मोहाली स्थित हेरिटेज फूड ब्रांड CHACHA’S ने पारंपरिक पंजाबी अचार बनाने की कला को पुनर्जीवित करने के लक्ष्य के साथ भारतीय बाजार में आधिकारिक तौर पर प्रवेश कर लिया है। यह ब्रांड अपनी ‘चूल्हा-टू-जार’ परंपरा पर आधारित धीमी गति से पकाए गए अचार को देशभर के ग्राहकों तक पहुंचाने का इरादा रखता है। कंपनी का लक्ष्य अपने पारंपरिक स्वाद को भारत में 10 मिलियन लोगों तक पहुंचाना है।
CHACHA’S की स्थापना चाचा-भतीजे की जोड़ी मनप्रीत सिंह और रविंदर सिंह ने की है। यह ब्रांड उन घरेलू अचारों को वापस ला रहा है जो कभी पंजाबी घरों में पारंपरिक तरीकों से बनाए जाते थे। बड़े पैमाने पर उत्पादित अचारों के विपरीत, CHACHA’S का हर अचार धीमी आंच पर पकाया जाता है, जिससे मसालों का स्वाद प्राकृतिक रूप से विकसित होता है।
ब्रांड अपनी पूरी प्रक्रिया, जिसमें सामग्री का चयन, मसालों की पिसाई, धीमी गति से पकाना, प्राकृतिक रूप से तैयार करना और अंतिम पैकेजिंग शामिल है, सोहल रेजीडेंसी में ही संपन्न करता है। यह संपूर्ण इन-हाउस प्रक्रिया हर जार में गुणवत्ता, स्वाद और प्रामाणिकता सुनिश्चित करती है।
पारंपरिक स्वाद के साथ बाजार में प्रवेश
पंजाब के मोहाली से संचालित होने वाले फूड ब्रांड CHACHA’S ने 28 जनवरी, 2026 को भारतीय बाजार में अपनी शुरुआत की घोषणा की। ब्रांड का मुख्य उद्देश्य अचार बनाने की पारंपरिक ‘चूल्हा-टू-जार’ विधि को संरक्षित करना है, जो आधुनिक समय में तेज और सुविधाजनक तरीकों के कारण लुप्त होती जा रही है। कंपनी का मानना है कि धीमी आंच पर पकाने से अचार का असली स्वाद निखर कर आता है, जिसे वे ग्राहकों तक पहुंचाना चाहते हैं।
परिवार-संचालित मॉडल और गुणवत्ता पर जोर
CHACHA’S को जो चीज उद्योग में अलग बनाती है, वह इसका परिवार-संचालित मॉडल है। इसमें कोई बाहरी श्रमिक शामिल नहीं है और संस्थापक परिवार स्वयं सामग्री की खरीद से लेकर खाना पकाने, पैकेजिंग, लेबल डिजाइन और वेबसाइट प्रबंधन तक हर चरण की निगरानी करता है। स्वच्छता को लेकर ब्रांड की प्रतिबद्धता इस बात से जाहिर होती है कि जो अचार ग्राहकों को बेचा जाता है, वही अचार संस्थापकों के बच्चे भी खाते हैं। इसी विश्वास के कारण ब्रांड के 60-70% ग्राहक बार-बार खरीदारी करते हैं।
ब्रांड की कानूनी मजबूती और संस्थापकों का दृष्टिकोण
बाजार में अपनी शुरुआत से पहले ही, CHACHA’S ने 2018-19 में क्लास 29 के तहत ITC की ओर से एक ट्रेडमार्क चुनौती का सफलतापूर्वक सामना किया था। यह ब्रांड की अखंडता और दीर्घकालिक दृष्टिकोण को रेखांकित करता है। CHACHA’S के संस्थापक मनप्रीत सिंह ने कहा, “शुरुआत में ही एक ट्रेडमार्क आपत्ति का सामना करने से हमें पहले दिन से ही सही तरीके से एक ब्रांड बनाने का महत्व समझ आया। हमारा लक्ष्य पारंपरिक अचार बनाने की कला को जीवित रखना है।” सह-संस्थापक रविंदर सिंह ने कहा, “यह सिर्फ एक अचार नहीं है, बल्कि घर का एक टुकड़ा है जिसे समय नहीं बदल सका। हम गांव को शहर तक ला रहे हैं, एक बार में एक जार।”
उत्पाद रेंज, कीमत और उपलब्धता
CHACHA’S अचार को केवल साइड डिश के बजाय एक नए जमाने की स्नैकिंग श्रेणी के रूप में भी स्थापित कर रहा है। ब्रांड के मांसाहारी अचार की शुरुआती कीमत ₹498 है, जबकि शाकाहारी अचार ₹356 से शुरू होते हैं। इसके लोकप्रिय उत्पादों में चिकन अचार, पंजाबी मटन अचार, नूर-ए-गुड़, हरी मिर्च का अचार, हरे आम का अचार, मिक्स वेजिटेबल अचार और नींबू का अचार शामिल हैं। ये सभी उत्पाद वर्तमान में कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन उपलब्ध हैं और जल्द ही इन्हें पूरे भारत में क्विक कॉमर्स चैनलों के माध्यम से भी उपलब्ध कराने की योजना है।
CHACHA’S ने पारंपरिक पंजाबी अचार को एक नए रूप में पेश करते हुए भारतीय बाजार में प्रवेश किया है। यह ब्रांड अपनी परिवार-संचालित निर्माण प्रक्रिया और गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता के साथ ग्राहकों का विश्वास जीतने का लक्ष्य रखता है, जिसका दीर्घकालिक दृष्टिकोण भारत का सबसे भरोसेमंद होमस्टाइल अचार ब्रांड बनना है।
FAQs
CHACHA’S ब्रांड क्या है?
CHACHA’S पंजाब के मोहाली में स्थित एक फूड ब्रांड है जो पारंपरिक ‘चूल्हा-टू-जार’ विधि से धीमी गति से पकाए गए पंजाबी अचार बनाता और बेचता है।
CHACHA’S के अचार की क्या खासियत है?
इसकी खासियत इसका परिवार-संचालित मॉडल, इन-हाउस उत्पादन प्रक्रिया, और पारंपरिक धीमी गति से पकाने की विधि है, जिसमें कोई बाहरी श्रमिक शामिल नहीं होता।
ब्रांड के संस्थापक कौन हैं?
CHACHA’S की स्थापना चाचा-भतीजे की जोड़ी मनप्रीत सिंह और रविंदर सिंह ने की है।
CHACHA’S के उत्पाद कहाँ उपलब्ध हैं?
वर्तमान में, CHACHA’S के उत्पाद उनकी आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन खरीदने के लिए उपलब्ध हैं।
क्या CHACHA’S ने कोई कानूनी चुनौती का सामना किया है?
हाँ, ब्रांड ने 2018-19 में ITC द्वारा दायर एक ट्रेडमार्क चुनौती का सफलतापूर्वक सामना किया था।
यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।


