कोलकाता के दक्षिण 24 परगना जिले में सोमवार तड़के लगी भीषण आग में छह लोगों के लापता होने की खबर है। पुलिस के अनुसार, यह आग नजीराबाद इलाके में स्थित दो गोदामों में लगी, जो पूरी तरह से जलकर खाक हो गए। घटना के बाद से ही इलाके में अफरातफरी का माहौल है।
अधिकारियों ने बताया कि आग सुबह करीब 3 बजे एक गोदाम में लगी और जल्द ही पास के दूसरे गोदाम तक फैल गई। दमकल की कई गाड़ियों को मौके पर भेजा गया और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। लापता हुए कुछ लोगों ने आग में फंसने के बाद अपने परिवार वालों को फोन भी किया था, जिसके बाद से उनका कोई संपर्क नहीं हो पाया है।
इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा के नियमों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बंगाल के बिजली मंत्री अरूप बिस्वास ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। बचाव और राहत कार्य अभी भी जारी है और अधिकारी लापता लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।
घटना का विवरण
पुलिस और अग्निशमन अधिकारियों के अनुसार, आग सोमवार तड़के लगभग 3 बजे लगी। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उन्होंने एक गोदाम को अपनी चपेट में लेने के बाद पास के दूसरे गोदाम को भी जला दिया। बताया गया है कि इनमें से एक गोदाम फास्ट-फूड श्रृंखला का था, जबकि दूसरा एक डेकोरेटर का था। दमकल कर्मियों ने संवाददाताओं को बताया कि दोनों गोदामों में ज्वलनशील सामान रखा हुआ था, जिससे आग तेजी से फैली।
आधिकारिक कार्रवाई और बचाव अभियान
आग की सूचना मिलते ही दमकल की बारह गाड़ियों को तुरंत मौके पर भेजा गया। एक अग्निशमन विभाग के अधिकारी के अनुसार, आग पर दोपहर करीब 1 बजे तक काबू पा लिया गया था, लेकिन गोदामों के हर हिस्से में आग की लपटों को पूरी तरह से बुझाने का काम अभी भी जारी है। जब तक आग पूरी तरह से बुझ नहीं जाती और मलबा ठंडा नहीं हो जाता, तब तक अंदर जाकर तलाशी अभियान शुरू करना मुश्किल है।
लापता लोगों की जानकारी
बंगाल के बिजली मंत्री अरूप बिस्वास ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद बताया कि इस घटना में छह लोग लापता हैं। उन्होंने कहा, “मैंने परिवारों से बात की है। दमकल की गाड़ियां अभी भी काम कर रही हैं। जब तक आग पूरी तरह से बुझ नहीं जाती और दमकलकर्मी अंदर नहीं जाते, हम यह नहीं कह पाएंगे कि क्या हुआ है।”
लापता लोगों में से एक पंकज हलदर के ससुर आलोक नस्कर ने बताया, “मेरे दामाद ने मुझे फोन किया और कहा कि जिस गोदाम में वह काम करता था, उसमें आग लग गई है और वह तीन अन्य लोगों के साथ फंस गया है। उसने यह भी कहा कि वे बाहर निकलने के लिए एक दीवार तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। जब मैंने उसे वापस फोन करने की कोशिश की, तो उसका मोबाइल फोन बंद था।”
राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस घटना पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) की आलोचना की है। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा, “आग कौन बुझाएगा? राज्य सरकार छुट्टी पर है। यह गणतंत्र दिवस है। पूर्वी मिदनापुर जिले के मोयना का एक व्यक्ति भी लापता है।”
यह घटना सामने आने के बाद औद्योगिक इकाइयों और गोदामों में अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर बहस फिर से शुरू हो गई है। ऐसे व्यावसायिक स्थानों पर ज्वलनशील पदार्थों के भंडारण के लिए सख्त दिशा-निर्देश होते हैं, जिनका पालन सुनिश्चित करना स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी होती है।
आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन छह लोगों के लापता होने से चिंता बनी हुई है। अग्निशमन विभाग के कर्मचारी मलबा हटाने और कूलिंग ऑपरेशन में जुटे हुए हैं, जिसके बाद ही लापता लोगों की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।
FAQs
आग कहाँ और कब लगी?
आग कोलकाता के दक्षिण 24 परगना जिले के नजीराबाद इलाके में सोमवार तड़के करीब 3 बजे लगी।
इस घटना में कितने लोग लापता हैं?
पुलिस और राज्य के मंत्री के अनुसार, इस आग में कुल छह लोग लापता हैं।
अग्निशमन विभाग ने क्या कार्रवाई की?
अग्निशमन विभाग ने आग बुझाने के लिए दमकल की 12 गाड़ियां मौके पर भेजीं। दोपहर 1 बजे तक आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन कूलिंग का काम अभी भी जारी है।
गोदामों में किस तरह का सामान रखा हुआ था?
एक गोदाम फास्ट-फूड श्रृंखला का था और दूसरा एक डेकोरेटर का। अधिकारियों के अनुसार, दोनों गोदामों में ज्वलनशील सामान संग्रहीत था।
क्या किसी अधिकारी ने घटनास्थल का दौरा किया?
हाँ, बंगाल के बिजली मंत्री अरूप बिस्वास ने घटनास्थल का दौरा किया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की।
यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।


