संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रमुख सैन्य प्रतिष्ठान ड्रोन हमलों से असुरक्षित हैं, जबकि नीतियां इसके विपरीत अनिवार्य करती हैं। यह चेतावनी पेंटागन के एक निगरानी निकाय की रिपोर्ट में दी गई है। इस गंभीर सुरक्षा चूक का मुख्य कारण नौकरशाही भ्रम प्रतीत होता है, जिसके कारण यह स्पष्ट नहीं है कि किन सैन्य ठिकानों को ड्रोन-रोधी सुरक्षा के दायरे में रखा जाना चाहिए।
रक्षा विभाग के महानिरीक्षक की 20 जनवरी की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस भ्रम के परिणामस्वरूप मानव रहित हवाई प्रणालियों (ड्रोन) के खिलाफ रक्षा में गंभीर खामियां हैं। यह स्थिति उन प्रतिष्ठानों में भी है, जहां पहले भी कई बार ड्रोन घुसपैठ की घटनाएं हो चुकी हैं। यह भेद्यता अमेरिकी सैन्य संपत्ति और कर्मियों के लिए एक महत्वपूर्ण जोखिम पैदा करती है।
रिपोर्ट में एक चौंकाने वाला उदाहरण एरिजोना में स्थित ल्यूक एयर फोर्स बेस का दिया गया है। यह वह स्थान है जहां दुनिया के 75 प्रतिशत F-35 पायलटों को प्रशिक्षण दिया जाता है, लेकिन इसे ड्रोन-रोधी सुरक्षा के लिए “कवर की गई सुविधा या संपत्ति” के रूप में नामित नहीं किया गया है। यह खामी अमेरिकी कानून में मौजूद एक कमी को उजागर करती है जो प्रशिक्षण ठिकानों को अनिवार्य सुरक्षा सूची से बाहर रखती है।
यह स्थिति तब और चिंताजनक हो जाती है जब यूक्रेन द्वारा रूस के अंदरूनी हिस्सों में हवाई ठिकानों पर ड्रोन से किए गए हमलों पर विचार किया जाता है। विशेषज्ञों को डर है कि यदि दुश्मन देश में इस तरह के हमले हो सकते हैं, तो आतंकवादी या अन्य विरोधी ताकतें अमेरिका में भी इसी तरह की रणनीति अपना सकती हैं, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को सीधा खतरा हो सकता है।
पेंटागन रिपोर्ट का खुलासा
रक्षा विभाग (DOD) के महानिरीक्षक (IG) द्वारा जारी एक रिपोर्ट ने संयुक्त राज्य अमेरिका में सैन्य ठिकानों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं जताई हैं। रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कई प्रमुख सैन्य ठिकाने ड्रोन हमलों के खिलाफ असुरक्षित हैं। यह भेद्यता मौजूदा नीतियों के बावजूद है जो ड्रोन-रोधी रक्षा प्रणालियों की तैनाती को अनिवार्य करती हैं। रिपोर्ट के अनुसार, समस्या का मूल कारण यह तय करने में नौकरशाही स्तर पर भ्रम है कि किन सुविधाओं को ड्रोन सुरक्षा कवच प्रदान किया जाना चाहिए।
नीतिगत भ्रम और खामियां
अमेरिकी कानून, विशेष रूप से यू.एस. कोड के टाइटल 10 के सेक्शन 130i के तहत, नौ श्रेणियों के प्रतिष्ठानों के लिए ड्रोन-रोधी सुरक्षा अनिवार्य है, जिसमें परमाणु मिसाइल सुविधाओं से लेकर हथियार परीक्षण केंद्र तक शामिल हैं। हालांकि, इस सूची में प्रशिक्षण ठिकानों को शामिल नहीं किया गया है। DOD के अधिकारियों ने रिपोर्ट में बताया कि चूंकि प्रशिक्षण कवर नहीं है, इसलिए ल्यूक एयर फोर्स बेस जैसे ठिकाने F-35 पर प्रशिक्षण के दौरान ड्रोन गतिविधियों को रोकने के लिए काउंटर-अनमैन्ड एरियल सिस्टम (C-UAS) क्षमताओं का उपयोग नहीं कर सकते। इसी तरह, कैलिफोर्निया में प्लांट 42, जो ग्लोबल हॉक ड्रोन के लिए पुर्जे बनाता है, की स्थिति पर भी वायु सेना और DOD के अधिकारियों के बीच भ्रम था।
प्रमुख सैन्य ठिकानों पर खतरा
यह सुरक्षा चूक कई महत्वपूर्ण ठिकानों को खतरे में डालती है। ल्यूक एयर फोर्स बेस के अलावा, रिपोर्ट में न्यूपोर्ट न्यूज, वर्जीनिया में स्थित एक सुविधा का भी उल्लेख है, जहां विमान वाहक और पनडुब्बियों का निर्माण और रखरखाव होता है। रिपोर्ट के इस हिस्से को भारी रूप से संपादित किया गया था, लेकिन यह ज्ञात है कि 2024 में वर्जीनिया में सैन्य प्रतिष्ठानों पर हफ्तों तक अज्ञात ड्रोन उड़ते रहे थे। जांचकर्ताओं ने कुल 10 रक्षा विभाग साइटों की जांच की, जहां ड्रोन घुसपैठ की घटनाएं हो चुकी हैं, जो इस खतरे की व्यापकता को दर्शाता है।
