को, दोनों ही डोडिक के मामले में एक ही पक्ष में खड़े दिखाई दे रहे हैं। डोडिक वही राष्ट्रवादी नेता हैं जिन्होंने लगभग दो दशकों तक अमेरिका की मध्यस्थता से हुए शांति समझौते को कमजोर करने का काम किया है।

अमेरिकी प्रतिबंधों का हटना और इसके कारण

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय ने 29 अक्टूबर, 2025 को डोडिक, उनके परिवार के सदस्यों और दर्जनों सहयोगियों को अपनी प्रतिबंध सूची से हटा दिया। यह उन दंडों को उलटने जैसा था जो वाशिंगटन ने पहले बोस्निया की क्षेत्रीय अखंडता और डेटन ढांचे को कमजोर करने के लिए लगाए थे।

यह निर्णय रिपब्लिका सर्पस्का के अधिकारियों द्वारा चलाए गए एक गहन लॉबिंग अभियान के बाद आया। इस अभियान के लिए ट्रंप के पुनः चुनाव के बाद रिपब्लिकन पार्टी से संबंध रखने वाली कई अमेरिकी फर्मों को काम पर रखा गया था, जिनमें बेकर एंड पोलियाकॉफ, टैक्टिक ग्लोबल और एमओ स्ट्रैटेजीज शामिल थीं। इन अनुबंधों का उद्देश्य रिपब्लिका सर्पस्का के अधिकारियों और ट्रंप प्रशासन के बीच संवाद को बढ़ावा देना था।

प्रतिबंधों में राहत के लिए लॉबिंग करने वालों में इलिनोइस के पूर्व गवर्नर रॉड ब्लागोजेविच, जिनकी जेल की सजा ट्रंप ने 2020 में कम कर दी थी, के साथ-साथ ट्रंप के सहयोगी माइकल फ्लिन और रूडी गिउलियानी भी शामिल थे। अमेरिकी विदेश विभाग ने इस कदम को “रचनात्मक कार्रवाइयों” की प्रतिक्रिया के रूप में वर्णित किया, जिसमें कुछ अलगाववादी कानूनों को रद्द करना और डोडिक का राजनीति से हटना शामिल था।

पृष्ठभूमि: डेटन शांति समझौता और बोस्निया

1995 का डेटन शांति समझौता वह ऐतिहासिक संधि थी जिसने 1992 से 1995 तक चले विनाशकारी बोस्नियाई युद्ध को समाप्त किया था। इस समझौते ने बोस्निया और हर्जेगोविना को दो मुख्य राजनीतिक इकाइयों में विभाजित करके एक जटिल राजनीतिक संरचना की स्थापना की: एक है रिपब्लिका सर्पस्का (जहां सर्ब बहुमत में हैं) और दूसरी है बोस्निया और हर्जेगोविना फेडरेशन (जहां मुख्य रूप से बोस्नियाक और क्रोएट रहते हैं)।

इस समझौते का उद्देश्य विभिन्न जातीय समूहों के बीच शक्ति संतुलन बनाना और शांति कायम रखना था। इसके तहत एक जटिल शासन प्रणाली बनाई गई जिसमें तीन-सदस्यीय राष्ट्रपति पद (एक बोस्नियाक, एक सर्ब और एक क्रोएट) और कई स्तरों पर सरकारें शामिल हैं। इसी नाजुक संतुलन को डोडिक की अलगाववादी बयानबाजी और कार्रवाइयों से खतरा माना जाता रहा है।

डोडिक की प्रतिक्रिया और अलगाववादी गतिविधियां

प्रतिबंध हटने के कुछ ही महीनों बाद, बांजा लुका में एक सैन्य-शैली की परेड आयोजित की गई। 9 जनवरी को हुए इस जश्न का इस्तेमाल डोडिक ने एक आक्रामक भाषण देने के लिए किया, जबकि बोस्निया की अदालतों ने इस आयोजन को असंवैधानिक होने के कारण प्रतिबंधित कर दिया था। अपने भाषण में उन्होंने कहा, “क्या वे सच में मानते हैं कि हम उनका पालन करेंगे? क्या वे सोचते हैं कि हम डर गए हैं? इतिहास डरपोकों का नहीं होता।”

जून 2025 में एक अदालत के फैसले के बाद रिपब्लिका सर्पस्का के अध्यक्ष पद से हटने और छह साल के लिए राजनीति से प्रतिबंधित होने के बावजूद, डोडिक ने प्रभावी रूप से क्षेत्र की राजनीति पर अपना नियंत्रण बनाए रखा है। उनकी सत्तारूढ़ एसएनएसडी पार्टी के उनके चुने हुए उम्मीदवार, सिनीसा करन ने नवंबर 2025 का विशेष चुनाव 50.39% वोट के साथ जीता। प्रतिबंधों में राहत पर अपनी सोशल मीडिया प्रतिक्रिया में, डोडिक ने ट्रंप को “एक गंभीर अन्याय को ठीक करने के लिए” धन्यवाद दिया।

रूस की भूमिका और यूरोपीय शांति मिशन

अमेरिका के इस कदम के साथ ही एक और आश्चर्यजनक घटनाक्रम हुआ। 30 अक्टूबर को, यानी प्रतिबंध हटाए जाने के ठीक एक दिन बाद, रूस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में यूरोपीय संघ बल अल्थिया (EUFOR Althea) के शांति मिशन के जनादेश को एक और वर्ष के लिए बढ़ाने के प्रस्ताव पर वीटो नहीं किया। परिषद ने सर्वसम्मति से इस प्रस्ताव को पारित कर दिया।

