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दक्षिण चीन सागर: एक और रीफ के सैन्यीकरण में जुटा चीन

दक्षिण चीन सागर में चीन अपनी सैन्य गतिविधियों को लगातार बढ़ा रहा है। हालिया सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि चीन एक और रीफ पर भूमि का विस्तार कर एक नया सैन्य अड्डा बनाने की तैयारी में है। यह गतिविधियां ऐसे समय में हो रही हैं जब चीन ने ताइवान के खिलाफ भविष्य के सैन्य अभियानों में मदद के लिए सैकड़ों मछली पकड़ने वाली नौकाओं के इस्तेमाल का प्रदर्शन भी किया है।

ये दोहरी गतिविधियां इस क्षेत्र में बीजिंग की बढ़ती आक्रामक रणनीति को दर्शाती हैं, जहां वह विवादित जलमार्गों पर अपने दावे को मजबूत करने के लिए कृत्रिम द्वीपों का निर्माण और अपनी नौसैनिक शक्ति का विस्तार कर रहा है। इन घटनाओं ने पड़ोसी देशों और अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों के बीच चिंता बढ़ा दी है, जो इस क्षेत्र में स्थिरता को लेकर चिंतित हैं।

जिस कोरल रीफ पर निर्माण कार्य चल रहा है, उसका नाम एंटेलोप रीफ है, जो पैरासेल द्वीप समूह में स्थित है। इसके साथ ही, मछली पकड़ने वाली नौकाओं को सैन्य उद्देश्यों के लिए संगठित करने की नई रणनीति से पता चलता है कि चीन गैर-पारंपरिक तरीकों से भी अपनी समुद्री ताकत का प्रदर्शन करने में सक्षम है।

ये दोनों घटनाक्रम चीन की उस व्यापक नीति का हिस्सा हैं जिसके तहत वह दक्षिण चीन सागर में अपने प्रभुत्व को स्थापित करना चाहता है। इस क्षेत्र में कई देशों के परस्पर विरोधी दावे हैं, और चीन की गतिविधियाँ अक्सर तनाव का कारण बनती हैं।

एंटेलोप रीफ पर नए सैन्य अड्डे का निर्माण

सैटेलाइट इमेजरी से यह संकेत मिलता है कि चीन दक्षिण चीन सागर के पैरासेल द्वीप समूह में स्थित एंटेलोप रीफ पर भूमि पुनर्ग्रहण का काम कर रहा है। यह रीफ वियतनाम के ह्यू शहर से 250 मील पूर्व और चीन के हैनान द्वीप पर स्थित सान्या नौसैनिक अड्डे से लगभग 175 मील दक्षिण-पूर्व में है।

अक्टूबर 2025 के मध्य के बाद लैगून के पूर्वी और दक्षिणी किनारों पर ड्रेजिंग का काम शुरू हुआ। जनवरी 2026 में ली गई सैटेलाइट तस्वीरों में महत्वपूर्ण बदलाव देखे गए, जिनमें नई बुनियादी संरचना और भारी उपकरणों को लाने-ले जाने के लिए एक एक्सेस वे का निर्माण शामिल है। एशिया मैरीटाइम ट्रांसपेरेंसी इनिशिएटिव (AMTI) के अनुसार, चीन के पैरासेल द्वीप समूह में पहले से ही 20 सैन्य चौकियां हैं, जिनमें वुडी द्वीप जैसा अत्याधुनिक सैन्य अड्डा भी शामिल है। चीन ने 1974 में वियतनाम से यह द्वीप श्रृंखला छीन ली थी।

विवादास्पद क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य उपस्थिति

पैरासेल द्वीप के अलावा, चीन ने स्प्रैटली द्वीप श्रृंखला में भी सात सैन्य चौकियां स्थापित की हैं, जहां उसने 3,200 एकड़ नई भूमि का निर्माण किया है। इसके अतिरिक्त, चीन स्कारबोरो शोल को भी नियंत्रित करता है, जिसे उसने 2012 में फिलीपींस से अपने कब्जे में ले लिया था। चीन की इन गतिविधियों के जवाब में, वियतनाम भी स्प्रैटली द्वीप समूह में अपने बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रहा है।

एंटेलोप रीफ, जो पहले केवल एक सैंडबार था, जिस पर कुछ ही इमारतें थीं, अब एक सैन्य अड्डे में तब्दील हो सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि इसे एक हेलीपैड, रडार स्टेशन और चीनी युद्धपोतों तथा तटरक्षक जहाजों के लिए लंगर डालने की जगह के रूप में विकसित किया जा सकता है।

