जर्मन नौसेना अपनी पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमताओं को तत्काल बढ़ाने की आवश्यकता का सामना कर रही है, लेकिन उसकी प्रमुख F126 फ्रिगेट परियोजना में लगातार देरी हो रही है। इस चुनौती से निपटने के लिए, एक समानांतर योजना के तहत MEKO श्रेणी के फ्रिगेट की खरीद पर भी काम चल रहा है। हाल ही में, जर्मन संसद, बुंडेस्टैग में दोनों परियोजनाओं को लेकर केवल “आंशिक सफलता” ही हाथ लगी है, जिससे नौसेना के आधुनिकीकरण का भविष्य अनिश्चित बना हुआ है।
मूल योजना के अनुसार, डच कंपनी डेमन नेवल को जून 2020 में चार “निडरसैक्सन क्लास” (F126) फ्रिगेट बनाने का ठेका दिया गया था, जिसकी पहली डिलीवरी 2028 के मध्य में होनी थी। बाद में दो और F126 फ्रिगेट का ऑर्डर दिया गया। हालाँकि, प्रमुख ठेकेदार द्वारा प्रमुख समय-सीमाओं को पूरा करने में बार-बार विफलता के कारण परियोजना में काफी देरी हुई है। इसके चलते अब जर्मन रक्षा मंत्रालय प्रमुख ठेकेदार को बदलने पर विचार कर रहा है।
F126 परियोजना के जोखिमों को देखते हुए, रक्षा मंत्रालय एक वैकल्पिक योजना पर भी काम कर रहा है। इसके तहत जर्मनी की सबसे बड़ी नौसैनिक जहाज निर्माता कंपनी टीकेएमएस से MEKO A-200 DEU श्रेणी के फ्रिगेट खरीदने की तैयारी है। इस सप्ताह, बुंडेस्टैग की बजट समिति ने इस योजना के लिए 25 मिलियन यूरो के एक प्रारंभिक समझौते को मंजूरी दे दी है, ताकि उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
यह स्थिति जर्मन नौसेना की तैयारी और देश की रक्षा क्षमताओं के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है। एक तरफ अधिक सक्षम F126 फ्रिगेट हैं, जो देरी और अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं, और दूसरी तरफ एक विश्वसनीय लेकिन तुलनात्मक रूप से कम सक्षम MEKO विकल्प है, जिसे अब प्रारंभिक वित्तीय स्वीकृति मिल गई है।
F126 फ्रिगेट परियोजना में देरी
जर्मन नौसेना की पनडुब्बी रोधी क्षमताओं को बढ़ाने के उद्देश्य से F126 फ्रिगेट परियोजना शुरू की गई थी। जून 2020 में, डच कंपनी डेमन नेवल को चार जहाजों के निर्माण के लिए मुख्य ठेकेदार के रूप में चुना गया था। अनुबंध के अनुसार, पहला जहाज 2028 के मध्य तक नौसेना को सौंप दिया जाना था। चार साल बाद, अनुबंध के एक विकल्प का उपयोग करते हुए दो और F126 फ्रिगेट का आदेश दिया गया, जिन्हें 2033 और 2034 में सेवा में प्रवेश करना था।
हालाँकि, यह परियोजना वर्तमान में महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना कर रही है। प्रमुख ठेकेदार, डेमन शेल्डे नेवल शिपबिल्डिंग के कारण वर्षों की देरी और महत्वपूर्ण लक्ष्यों को पूरा करने में बार-बार विफलता के बाद, जर्मन रक्षा मंत्रालय पिछले साल से प्रमुख ठेकेदार को बदलने की मांग कर रहा है। उम्मीद है कि नई कंपनी NVL यह भूमिका संभालेगी। इस संबंध में बातचीत जारी है और इसके अप्रैल 2026 तक चलने की उम्मीद है।
वैकल्पिक योजना: MEKO फ्रिगेट की खरीद
F126 परियोजना के रद्द होने या और देरी होने के जोखिम के कारण, जर्मनी का रक्षा मंत्रालय एक समानांतर दृष्टिकोण अपना रहा है। इसके तहत देश की सबसे बड़ी नौसैनिक जहाज निर्माता टीकेएमएस से MEKO A-200 DEU श्रेणी के फ्रिगेट की खरीद की जा रही है। मंत्रालय का इरादा टीकेएमएस के साथ एक प्रारंभिक समझौता करने का है ताकि कंपनी उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय शुरू कर सके।
इस सप्ताह बुंडेस्टैग की बजट समिति ने 25 मिलियन यूरो के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी और आवश्यक धनराशि जारी कर दी। प्रारंभिक समझौते का उद्देश्य यह गारंटी देना है कि पहला MEKO फ्रिगेट दिसंबर 2029 में जर्मन सशस्त्र बलों को वितरित कर दिया जाएगा। इन फंडों का उपयोग भाग लेने वाली कंपनियों में उत्पादन स्लॉट आरक्षित करने, सामग्री और लंबे समय तक चलने वाले पुर्जों का ऑर्डर देने और डिजाइन योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए किया जाएगा। बजट में छह F126 के विकल्प के रूप में आठ MEKO A-200 फ्रिगेट तक के लिए धन शामिल है, लेकिन इन्हें तभी ऑर्डर किया जा सकता है जब F126 परियोजना समाप्त हो जाए।
ठेकेदार परिवर्तन और डेटा ट्रांसफर