वोट से पहले यह आशंका थी कि मास्को मिशन के नवीनीकरण को रोक सकता है। हालांकि, रूसी प्रतिनिधियों ने बोस्निया में अंतरराष्ट्रीय निगरानी संस्था, उच्च प्रतिनिधि कार्यालय पर अपने मौखिक हमले जारी रखे, लेकिन सैन्य मिशन को आगे बढ़ने दिया। यूरोपीय संघ की विदेश मामलों की प्रमुख काजा कैलास ने स्थिति की गंभीरता को स्वीकार किया और कहा कि जनादेश अब एक और साल के लिए बढ़ा दिया गया है, लेकिन आगे क्या होगा यह एक सवाल है।

अमेरिकी नीति में बदलाव और यूरोप की चुनौती

सुरक्षा परिषद की बैठक में, अमेरिकी प्रतिनिधि ने “राष्ट्र निर्माण” का विरोध व्यक्त किया और बोस्निया के जातीय समूहों के बीच समझौते का आह्वान किया। यह डेटन समझौते के कार्यान्वयन पर लंबे समय से चली आ रही अमेरिकी द्विदलीय बयानबाजी से एक महत्वपूर्ण विचलन था। क्रोएशिया में अमेरिकी राजदूत निकोल मैकग्रा ने भी इस नीतिगत बदलाव की पुष्टि करते हुए कहा कि वाशिंगटन अब बोस्निया में “मजबूत हस्तक्षेप” नहीं कर रहा है और “स्थानीय समाधान और स्थानीय नेतृत्व” पर जोर दे रहा है।

वाशिंगटन में नीतिगत बदलाव ने यूरोपीय संघ को एक असहज स्थिति में डाल दिया है। अब वह बोस्निया के संवैधानिक व्यवस्था को बनाए रखने की कोशिश करने वाला प्राथमिक अंतरराष्ट्रीय अभिनेता बन गया है, लेकिन उसे वैसा अमेरिकी समर्थन प्राप्त नहीं है जैसा पिछले तीन दशकों से मिलता आया है। यूरोपीय संघ के सैन्य मिशन में वर्तमान में बोस्निया में लगभग 1,600 सैनिक हैं, जो सैन्य विशेषज्ञों द्वारा अनुशंसित लगभग 4,800 सैनिकों की संख्या से बहुत कम है।

अमेरिका द्वारा बोस्नियाई सर्ब नेता मिलोराड डोडिक पर से प्रतिबंध हटाने और रूस के साथ अप्रत्याशित रूप से समान रुख अपनाने से पश्चिमी बाल्कन में एक नई भू-राजनीतिक स्थिति पैदा हो गई है। इस बदलाव ने यूरोप पर क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने की जिम्मेदारी बढ़ा दी है, जबकि अमेरिकी नीति में बदलाव ने पुरानी व्यवस्था को चुनौती दी है।

FAQs

मिलोराड डोडिक कौन हैं?

मिलोराड डोडिक बोस्निया और हर्जेगोविना के भीतर सर्ब-बहुल इकाई, रिपब्लिका सर्पस्का के एक प्रमुख राष्ट्रवादी और अलगाववादी नेता हैं। वह लंबे समय से रिपब्लिका सर्पस्का को बोस्निया से अलग करने की वकालत करते रहे हैं।

डेटन शांति समझौता क्या है?

डेटन शांति समझौता 1995 में हस्ताक्षरित एक संधि है जिसने बोस्निया में 1992-1995 के युद्ध को समाप्त किया। इसने बोस्निया और हर्जेगोविना की वर्तमान राजनीतिक संरचना की स्थापना की, इसे दो मुख्य इकाइयों में विभाजित किया: रिपब्लिका सर्पस्का और बोस्निया और हर्जेगोविना फेडरेशन।

अमेरिका ने डोडिक पर से प्रतिबंध क्यों हटाए?

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने आधिकारिक तौर पर कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया। हालांकि, विदेश विभाग ने इसे डोडिक द्वारा की गई “रचनात्मक कार्रवाइयों” की प्रतिक्रिया बताया। यह फैसला रिपब्लिका सर्पस्का द्वारा की गई एक गहन लॉबिंग अभियान के बाद आया।

EUFOR अल्थिया मिशन की क्या भूमिका है?

EUFOR अल्थिया यूरोपीय संघ के नेतृत्व वाला एक सैन्य शांति मिशन है जो संयुक्त राष्ट्र के जनादेश के तहत बोस्निया और हर्जेगोविना में तैनात है। इसका मुख्य कार्य एक सुरक्षित और स्थिर वातावरण बनाए रखना और डेटन शांति समझौते के कार्यान्वयन का समर्थन करना है।

इस घटनाक्रम का पश्चिमी बाल्कन पर क्या प्रभाव पड़ सकता है?

इस घटनाक्रम से क्षेत्र में अलगाववादी ताकतों को बढ़ावा मिल सकता है, जिससे बोस्निया और हर्जेगोविना की नाजुक शांति और स्थिरता को खतरा हो सकता है। यह यूरोपीय संघ के लिए भी एक बड़ी चुनौती है, जिसे अब अमेरिकी नीति में बदलाव के बीच स्थिति को संभालना होगा।

यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।

spot_img
spot_img

latest articles

explore more

spot_img
spot_img
0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x