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जॉर्जिया में FBI की रेड: ट्रंप के 2020 चुनावी जुनून का खुलासा, भविष्य में बड़ी कार्रवाई के संकेत

2020 के अमेरिकी चुनाव को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों के समर्थन में संघीय सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी है। ट्रंप 2020 में पुनः चुनाव का अपना प्रयास हार गए थे, लेकिन वह लगातार यह दावा करते रहे हैं कि चुनाव में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी हुई थी। अब राष्ट्रपति के रूप में, वह इन दावों की पुष्टि के लिए संघीय एजेंसियों का उपयोग कर रहे हैं।

इसी क्रम में, बुधवार को एफबीआई ने जॉर्जिया के फुल्टन काउंटी के चुनाव मुख्यालय पर एक तलाशी वारंट जारी किया। इस कार्रवाई का उद्देश्य 2020 के चुनाव से संबंधित मतपत्रों की जांच करना है। फुल्टन काउंटी में अटलांटा का अधिकांश हिस्सा शामिल है। यह कदम ट्रंप द्वारा इस महीने की शुरुआत में दावोस, स्विट्जरलैंड में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में दिए गए एक भाषण के बाद उठाया गया है, जहाँ उन्होंने संकेत दिया था कि चुनाव से संबंधित आरोप जल्द ही सामने आ सकते हैं।

इस घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है, जिसमें आलोचकों का कहना है कि राष्ट्रपति संघीय कानून प्रवर्तन का उपयोग व्यक्तिगत बदले और राजनीतिक उद्देश्यों के लिए कर रहे हैं। उनका तर्क है कि यह कार्रवाई राष्ट्रपति द्वारा सरकारी मशीनरी को अपने व्यक्तिगत प्रतिशोध के एक उपकरण में बदलने के पैटर्न का हिस्सा है।

जॉर्जिया में एफबीआई की कार्रवाई

एफबीआई ने जॉर्जिया के फुल्टन काउंटी में स्थित चुनाव मुख्यालय पर तलाशी वारंट के तहत कार्रवाई की। एजेंसी का मुख्य उद्देश्य 2020 के राष्ट्रपति चुनाव के मतपत्रों को खोजना और उनकी जांच करना है। यह जांच राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा लगातार किए जा रहे उन दावों का हिस्सा है, जिनमें उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाया था। इस कार्रवाई को लेकर डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है। जॉर्जिया के डेमोक्रेटिक सीनेटर जॉन ओसॉफ ने एक बयान में कहा कि यह राष्ट्रपति द्वारा संघीय कानून प्रवर्तन को व्यक्तिगत शक्ति और प्रतिशोध के एक गैर-जवाबदेह साधन के रूप में इस्तेमाल करने का प्रदर्शन है।

2020 चुनाव और धोखाधड़ी के आरोप

डोनाल्ड ट्रंप 2020 का राष्ट्रपति चुनाव जो बाइडेन से हार गए थे। अपनी हार के बाद से, उन्होंने लगातार यह दावा किया है कि चुनाव में धांधली हुई थी। हालांकि, इन दावों की पुष्टि के लिए कोई ठोस सबूत पेश नहीं किए गए। मिशिगन, विस्कॉन्सिन और नेवादा जैसे कई महत्वपूर्ण राज्यों में रिपब्लिकन के नेतृत्व में हुई समीक्षाओं ने भी बाइडेन की जीत की पुष्टि की थी। उस समय के अटॉर्नी जनरल ने भी कहा था कि व्यापक धोखाधड़ी का कोई सबूत नहीं मिला है। इसके अतिरिक्त, चुनाव परिणामों को चुनौती देने वाले दर्जनों अदालती मामले भी ट्रंप हार गए थे।

