भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व मुख्य कोच राहुल द्रविड़ ने तीनों प्रारूपों में खेलने वाले बल्लेबाजों के लिए टेस्ट क्रिकेट की तैयारी में आने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डाला है। उन्होंने कहा कि लगातार सफेद गेंद के क्रिकेट के कारण खिलाड़ियों को लाल गेंद से अभ्यास करने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता है, जिसका असर उनके प्रदर्शन पर पड़ रहा है। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारतीय टीम टेस्ट प्रारूप में संघर्ष कर रही है, जबकि T20I में उसका दबदबा कायम है।
बुधवार को बेंगलुरु में एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में बोलते हुए, द्रविड़ ने अपने कोचिंग कार्यकाल के अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे खिलाड़ियों को एक प्रारूप से दूसरे प्रारूप में तेजी से ढलना पड़ता है, जिससे विशेष कौशल के विकास के लिए समय कम पड़ जाता है। टेस्ट कप्तान शुभमन गिल भी हाल ही में इसी तरह की चिंता व्यक्त कर चुके हैं।
एक तरफ जहां भारत ICC T20I रैंकिंग में शीर्ष पर है और घरेलू T20 विश्व कप की तैयारी कर रहा है, वहीं दूसरी ओर टेस्ट टीम की गुणवत्ता में गिरावट देखी गई है। पिछले एक साल में न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमों ने भारत को उसी की धरती पर हराया है। जून 2024 में गौतम गंभीर के मुख्य कोच बनने के बाद से भारत ने किसी भी T20I श्रृंखला में हार का सामना नहीं किया है, लेकिन टेस्ट में टीम को संघर्ष करना पड़ रहा है।
राहुल द्रविड़ ने बताई टेस्ट क्रिकेट की चुनौती
पूर्व मुख्य कोच राहुल द्रविड़ ने बताया कि जो खिलाड़ी क्रिकेट के तीनों प्रारूप खेलते हैं, उनके लिए टेस्ट मैच की तैयारी करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। उन्होंने कहा, “कोच के रूप में मैंने एक बात समझी, खासकर उन लोगों के लिए जो तीनों प्रारूप खेलते हैं, कि वे लगातार एक प्रारूप से दूसरे प्रारूप में जाते रहते हैं।” द्रविड़ ने इस बात पर जोर दिया कि व्यस्त कार्यक्रम के कारण खिलाड़ियों को लाल गेंद से अभ्यास का मौका बहुत कम मिलता है।
अभ्यास की कमी और कौशल का विकास
द्रविड़ के अनुसार, कई बार खिलाड़ी टेस्ट मैच से केवल तीन या चार दिन पहले टीम से जुड़ते हैं। उन्होंने कहा, “जब आप पीछे मुड़कर देखते हैं कि इनमें से कुछ खिलाड़ियों ने आखिरी बार लाल गेंद से कब खेला था, तो यह चार या पांच महीने पहले हो सकता है।” उन्होंने आगे कहा कि टर्निंग पिचों या सीमिंग विकेटों पर खेलने जैसे कठिन कौशल को विकसित करने के लिए घंटों के अभ्यास की आवश्यकता होती है, जिसके लिए अब समय निकालना मुश्किल हो गया है।
शुभमन गिल ने भी जताई थी चिंता
राहुल द्रविड़ ने यह भी उल्लेख किया कि भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान शुभमन गिल ने भी हाल ही में इस मुद्दे को उठाया था। द्रविड़ ने कहा, “मुझे लगता है कि शुभमन ने हाल ही में इस ओर थोड़ा इशारा किया है, क्योंकि वह उन खिलाड़ियों में से एक हैं जिन्होंने इसका अनुभव किया है। उन्होंने हाल ही में हमारे लिए तीनों प्रारूपों में खेला है, इसलिए उन्होंने महसूस किया होगा कि टेस्ट प्रारूप के लिए तैयारी करना कितना मुश्किल है।”
T20I में सफलता का राज
द्रविड़ ने भारत की T20I बल्लेबाजी में शानदार प्रदर्शन का श्रेय लगातार सफेद गेंद से होने वाले अभ्यास को दिया। उन्होंने कहा, “आज सफेद गेंद के क्रिकेट में लोग जिस तरह से हिटिंग कर रहे हैं, वह इसलिए है क्योंकि वे इसका बहुत अधिक अभ्यास कर पाते हैं। IPL में ढाई महीने बिताने वाले कई खिलाड़ी सिर्फ इस बात का अभ्यास करते हैं कि वे कितने छक्के मार सकते हैं, इसलिए वे इसमें बेहतर होते जा रहे हैं।”
टीम इंडिया का मौजूदा प्रदर्शन
गौतम गंभीर के कोच बनने के बाद भारतीय टीम T20I में अजेय रही है और ICC रैंकिंग में शीर्ष पर काबिज है। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में टीम का प्रदर्शन चिंता का विषय है। भारत को पिछले एक साल में घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका से हार का सामना करना पड़ा है। गंभीर के कार्यकाल में एकमात्र टेस्ट श्रृंखला जीत अक्टूबर 2025 में वेस्टइंडीज के खिलाफ घर पर आई थी। भारत वर्तमान में ICC विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप 2025-27 चक्र में छठे स्थान पर है।
राहुल द्रविड़ के बयान ने भारतीय क्रिकेट में व्यस्त कार्यक्रम और विभिन्न प्रारूपों की तैयारी के बीच संतुलन की बहस को फिर से सामने ला दिया है। जहां T20I प्रारूप में लगातार अभ्यास से टीम को सफलता मिल रही है, वहीं टेस्ट क्रिकेट में प्रदर्शन बनाए रखने के लिए खिलाड़ियों को लाल गेंद के साथ अधिक समय बिताने की आवश्यकता महसूस हो रही है।
FAQs
पूर्व कोच राहुल द्रविड़ ने भारतीय टेस्ट बल्लेबाजों के लिए क्या चिंता व्यक्त की?
राहुल द्रविड़ ने चिंता व्यक्त की कि तीनों प्रारूपों में खेलने वाले खिलाड़ियों को व्यस्त कार्यक्रम के कारण टेस्ट क्रिकेट के लिए लाल गेंद से अभ्यास करने का पर्याप्त समय नहीं मिलता है।
भारत की मौजूदा ICC T20I रैंकिंग क्या है?
भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम वर्तमान में ICC T20I रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर है।
टेस्ट क्रिकेट में भारत का हालिया प्रदर्शन कैसा रहा है?
टेस्ट क्रिकेट में भारत का हालिया प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। टीम को पिछले एक साल में न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू श्रृंखलाओं में हार का सामना करना पड़ा है और वह विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप तालिका में छठे स्थान पर है।
राहुल द्रविड़ के अनुसार T20I में सफलता का क्या कारण है?
द्रविड़ के अनुसार, T20I में भारत की सफलता का कारण खिलाड़ियों द्वारा सफेद गेंद से किया जाने वाला निरंतर अभ्यास है, विशेष रूप से IPL के दौरान, जहां वे अपनी हिटिंग क्षमताओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं।
भारतीय टेस्ट टीम के वर्तमान कप्तान कौन हैं?
भारतीय टेस्ट टीम के वर्तमान कप्तान शुभमन गिल हैं।
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