मछली पकड़ने वाली नौकाओं का सैन्य इस्तेमाल

चीन ने पिछले साल के अंत में एक नई रणनीति का अभ्यास किया, जिसमें सैकड़ों मछली पकड़ने वाली नौकाओं को जुटाकर 290 मील लंबी दो विशाल L-आकार की “तैरती बाधाएं” बनाई गईं। यह घटना 25-27 दिसंबर के बीच ताइवान के उत्तर-पूर्व के पानी में देखी गई, जब लगभग 2,000 चीनी जहाजों ने यह फॉर्मेशन बनाया। यह गतिविधि चीन द्वारा ताइवान के चारों ओर एक बड़े सैन्य अभ्यास, जिसे “जस्टिस मिशन-2025” नाम दिया गया, की घोषणा से ठीक तीन दिन पहले हुई।

इसी तरह की एक और घटना 9-12 जनवरी के बीच हुई, जब लगभग 1,400 चीनी मछली पकड़ने वाली नौकाओं ने 30 घंटे से अधिक समय तक 200 मील लंबी “बाधा” बनाई। इन जटिल और विशाल युद्धाभ्यासों से पता चलता है कि बीजिंग विवादित समुद्रों में नियंत्रण स्थापित करने के लिए नए-नए तरीके अपना रहा है। अधिक जानकारी के लिए, आप PaisaMag.com पर अन्य लेख पढ़ सकते हैं।

पीपुल्स आर्म्ड फोर्सेज मैरीटाइम मिलिशिया (PAFMM) की भूमिका

ये घटनाएँ दर्शाती हैं कि चीनी सेना पीपुल्स आर्म्ड फोर्सेज मैरीटाइम मिलिशिया (PAFMM) के माध्यम से मछली पकड़ने वाले बेड़े को नियंत्रित करती है। मई 2025 में प्रकाशित एक अमेरिकी कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस की रिपोर्ट ने स्वीकार किया कि PAFMM की भूमिका चीन के समुद्री दावों की रक्षा करना है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि शांति के समय में PAFMM बीजिंग के समुद्री क्षेत्रीय दावों को आगे बढ़ाता है, और युद्ध के समय में यह टोही अभियान चलाकर, बाधाएं पैदा करके और अन्य सैन्य बलों को रसद सहायता प्रदान करके युद्ध अभियानों का समर्थन करेगा। ताइवान के साथ किसी भी संघर्ष की स्थिति में, ऐसी तैरती बाधाएं शिपिंग लेन को बाधित कर सकती हैं, बंदरगाहों को अवरुद्ध कर सकती हैं, और दुश्मन को बहुत सारे लक्ष्यों से भ्रमित कर सकती हैं।

चीन द्वारा दक्षिण चीन सागर में अपने सैन्य बुनियादी ढांचे का लगातार विस्तार और सैन्य उद्देश्यों के लिए नागरिक जहाजों का उपयोग इस क्षेत्र में उसकी बढ़ती महत्वाकांक्षाओं को रेखांकित करता है। यह गतिविधियाँ न केवल क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा रही हैं बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों और मानदंडों के लिए भी एक चुनौती पेश कर रही हैं।

FAQs

चीन किस स्थान पर नया सैन्य अड्डा बना रहा है?

चीन दक्षिण चीन सागर के पैरासेल द्वीप समूह में स्थित एंटेलोप रीफ पर एक नया सैन्य अड्डा बना रहा है।

चीन ने सैन्य अभ्यास के लिए मछली पकड़ने वाली नौकाओं का उपयोग कैसे किया?

चीन ने सैकड़ों मछली पकड़ने वाली नौकाओं को संगठित कर विशाल “तैरती बाधाएं” बनाईं, जिनका उपयोग ताइवान के पास सैन्य अभ्यास के हिस्से के रूप में किया गया।

PAFMM क्या है और इसकी क्या भूमिका है?

PAFMM, या पीपुल्स आर्म्ड फोर्सेज मैरीटाइम मिलिशिया, चीन का एक नागरिक बेड़ा है जो शांति के समय में चीन के समुद्री दावों को लागू करता है और युद्ध के समय में सेना को रसद और टोही सहायता प्रदान करता है।

दक्षिण चीन सागर में चीन के और कौन से सैन्य ठिकाने हैं?

चीन के पैरासेल द्वीप समूह में 20 और स्प्रैटली द्वीप श्रृंखला में 7 सैन्य चौकियां हैं। इसके अलावा, वह स्कारबोरो शोल को भी नियंत्रित करता है।

यह निर्माण गतिविधियाँ कब शुरू हुईं?

एंटेलोप रीफ पर ड्रेजिंग और निर्माण का काम अक्टूबर 2025 के मध्य के बाद शुरू हुआ, और जनवरी 2026 में सैटेलाइट तस्वीरों में महत्वपूर्ण प्रगति देखी गई।

यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।

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