केंद्रीय बजट 2026-27 रविवार, 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया जाएगा। यह सीतारमण द्वारा प्रस्तुत किया जाने वाला लगातार नौवां बजट होगा, जिसमें एक अंतरिम बजट भी शामिल है। इस बजट में केंद्र सरकार की अनुमानित प्राप्तियों और व्यय का विस्तृत विवरण होगा, जो देश की दीर्घकालिक आर्थिक योजना का हिस्सा है।
यह बजट ऐसे समय में आ रहा है जब भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है, जिसे ‘विकसित भारत’ कहा गया है। बजट में राजकोषीय घाटे के प्रबंधन पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिसे सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 4.5% से नीचे लाने का लक्ष्य है।
बजट से पहले, उद्योग जगत, विशेषज्ञों और विभिन्न राज्यों ने अपनी उम्मीदें और मांगें वित्त मंत्रालय के सामने रखी हैं। वहीं, विपक्षी दलों ने सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए हैं और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर चिंता व्यक्त की है। आर्थिक सर्वेक्षण में वित्त वर्ष 2027 के लिए भारत की GDP वृद्धि दर 6.8% से 7.2% के बीच रहने का अनुमान लगाया गया है।
बजट प्रस्तुति और प्रमुख लक्ष्य
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026, रविवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय बजट पेश करेंगी। यह बजट सरकार के ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। सरकार के सामने राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद के 4.5% से कम करने की चुनौती है। पिछले बजटों में सरकार ने बुनियादी ढांचे पर पूंजीगत व्यय (capex) में उल्लेखनीय वृद्धि की थी, और अर्थशास्त्री यह देख रहे हैं कि क्या यह प्रवृत्ति इस वर्ष भी जारी रहेगी।
उद्योग और विशेषज्ञों की अपेक्षाएं
बजट-पूर्व परामर्श के दौरान, भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) और फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) जैसे व्यापारिक संगठनों ने अपनी सिफारिशें प्रस्तुत कीं। इनमें बुनियादी ढांचे पर खर्च जारी रखने और विनिर्माण क्षेत्र को प्रोत्साहन देने की मांग प्रमुख थी। NIIT के उपाध्यक्ष विजय के थडानी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्किलिंग पाठ्यक्रमों पर 18% GST हटाने और निजी संस्थानों के लिए अनुसंधान निधि बढ़ाने का आग्रह किया है। वहीं, उस्मानिया विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने रोजगार सृजन, कृषि, MSMEs और हरित अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सही जरूरतमंद लोगों तक पहुंचना चाहिए।
विपक्ष की चिंताएं और सरकार का जवाब
कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (TMC) और समाजवादी पार्टी जैसे विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि आर्थिक विकास का लाभ सभी तक समान रूप से नहीं पहुंच रहा है। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने बजट के आंकड़ों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि फरवरी में जारी होने वाली नई GDP और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) श्रृंखला के बाद इन आंकड़ों में संशोधन की आवश्यकता हो सकती है। विपक्ष ने MGNREGA कार्यक्रम को समाप्त कर उसकी जगह VB G-RAM-G ग्रामीण रोजगार योजना लाने पर भी ध्यान केंद्रित किया है। इन चिंताओं के जवाब में, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत की गति को और तेज करेगा। उन्होंने कांग्रेस पर विकास कार्यों का विरोध करने का आरोप लगाया।
बजट के दिन शेयर बाजार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 1 फरवरी को बजट पेश किए जाने के दिन रविवार होने के बावजूद शेयर बाजार खुले रहेंगे। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) ने घोषणा की है कि इक्विटी बाजारों में सामान्य कारोबारी समय (सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक) के अनुसार ट्रेडिंग होगी। NSE द्वारा जारी एक सर्कुलर के अनुसार, प्री-ओपन बाजार सुबह 9 बजे शुरू होगा और 9:08 बजे समाप्त होगा। शेयर बाजार से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए पैसा म्याग पर देखें।
विभिन्न राज्यों की मांगें
हिमाचल प्रदेश के मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने आगामी केंद्रीय बजट में पहाड़ी राज्यों के लिए विशेष फंड आवंटन की मांग की है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों की अनूठी भौगोलिक चुनौतियों और बुनियादी ढांचे के विकास तथा सार्वजनिक सेवा वितरण की उच्च लागत को देखते हुए केंद्र को वित्तीय सहायता प्रदान करनी चाहिए।
केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर देश भर में काफी उम्मीदें हैं। जहां सरकार इसे ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बता रही है, वहीं उद्योग जगत और आम नागरिक आर्थिक विकास और राहत की उम्मीद कर रहे हैं।
FAQs
केंद्रीय बजट 2026-27 कौन पेश करेगा?
केंद्रीय बजट 2026-27 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी।
बजट किस तारीख को पेश किया जाएगा?
यह बजट 1 फरवरी 2026, रविवार को सुबह 11 बजे पेश किया जाएगा।
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार FY27 में भारत की GDP वृद्धि दर क्या रहने का अनुमान है?
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 में भारत की GDP वृद्धि दर 6.8% से 7.2% के बीच रहने का अनुमान है।
क्या बजट के दिन शेयर बाजार खुले रहेंगे?
हां, NSE और BSE ने घोषणा की है कि 1 फरवरी, रविवार को बजट के दिन शेयर बाजार सामान्य कारोबारी समय के लिए खुले रहेंगे।
उद्योग संगठनों ने बजट से पहले क्या प्रमुख मांगें रखी हैं?
उद्योग संगठनों ने मुख्य रूप से बुनियादी ढांचे पर खर्च जारी रखने और विनिर्माण क्षेत्र के लिए प्रोत्साहन देने की मांग की है।
यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।