परियोजना में एक बड़ी बाधा डिजाइन डेटा के हस्तांतरण की समस्या थी, लेकिन अब इसका समाधान होता दिख रहा है। NVL द्वारा जारी एक बयान में, शिपयार्ड ने घोषणा की कि वह कुछ हफ्तों के भीतर F126 परियोजना को सामान्य ठेकेदार के रूप में संभालने के लिए गहनता से काम कर रहा है। बयान के अनुसार, वे डच डेमन शिपयार्ड से डिजाइन डेटा को अपने सिस्टम में सफलतापूर्वक स्थानांतरित करने में सफल रहे हैं।
NVL ने एक पूछताछ के जवाब में बताया, “हाल के हफ्तों में, हमने अपने सिस्टम में डिजाइन डेटा के माइग्रेशन का परीक्षण और सफलतापूर्वक कार्यान्वयन किया है। यह सबसे महत्वपूर्ण मील का पत्थर था। वर्तमान में, टेराबाइट्स डेटा स्थानांतरित किया जा रहा है और साथ ही पूर्णता और सटीकता के लिए इसकी जांच की जा रही है।” इस प्रगति को एक आंशिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है जो ठेकेदार बदलने के निर्णय को सही ठहराता है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और चिंताएं
इस मामले पर राजनीतिक दलों में भी चिंता व्यक्त की गई है। रक्षा समिति में एलायंस 90/द ग्रीन्स संसदीय समूह के नौसेना रिपोर्टर, रॉबिन वैगनर ने F126 के लिए एक विश्वसनीय डिलीवरी वर्ष प्रदान करने में सरकार की विफलता पर निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा, “डेटा ट्रांसमिशन, सामान्य ठेकेदार के नियोजित परिवर्तन और मौजूदा अनुबंधों की आवश्यक पुन: बातचीत के साथ भारी समस्याओं के कारण, महीनों से कीमती समय बर्बाद हो गया है। लागत भी बढ़ेगी।”
वहीं, रक्षा समिति के सदस्य और सीडीयू/सीएसयू संसदीय समूह के नौसेना के लिए रिपोर्टर, बैस्टियन अर्न्स्ट ने डेटा ट्रांसफर को एक आंशिक सफलता के रूप में स्वीकार किया। उन्होंने कहा, “NVL को मौजूदा डिजाइन दस्तावेजों का सफल हस्तांतरण एक स्पष्ट रूप से सकारात्मक संकेत है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि मंत्रालय द्वारा ये कदम इतनी देर से क्यों शुरू किए गए।”
रक्षा मंत्रालय F126 श्रेणी के फ्रिगेट खरीदने की अपनी योजनाओं पर कायम रहने का इरादा रखता है, जिन्हें MEKO श्रेणी की तुलना में अधिक सक्षम माना जाता है। हालाँकि, राजनेता, चाहे वे सत्ताधारी दलों से हों या विपक्ष से, इस परियोजना के बारे में संदेह व्यक्त कर चुके हैं जो पहले से ही कई साल पीछे है।
वर्तमान स्थिति से पता चलता है कि जर्मन नौसेना की आधुनिकीकरण योजना एक महत्वपूर्ण चौराहे पर है। F126 परियोजना में डेटा ट्रांसफर जैसी कुछ प्रगति के बावजूद, समय-सीमा और लागत को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। वहीं, MEKO फ्रिगेट के लिए प्रारंभिक समझौते को मंजूरी मिलना एक सुरक्षित विकल्प प्रदान करता है, लेकिन यह मूल योजना से एक समझौता भी है।
FAQs
जर्मन नौसेना कौन से फ्रिगेट खरीदने की योजना बना रही है?
जर्मन नौसेना मुख्य रूप से छह F126 “निडरसैक्सन क्लास” फ्रिगेट खरीदने की योजना बना रही है, लेकिन इस परियोजना में देरी के कारण, वह एक विकल्प के रूप में आठ MEKO A-200 DEU श्रेणी के फ्रिगेट खरीदने पर भी विचार कर रही है।
F126 फ्रिगेट परियोजना में देरी क्यों हो रही है?
F126 परियोजना में देरी मुख्य रूप से मूल ठेकेदार, डच कंपनी डेमन नेवल द्वारा महत्वपूर्ण लक्ष्यों और समय-सीमाओं को पूरा करने में बार-बार विफलता के कारण हो रही है। इसके अतिरिक्त, ठेकेदार बदलने और डिजाइन डेटा के हस्तांतरण में भी समय लगा है।
MEKO फ्रिगेट क्या हैं और इन्हें क्यों खरीदा जा रहा है?
MEKO A-200 DEU एक प्रकार के फ्रिगेट हैं जिन्हें जर्मनी की कंपनी टीकेएमएस बनाती है। इन्हें F126 परियोजना के रद्द होने या और अधिक विलंबित होने की स्थिति में एक वैकल्पिक या “प्लान बी” समाधान के रूप में खरीदा जा रहा है ताकि नौसेना की पनडुब्बी रोधी क्षमता को सुनिश्चित किया जा सके।
इस मामले में NVL और TKMS की क्या भूमिका है?
NVL वह जर्मन कंपनी है जिसके F126 परियोजना के लिए नए मुख्य ठेकेदार के रूप में कार्यभार संभालने की उम्मीद है। TKMS एक अन्य जर्मन जहाज निर्माता कंपनी है जिसे वैकल्पिक MEKO फ्रिगेट बनाने के लिए प्रारंभिक अनुबंध मिला है।
बुंडेस्टैग बजट समिति ने क्या मंजूरी दी है?
बुंडेस्टैग की बजट समिति ने MEKO फ्रिगेट की खरीद के लिए एक प्रारंभिक अनुबंध के लिए 25 मिलियन यूरो के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह राशि उत्पादन स्लॉट आरक्षित करने और प्रारंभिक डिजाइन कार्य शुरू करने के लिए है।
यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।


