बेंगलुरु में एक बड़े अंतर-राज्यीय ड्रग तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान लगभग 4 करोड़ रुपये मूल्य के नशीले पदार्थ जब्त किए गए, जिनमें हाइड्रो गांजा, एलएसडी स्ट्रिप्स, एमडीएमए और चरस शामिल हैं। यह गिरोह थाईलैंड से नशीले पदार्थों की तस्करी कर बेंगलुरु में बेचता था।
अमृताहल्ली पुलिस ने यह कार्रवाई 19 जनवरी को मिली एक गुप्त सूचना के आधार पर शुरू की थी। सूचना में बताया गया था कि जक्कूर रेलवे ट्रैक के पास कुछ लोग अवैध रूप से नशीले पदार्थ बेच रहे हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर चार लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें कर्नाटक के बाहर के संदिग्ध भी शामिल थे।
जांच के दौरान पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ और सिलसिलेवार गिरफ्तारियां की गईं। पुलिस ने खुलासा किया है कि यह गिरोह तस्करी के लिए कैरियर का इस्तेमाल करता था, जिन्हें हवाई यात्रा और अन्य खर्चों के लिए पैसे दिए जाते थे। पुलिस अब इस गिरोह के सरगना की तलाश कर रही है।
पुलिस की सिलसिलेवार कार्रवाई
पुलिस की कार्रवाई 19 जनवरी को जक्कूर रेलवे ट्रैक के पास शुरू हुई, जहां से चार आरोपियों को 1 किलो हाइड्रो गांजा, 50 ग्राम एमडीएमए, 500 ग्राम चरस, 8 किलो गांजा और छह मोबाइल फोन के साथ पकड़ा गया। 20 जनवरी को अमृताहल्ली पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया और आरोपियों को आठ दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
उनकी निशानदेही पर उसी दिन कनकपुरा रोड के पास से पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। 21 जनवरी को जीकेवीके परिसर में एक और ऑपरेशन में 2 किलो हाइड्रो गांजा, एक कार, आठ मोबाइल फोन और ₹36,000 नकद जब्त किए गए। इसके बाद 22 जनवरी को मैसूर रोड पर सैटेलाइट बस स्टैंड के पास से एक अन्य आरोपी को 500 एलएसडी स्ट्रिप्स और 2 किलो गांजे के साथ गिरफ्तार किया गया।
कुल जब्त की गई सामग्री
सभी 10 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद, पुलिस ने कुल जब्त सामग्री का ब्योरा दिया है। इसमें 3 किलो हाइड्रो गांजा, 50 ग्राम एमडीएमए, 500 ग्राम चरस, फोटो फ्रेम में छिपाई गई 500 एलएसडी स्ट्रिप्स, 10 किलो गांजा, दो कारें, 14 मोबाइल फोन और ₹36,000 नकद शामिल हैं। सभी आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
तस्करी का अंतरराष्ट्रीय तरीका
पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी थाईलैंड से हाइड्रो गांजा मंगवाते थे। इसके लिए वे ऐसे लोगों का इस्तेमाल करते थे जो पैसों के बदले ड्रग्स लाने का काम करते थे, जिन्हें ‘म्यूल्स’ या कैरियर कहा जाता है। इन कैरियर को यात्रा खर्च के लिए ₹30,000 और कुछ पॉकेट मनी दी जाती थी।
ड्रग्स को चेक-इन बैगेज में छिपाकर लाया जाता था ताकि हवाई अड्डों पर सीमित जांच का फायदा उठाया जा सके। ड्रग्स की सफल डिलीवरी पर कैरियर को 2 लाख रुपये का बोनस देने का वादा किया जाता था। इन कैरियर में मैकेनिक, ड्राइवर, छात्र और इंजीनियरिंग स्नातक जैसे लोग शामिल थे।
नेटवर्क का संचालन और स्थानीय वितरण
यह नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से काम करता था। एयरपोर्ट पर ड्रग्स लेने वाले लोग व्हाट्सएप पर भेजी गई तस्वीरों के जरिए कैरियर की पहचान करते थे। कैरियर और रिसीवर व्यक्तिगत रूप से एक-दूसरे को नहीं जानते थे।
ड्रग्स मिलने के बाद, इसे स्थानीय पैडलर्स में बांट दिया जाता था, जिनके इलाके पहले से तय होते थे। पुलिस ने बताया कि अगर कोई पैडलर दूसरे के इलाके में घुसने की कोशिश करता था, तो उनके बीच हिंसक झड़पें होती थीं। ऐसी ही घटनाओं में दो पैडलर घायल भी हुए थे।
पुलिस का आधिकारिक बयान
बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त सीमंत कुमार सिंह ने कहा कि पुलिस ने कैरियर और पैडलर्स के इस नेटवर्क को सफलतापूर्वक तोड़ दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि गिरोह के सरगना का पता लगाने और उसे गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।
इस सफल ऑपरेशन में पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है, जो बेंगलुरु शहर में नशीले पदार्थों की आपूर्ति कर रहा था। सभी 10 गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और मामले की आगे की जांच चल रही है।
FAQs
बेंगलुरु में जब्त किए गए ड्रग्स की कुल कीमत क्या है?
पुलिस द्वारा जब्त किए गए नशीले पदार्थों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 4 करोड़ रुपये है।
इस मामले में कुल कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है?
इस अंतर-राज्यीय ड्रग तस्करी रैकेट के संबंध में पुलिस ने कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया है।
हाइड्रो गांजा किस देश से मंगवाया जा रहा था?
जांच के अनुसार, आरोपी हाइड्रो गांजा की तस्करी थाईलैंड से कर रहे थे।
तस्कर ड्रग्स को हवाई अड्डे से कैसे बाहर निकालते थे?
तस्कर कैरियर का इस्तेमाल करते थे जो ड्रग्स को अपने चेक-इन बैगेज में छिपाकर लाते थे, ताकि हवाई अड्डे पर सीमित स्क्रीनिंग का फायदा उठाया जा सके।
पुलिस के अनुसार अब आगे की क्या कार्रवाई होगी?
पुलिस के अनुसार, कैरियर और पैडलर्स का नेटवर्क तोड़ दिया गया है और अब इस गिरोह के मुख्य सरगना का पता लगाकर उसे गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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