विभिन्न सेवाओं में समन्वय की कमी
समस्या केवल नीतिगत परिभाषाओं तक ही सीमित नहीं है। 2020 के एक DOD मेमो के अनुसार C-UAS पैकेजों को मंजूरी के लिए जमा करने से पहले एक परिचालन सेटिंग में परीक्षण की आवश्यकता होती है। हालांकि, विभिन्न सशस्त्र सेवाओं में इन पैकेजों को जमा करने के लिए अलग-अलग नीतियां और अनुमोदन प्रक्रियाएं हैं। इस असंगति के कारण, रिपोर्ट में कहा गया है कि “प्रतिष्ठानों का एक बड़ा प्रतिशत C-UAS क्षमताओं का उपयोग करने के लिए परिचालन अनुमोदन नहीं रखता है।” इसके अतिरिक्त, DOD ने 20 से अधिक नीतियां जारी की हैं जो अमेरिकी ठिकानों पर C-UAS की तैनाती के संबंध में स्पष्ट मार्गदर्शन प्रदान करने में विफल रही हैं।
समस्या के समाधान के प्रयास
इस मुद्दे को संबोधित करने के लिए, DOD ने 2025 में C-UAS प्रयासों के समन्वय के लिए ज्वाइंट इंटरएजेंसी टास्क फोर्स 401 की स्थापना की। DOD IG ने सिफारिश की है कि यह नई टास्क फोर्स मौजूदा नीतियों की समीक्षा करे और एक समेकित नीति जारी करे। इस नीति में स्पष्ट भूमिकाएं, जिम्मेदारियां, कवर की गई सुविधाओं के लिए आवश्यकताएं और सेक्शन 130i पैकेजों के लिए एक मानकीकृत प्रक्रिया परिभाषित होनी चाहिए। महानिरीक्षक की रिपोर्ट के निष्कर्ष अमेरिकी सेना के जॉइंट काउंटर-स्मॉल अनमैन्ड एयरक्राफ्ट सिस्टम ऑफिस और RAND कॉर्प द्वारा किए गए वॉरगेम्स के परिणामों से भी मेल खाते हैं, जिन्होंने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन के खतरे का अध्ययन किया था।
पेंटागन के एक निगरानी निकाय की रिपोर्ट ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमलों के खिलाफ सुरक्षा में गंभीर खामियों को उजागर किया है। नौकरशाही भ्रम, नीतिगत अस्पष्टता और विभिन्न सशस्त्र सेवाओं के बीच समन्वय की कमी के कारण, कई महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान संभावित ड्रोन खतरों से असुरक्षित हैं।
FAQs
पेंटागन की रिपोर्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों के बारे में क्या चेतावनी दी गई है?
रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि कई प्रमुख अमेरिकी सैन्य ठिकाने, नीतियों के बावजूद, ड्रोन हमलों से असुरक्षित हैं, जिसका मुख्य कारण नौकरशाही स्तर पर भ्रम है।
ल्यूक एयर फ़ोर्स बेस जैसे महत्वपूर्ण ठिकाने असुरक्षित क्यों हैं?
ल्यूक एयर फोर्स बेस जैसे प्रशिक्षण ठिकानों को अमेरिकी कानून के तहत अनिवार्य ड्रोन-रोधी सुरक्षा के लिए “कवर की गई सुविधा” के रूप में वर्गीकृत नहीं किया गया है, इसलिए वे असुरक्षित हैं।
ड्रोन हमलों से बचाव में मुख्य बाधा क्या है?
मुख्य बाधाओं में यह स्पष्टता न होना कि किन ठिकानों को कवर किया जाना चाहिए, विभिन्न सशस्त्र सेवाओं के बीच अलग-अलग अनुमोदन प्रक्रियाएं, और स्पष्ट मार्गदर्शन की कमी शामिल है।
इस समस्या को हल करने के लिए क्या कदम उठाया गया है?
रक्षा विभाग ने ड्रोन-रोधी प्रयासों में समन्वय स्थापित करने के लिए 2025 में जॉइंट इंटरएजेंसी टास्क फोर्स 401 की स्थापना की है।
क्या अन्य अध्ययनों ने भी इस भेद्यता की पुष्टि की है?
हां, अमेरिकी सेना और RAND कॉर्पोरेशन द्वारा किए गए वॉरगेम्स और अध्ययनों ने भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन के खतरे और नीतियों में भ्रम की समान कमजोरियों की पुष्टि की है।
यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।


