भारतीय लेग-स्पिनर रवि बिश्नोई ने लगभग एक साल बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करते हुए शानदार प्रदर्शन किया है। एक समय पर टी20 विश्व कप की योजनाओं का अहम हिस्सा रहे बिश्नोई, खराब फॉर्म के कारण टीम से बाहर हो गए थे। हालांकि, हाल ही में खेले गए एक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में उन्होंने अपनी पुरानी लय हासिल करते हुए अपनी दावेदारी फिर से मजबूत की है।
IPL में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद, बिश्नोई ने अपनी गेंदबाजी पर कड़ी मेहनत की। उन्होंने अपने बचपन के कोचों के साथ मिलकर अपनी तकनीकी खामियों को दूर किया और अपनी गेंदबाजी एक्शन में सुधार किया। इस मेहनत का असर उनके हालिया प्रदर्शन में साफ दिखाई दिया, जहाँ उन्होंने किफायती गेंदबाजी करते हुए महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए।
यह वापसी बिश्नोई के दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत का परिणाम है। ऑफ-सीजन के दौरान उन्होंने जोधपुर में अपनी अकादमी में घंटों अभ्यास किया, जिसका फल उन्हें घरेलू क्रिकेट और फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिला। भले ही वह अभी भी टी20 विश्व कप टीम में पहली पसंद नहीं हैं, लेकिन उनका फॉर्म भारतीय टीम के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
हालिया टी20 मैच में प्रदर्शन
रविवार को एक साल बाद अपना पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलते हुए रवि बिश्नोई ने बेहतरीन गेंदबाजी की। उन्होंने अपने चार ओवरों में सिर्फ 18 रन देकर ग्लेन फिलिप्स और मार्क चैपमैन के महत्वपूर्ण विकेट लिए। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने उनका इस्तेमाल चार अलग-अलग स्पेल में किया, जिसमें एक ओवर पावरप्ले के दौरान भी था। उनके इस प्रदर्शन ने दिखाया कि उन्होंने अपनी पुरानी लय और धार वापस पा ली है।
IPL के बाद की कड़ी मेहनत
IPL सीजन में लखनऊ सुपरजायंट्स के लिए निराशाजनक प्रदर्शन के बाद, बिश्नोई सीधे अपने गृहनगर जोधपुर चले गए। वहाँ उन्होंने अपने बचपन के कोच शाहरुख खान और प्रद्योत सिंह राठौर के साथ अपनी गेंदबाजी पर काम करना शुरू किया। वह दिन में लगभग आठ घंटे अभ्यास करते थे, जिसमें सुबह और शाम के चार-चार घंटे के सत्र शामिल थे। उनके कोच शाहरुख के अनुसार, बिश्नोई कुछ बदलाव करने और अपनी बल्लेबाजी पर भी काम करने के लिए बहुत दृढ़ थे।
तकनीकी खामियों की पहचान और सुधार
IPL के दौरान, जब बिश्नोई ने 11 मैचों में 10.84 की इकॉनमी से सिर्फ 9 विकेट लिए थे, उनके कोचों ने उनकी गेंदबाजी में कुछ खामियां देखीं। उनके कोच शाहरुख ने बताया कि बिश्नोई का रन-अप सीधा हो गया था और गेंद फेंकते समय उनका गैर-गेंदबाजी हाथ बहुत सीधा हो रहा था। वह क्रीज का सही इस्तेमाल भी नहीं कर पा रहे थे। इन तकनीकी खामियों के कारण उनकी लेग-स्पिन प्रभावित हो रही थी, हालांकि उनकी गुगली अभी भी सटीक थी। जोधपुर में अभ्यास के दौरान इन्हीं गलतियों को सुधारने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
घरेलू क्रिकेट में दिखा बदलाव
कड़ी मेहनत के बाद जब घरेलू सीजन शुरू हुआ, तो बिश्नोई की गेंदबाजी में सुधार साफ नजर आया। उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (SMAT) के 7 मैचों में 9 विकेट और विजय हजारे ट्रॉफी में भी इतने ही मैचों में 12 विकेट लिए। विजय हजारे ट्रॉफी में दिल्ली के खिलाफ एक मैच में उन्होंने आयुष बडोनी को एक ऐसी गेंद पर आउट किया जो मिडिल स्टंप पर टप्पा खाकर ऑफ स्टंप से जा टकराई। इस गेंद को बिश्नोई ने लेग स्पिनर के लिए एक “ड्रीम बॉल” बताया था। उनके कोच के अनुसार, अब उनके रिलीज पॉइंट में सुधार हुआ है, जिससे उनकी लेग-ब्रेक और गुगली दोनों प्रभावी हो गई हैं।
भारतीय टीम में भविष्य की संभावनाएं
वर्तमान में, भारतीय टी20 टीम में स्पिनरों के लिए पहली पसंद कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती हैं, जिसके कारण बिश्नोई को इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि, उनका हालिया फॉर्म और कड़ी मेहनत के बाद गेंदबाजी में आया सुधार टीम प्रबंधन के लिए एक अच्छा संकेत है। यह निश्चित है कि जरूरत पड़ने पर रवि बिश्नोई टीम में अपनी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
FAQs
रवि बिश्नोई ने हालिया टी20 मैच में कैसा प्रदर्शन किया?
रवि बिश्नोई ने अपने 4 ओवर के स्पेल में केवल 18 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए, जिसमें ग्लेन फिलिप्स और मार्क चैपमैन शामिल थे।
बिश्नोई ने अपनी गेंदबाजी में सुधार के लिए क्या किया?
IPL के बाद, बिश्नोई ने अपने गृहनगर जोधपुर में अपने बचपन के कोचों के साथ मिलकर अपनी तकनीकी खामियों, विशेषकर रन-अप और रिलीज पॉइंट पर काम किया।
IPL में बिश्नोई का प्रदर्शन कैसा रहा था?
IPL में लखनऊ सुपरजायंट्स के लिए खेलते हुए, बिश्नोई ने 11 मैचों में 44.56 की औसत और 10.84 की इकॉनमी से केवल 9 विकेट लिए थे।
बिश्नोई की गेंदबाजी की मुख्य ताकत क्या है?
रवि बिश्नोई अपनी गुगली और तेज स्लाइडर्स के लिए जाने जाते हैं, जो टी20 प्रारूप में बल्लेबाजों के लिए बहुत मुश्किल साबित होती हैं।
क्या बिश्नोई टी20 विश्व कप टीम का हिस्सा हैं?
फिलहाल, रवि बिश्नोई टी20 विश्व कप के लिए चुनी गई मुख्य टीम का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन उन्हें एक रिजर्व खिलाड़ी के तौर पर देखा जा रहा है।
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