केंद्रीय बजट 2026 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 1 फरवरी को पेश किया जाएगा। यह भारत सरकार का वार्षिक वित्तीय विवरण होता है, जिसमें आने वाले वित्तीय वर्ष के लिए सरकार की अनुमानित आय और व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया जाता है। इस बजट के माध्यम से देश की आर्थिक नीतियों की दिशा तय की जाती है।
परंपरागत रूप से बजट हर साल 1 फरवरी को ही प्रस्तुत होता है, लेकिन इस बार 1 फरवरी को रविवार का दिन है, जो इस अवसर को एक दुर्लभ मौका बनाता है। यह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत किया जाने वाला नौवां लगातार पूर्ण बजट होगा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने एक अंतरिम बजट भी पेश किया है।
इस वर्ष के बजट को एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है, जहां सरकार को राजकोषीय विवेक बनाए रखने और विकास, रोजगार और वैश्विक स्थिति के लिए आवश्यक रणनीतिक प्रोत्साहन प्रदान करने के बीच संतुलन साधना होगा। इस विशेष दिन पर शेयर बाजारों के खुले रहने की भी घोषणा की गई है।
बजट 2026 की तारीख और समय
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026, रविवार को सुबह 11 बजे संसद के दोनों सदनों के समक्ष केंद्रीय बजट पेश करेंगी। यह एक ऐसी दुर्लभ घटना है जब बजट भाषण सप्ताहांत पर दिया जा रहा है, जिसने निवेशकों और आम जनता के बीच समान रूप से उत्सुकता बढ़ा दी है।
बजट 2026 से प्रमुख उम्मीदें
इस बजट से विभिन्न क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण घोषणाओं की उम्मीद की जा रही है। उद्योग जगत 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए और सरलीकृत आयकर अधिनियम, 2025 के लिए संक्रमणकालीन प्रावधानों, नियमों और स्पष्टीकरण की रूपरेखा की अपेक्षा कर रहा है। व्यक्तियों को पुरानी कर व्यवस्था से नई आयकर व्यवस्था में स्थानांतरित होने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु मानक कटौती में बढ़ोतरी की भी उम्मीद है।
स्रोत पर कर कटौती (TDS) की श्रेणियों को युक्तिसंगत बनाकर कम दरों और स्लैब में समेकित करने की अपेक्षा है। इसके अलावा, सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) में बड़े सुधार की उम्मीद है, जिसमें कर स्लैब को कम करना और विवादों में फंसे 1.53 लाख करोड़ रुपये को निकालने के लिए एक माफी योजना शामिल है। कारोबारी सुगमता को बढ़ावा देने के लिए प्रक्रियात्मक सरलीकरण पर भी ध्यान केंद्रित किया जा सकता है।
सरकार से वित्तीय वर्ष 27 से भारत के ऋण-से-जीडीपी अनुपात को कम करने पर ध्यान केंद्रित करने, बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों को देखते हुए रक्षा बजट में वृद्धि करने और 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप राज्यों को कर हस्तांतरण का प्रावधान करने की उम्मीद है। साथ ही, 1 जनवरी 2026 से प्रभावी हुए 8वें वेतन आयोग के लिए भी प्रावधान किए जाने की अपेक्षा है।
अन्य प्रमुख उम्मीदों में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) योजना के लिए आवंटन शामिल है, जिसकी लागत केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 के अनुपात में साझा की जाएगी। एमएसएमई और रत्न एवं आभूषण, परिधान और चमड़े जैसे टैरिफ-संवेदनशील क्षेत्रों के लिए प्रोत्साहन और लिथियम, कोबाल्ट जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के अन्वेषण और प्रसंस्करण के लिए धन मुहैया कराने पर भी ध्यान दिया जा सकता है।
बजट के दिन शेयर बाजार का संचालन
बजट रविवार को पेश किए जाने के कारण निवेशकों के बीच इस बात को लेकर अनिश्चितता थी कि शेयर बाजार उस दिन बंद रहेंगे या नहीं। इस अनिश्चितता को दूर करते हुए, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) ने घोषणा की है कि 1 फरवरी, रविवार को इक्विटी बाजार ट्रेडिंग के लिए खुले रहेंगे।
प्रमुख स्टॉक एक्सचेंजों द्वारा जारी एक सर्कुलर के अनुसार, केंद्रीय बजट की प्रस्तुति के कारण 1 फरवरी 2026 को मानक बाजार समय के अनुसार एक लाइव ट्रेडिंग सत्र आयोजित किया जाएगा। प्री-ओपन बाजार सुबह 9 बजे शुरू होगा और 9:08 बजे समाप्त होगा, जबकि सामान्य बाजार सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे के बीच काम करेगा।
केंद्रीय बजट 2026, जो 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया जाएगा, करदाताओं, उद्योगों और निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं लेकर आने की उम्मीद है। इस दुर्लभ रविवार प्रस्तुति के लिए, शेयर बाजारों ने भी एक पूर्ण कारोबारी सत्र आयोजित करने का निर्णय लिया है।
FAQs
केंद्रीय बजट 2026 कब पेश किया जाएगा?
केंद्रीय बजट 2026 रविवार, 1 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे पेश किया जाएगा।
इस बार का बजट कौन पेश करेगा?
इस वर्ष का केंद्रीय बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा।
क्या बजट के दिन शेयर बाजार खुला रहेगा?
हाँ, बजट प्रस्तुति के कारण 1 फरवरी, रविवार को प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज सामान्य कारोबारी घंटों (सुबह 9:15 से दोपहर 3:30) के लिए खुले रहेंगे।
आयकर से संबंधित प्रमुख उम्मीदें क्या हैं?
आयकर से संबंधित उम्मीदों में नए आयकर अधिनियम के लिए संक्रमणकालीन नियम, मानक कटौती में वृद्धि और टीडीएस दरों का सरलीकरण शामिल है।
यह निर्मला सीतारमण का कौन सा बजट होगा?
यह वित्त मंत्री के रूप में निर्मला सीतारमण का नौवां लगातार पूर्ण केंद्रीय बजट होगा।
यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।


