पेरिस नौसेना सम्मेलन 2026 का आयोजन 2 और 3 फरवरी को पेरिस में किया जाएगा, जिसकी मेजबानी फ्रांसीसी नौसेना और फ्रेंच इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल रिलेशंस (Ifri) करेंगे। यह चौथा संस्करण होगा और इसका आयोजन पेरिस के राष्ट्रीय नौसेना संग्रहालय में होगा। इस दो दिवसीय कार्यक्रम का मुख्य विषय नौसैनिक पुनर्शस्त्रीकरण और विवादित जल क्षेत्रों में संचालन होगा।
इस सम्मेलन में नाटो देशों के वरिष्ठ नौसेना अधिकारी भाग लेंगे। यह सम्मेलन समुद्री सुरक्षा में आ रहे बदलावों पर केंद्रित है। शीत युद्ध की समाप्ति के बाद से, पश्चिमी नौसेनाओं को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में काफी हद तक निर्विरोध पहुंच प्राप्त थी, लेकिन अब यह स्थिति बदल रही है क्योंकि प्रतिद्वंद्वी शक्तियां अपने बेड़े का विस्तार कर रही हैं।
सम्मेलन का उद्देश्य इन नई चुनौतियों का समाधान खोजना और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा करना है। इसमें हाल की घटनाओं, जैसे कि लाल सागर में उत्पन्न हुईं स्थितियों से सीखे गए सबक पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा, जो लंबे समय तक चलने वाले संघर्षों में नौसैनिक अभियानों को बनाए रखने की चुनौतियों को उजागर करती हैं।
सम्मेलन का एजेंडा और मुख्य विषय
इस सम्मेलन के एजेंडे में चार प्रमुख पैनल चर्चाएं शामिल हैं। ये पैनल नौसैनिक टकराव, यूरोपीय रक्षा औद्योगिक क्षमता, विवादित वातावरण में हवा-समुद्र की श्रेष्ठता और महत्वपूर्ण समुद्री बुनियादी ढांचे की सुरक्षा जैसे विषयों को कवर करेंगे। समुद्री अवसंरचना की सुरक्षा में पानी के नीचे केबल्स और पाइपलाइनों की सुरक्षा भी शामिल है, जो वैश्विक संचार और अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं।
इसके अलावा, एक अलग सत्र में लंबे समय तक चलने वाले संघर्षों के दौरान नौसैनिक अभियानों को बनाए रखने की चुनौती पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। लाल सागर में हाल की घटनाओं ने इस विषय के महत्व को और बढ़ा दिया है। यूरोपीय नौसैनिक पुनर्शस्त्रीकरण पर फ्रांसीसी रक्षा खरीद एजेंसी की जनरल मैरी डेविड भी संबोधित करेंगी। रक्षा क्षेत्र से जुड़ी नवीनतम जानकारियों के लिए आप PaisaMag.com पर जा सकते हैं।
प्रमुख वक्ता और भागीदार
सम्मेलन में कई उच्च-स्तरीय सैन्य अधिकारी भाग लेंगे। रॉयल नेवी के फर्स्ट सी लॉर्ड, जनरल सर ग्विन जेनकिंस, फ्रांसीसी नौसेना के चीफ ऑफ स्टाफ एडमिरल निकोलस वाउजौर, अमेरिकी नौसेना के एडमिरल डेरिल कॉडल, मरीना मिलिटारे के एडमिरल ग्यूसेप बेरुट्टी बर्गोट्टो और रॉयल नीदरलैंड्स नेवी के वाइस-एडमिरल हेरोल्ड लिब्रेग्स ‘एयर-सी सुपीरियरिटी’ पर एक पैनल में शामिल होंगे।
दूसरे दिन, फ्रांसीसी चीफ ऑफ द डिफेंस स्टाफ, जनरल फैबियन मैंडन उद्घाटन भाषण देंगे। उद्योग जगत के प्रतिनिधि भी इस सम्मेलन का हिस्सा होंगे, जिनमें MBDA France, Thales और EXAIL जैसी प्रमुख रक्षा कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हैं, जो रक्षा खरीद से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा करेंगे।
समय और भागीदारी की जानकारी
यह सम्मेलन 2 फरवरी को दोपहर 14:00 बजे से 18:00 बजे तक और 3 फरवरी को सुबह 10:40 बजे से शाम 18:00 बजे तक चलेगा। सत्रों का संचालन अंग्रेजी और फ्रेंच दोनों भाषाओं में होगा, और साथ-ही-साथ अनुवाद की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से उपस्थिति केवल निमंत्रण पर आधारित है। हालांकि, इच्छुक व्यक्ति Zoom के माध्यम से दूरस्थ रूप से भी इसमें भाग ले सकते हैं। ऑनलाइन और व्यक्तिगत दोनों तरह की उपस्थिति के लिए पंजीकरण अनिवार्य है। प्रेस मान्यता के लिए Ifri के माध्यम से अनुरोध किया जा सकता है।
यह सम्मेलन बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच नौसैनिक रणनीतियों और रक्षा क्षमताओं पर चर्चा करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा। इसमें भाग लेने वाले वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग विशेषज्ञ समुद्री सुरक्षा के भविष्य को आकार देने वाले प्रमुख मुद्दों पर अपने विचार साझा करेंगे।
FAQs
यह सम्मेलन कब और कहाँ आयोजित किया जाएगा?
चौथा पेरिस नौसेना सम्मेलन 2-3 फरवरी, 2026 को पेरिस के राष्ट्रीय नौसेना संग्रहालय में आयोजित किया जाएगा।
इस सम्मेलन का आयोजन कौन कर रहा है?
इस सम्मेलन का सह-आयोजन फ्रांसीसी नौसेना और फ्रेंच इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल रिलेशंस (Ifri) द्वारा किया जा रहा है।
सम्मेलन का मुख्य विषय क्या है?
सम्मेलन का मुख्य फोकस “नौसैनिक पुनर्शस्त्रीकरण और विवादित जल में संचालन” है, जिसमें आधुनिक समुद्री सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा होगी।
सम्मेलन में कौन-कौन से प्रमुख देश भाग ले रहे हैं?
प्रदान की गई जानकारी के अनुसार, इस सम्मेलन में मुख्य रूप से नाटो देशों के वरिष्ठ नौसेना अधिकारी भाग लेंगे, जिनमें फ्रांस, यूके, अमेरिका, इटली और नीदरलैंड्स शामिल हैं।
सम्मेलन में भाग कैसे लिया जा सकता है?
सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से उपस्थिति केवल निमंत्रण द्वारा संभव है। हालांकि, पंजीकरण के बाद Zoom के माध्यम से ऑनलाइन भाग लिया जा सकता है।
यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।