पिछली घटनाएँ और कानूनी मामले

जॉर्जिया 2020 के बाद से ही ट्रंप के ध्यान का केंद्र रहा है। 2 जनवरी, 2021 को उन्होंने जॉर्जिया के रिपब्लिकन सेक्रेटरी ऑफ स्टेट ब्रैड रैफेंसपर्गर को फोन करके राज्य का विजेता घोषित होने के लिए 11,780 और वोट “खोजने” के लिए कहा था। रैफेंसपर्गर ने ऐसा करने से इनकार कर दिया था। ट्रंप के सहयोगियों, जिन्होंने उनके दावों को दोहराया, उन पर मानहानि के सफल मुकदमे हुए हैं। न्यूयॉर्क के पूर्व मेयर रूडोल्फ जूलियानी को दो जॉर्जियाई चुनाव कार्यकर्ताओं को 148 मिलियन डॉलर का हर्जाना देना पड़ा। इसी तरह, फॉक्स न्यूज ने भी एक मानहानि मामले में 787 मिलियन डॉलर का भुगतान करने पर सहमति व्यक्त की थी।

संघीय शक्ति का उपयोग और भविष्य की चिंताएँ

आलोचकों का मानना है कि ट्रंप का यह कदम 2026 के मध्यावधि चुनावों की नींव तैयार करने की एक कोशिश हो सकती है। 2020 में अपनी हार के बाद ट्रंप ने वोटिंग मशीनों को जब्त करने के लिए सेना का उपयोग करने पर विचार किया था। अब चिंता जताई जा रही है कि जॉर्जिया की यह कार्रवाई भविष्य में अन्य राज्यों में चुनावी सामग्री या मशीनों को जब्त करने का एक मॉडल बन सकती है। सत्ता में वापस आने के बाद अपने पहले ही दिन, ट्रंप ने 6 जनवरी, 2021 को अमेरिकी कैपिटल पर हुए हमले में आरोपित लगभग 1,500 लोगों के मामलों को माफ करने या खारिज करने का वादा किया था। उन्होंने एक कार्यकारी आदेश पर भी हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य राज्य चुनाव प्रणालियों के लिए नए नियम निर्धारित करना था, जिसे अदालतों ने बार-बार अवरुद्ध कर दिया।

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब देश भर के चुनाव अधिकारी 2026 के मध्यावधि चुनावों की तैयारी कर रहे हैं। एफबीआई की यह जांच 2020 के चुनाव परिणामों पर लंबे समय से चल रही बहस को और तेज करती है और संघीय एजेंसियों की भूमिका पर सवाल खड़े करती है।

FAQs

एफबीआई ने जॉर्जिया में क्या कार्रवाई की?

एफबीआई ने जॉर्जिया के फुल्टन काउंटी में चुनाव मुख्यालय पर एक तलाशी वारंट जारी किया, जिसका उद्देश्य 2020 के राष्ट्रपति चुनाव से संबंधित मतपत्रों को खोजना था।

यह कार्रवाई किस चुनाव से संबंधित है?

यह कार्रवाई 2020 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से संबंधित है, जिसमें डोनाल्ड ट्रंप डेमोक्रेट जो बाइडेन से हार गए थे।

ट्रंप का 2020 चुनाव पर क्या रुख रहा है?

चुनाव हारने के बाद से, राष्ट्रपति ट्रंप ने लगातार यह दावा किया है कि चुनाव में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी हुई थी और परिणाम गलत थे, हालांकि इन दावों के समर्थन में कोई सबूत प्रस्तुत नहीं किया गया।

क्या 2020 चुनाव में धोखाधड़ी के सबूत मिले थे?

नहीं, कई राज्यों में हुई समीक्षाओं, दर्जनों अदालती मामलों और तत्कालीन अटॉर्नी जनरल की रिपोर्ट के अनुसार, 2020 के चुनाव में ऐसे किसी भी व्यापक धोखाधड़ी के सबूत नहीं मिले जिससे चुनाव का परिणाम बदल सकता।

इस एफबीआई कार्रवाई की आलोचना क्यों हो रही है?

आलोचकों का आरोप है कि राष्ट्रपति ट्रंप अपने व्यक्तिगत और राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए संघीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों का दुरुपयोग कर रहे हैं ताकि वे अपने पुराने दावों को सही ठहरा सकें।

यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।

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