भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले, फिलिस्तीन ने गाजा के पुनर्निर्माण प्रयासों में भारत से अधिक भागीदारी और योगदान का आग्रह किया है। शनिवार को 10 वर्षों के अंतराल के बाद भारत इस महत्वपूर्ण बैठक की मेजबानी कर रहा है, जिसमें फिलिस्तीनी विदेश मंत्री वारसेन अघाबेकियन शाहिन ने शरणार्थियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी (UNRWA) को निरंतर भारतीय समर्थन जारी रखने की भी अपील की है।
यह बैठक नई दिल्ली में आयोजित हो रही है और इसमें 20 अरब देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। फिलिस्तीनी विदेश मंत्री शाहिन भी इन्हीं प्रतिनिधियों में से एक हैं। इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) द्वारा की जाएगी, जिसमें अरब लीग के अन्य सदस्य देशों के विदेश मंत्री और अरब लीग के महासचिव भी शामिल होंगे।
गुरुवार को दिल्ली स्थित फिलिस्तीनी दूतावास में पत्रकारों से बात करते हुए, शाहिन ने इजरायल और फिलिस्तीन के बीच मध्यस्थ के रूप में भारत की संभावित भूमिका पर विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि भारत आज फिलिस्तीन और इजरायल दोनों का मित्र है और संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में एक प्रमुख भूमिका निभा सकता है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह बैठक मौजूदा सहयोग को आगे बढ़ाने और इस साझेदारी को और गहरा करने पर केंद्रित होगी। सूत्रों का कहना है कि बैठक में क्षेत्र में शांति और स्थिरता के अलावा गाजा शांति योजना पर भी चर्चा होने की संभावना है।
फिलिस्तीन की भारत से अपील
फिलिस्तीनी विदेश मंत्री वारसेन अघाबेकियन शाहिन ने गाजा में पुनर्निर्माण के लिए भारत से अपनी भागीदारी बढ़ाने का आग्रह किया है। उन्होंने शरणार्थियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए UNRWA को भारत का समर्थन जारी रखने पर भी जोर दिया। उनका यह बयान भारत द्वारा 10 साल बाद भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी की तैयारी के बीच आया है।
भारत की भूमिका पर फिलिस्तीनी दृष्टिकोण
विदेश मंत्री शाहिन ने कहा, “हम वास्तव में समझते हैं कि भारत एक महान देश है, और यह आज फिलिस्तीन और इजरायल का मित्र है। हम चाहेंगे कि भारत का एक संतुलित दृष्टिकोण हो।” उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत इजरायल और फिलिस्तीन के बीच एक मध्यस्थ के रूप में एक बड़ी भूमिका निभा सकता है और संघर्ष तथा कब्जे को समाप्त करने की दिशा में काम कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत कब्जे के खिलाफ हमारे संघर्ष में हमारे साथ खड़ा रहा है और पिछले कुछ वर्षों में दो-राज्य समाधान तथा संयुक्त राष्ट्र में हमारे प्रस्तावों पर फिलिस्तीनी लोगों के साथ मजबूती से खड़ा रहा है।
भारत-अरब बैठक का एजेंडा
विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि विदेश मंत्रियों की यह बैठक 10 साल के अंतराल के बाद हो रही है; पहली बैठक 2016 में बहरीन में हुई थी। पहली बैठक में, मंत्रियों ने सहयोग के लिए पांच प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की थी: अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, शिक्षा, मीडिया और संस्कृति। दूसरी भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक से मौजूदा सहयोग को आगे बढ़ाने और इस साझेदारी का विस्तार करने की उम्मीद है। इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत और यूएई करेंगे।
भारत के सहयोग की सराहना
शाहिन ने फिलिस्तीन में भारत के चल रहे समर्थन के लिए प्रशंसा व्यक्त की। उन्होंने कहा, “हमारे पास कई कार्यक्रम और परियोजनाएं हैं जिन्हें भारत द्वारा समर्थित किया गया है।” उन्होंने बताया कि भारत ने शिक्षा क्षेत्र का समर्थन किया है, जिसमें पूरे वेस्ट बैंक में कई स्कूल शामिल हैं। उन्होंने दुख व्यक्त किया कि गाजा में कुछ स्कूल और उच्च शिक्षा केंद्र पिछले दो वर्षों में नष्ट हो गए, लेकिन वेस्ट बैंक में स्कूल अभी भी काम कर रहे हैं और कई फिलिस्तीनियों को आश्रय दे रहे हैं।
भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक से ठीक पहले, फिलिस्तीन ने गाजा पुनर्निर्माण और शरणार्थी सहायता में भारत से अधिक सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया है। यह दिल्ली में होने वाली बैठक के महत्व को रेखांकित करता है, जहाँ क्षेत्रीय शांति और सहयोग के प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
FAQs
भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक कहाँ हो रही है?
दूसरी भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक भारत की राजधानी नई दिल्ली में शनिवार को हो रही है।
फिलिस्तीनी विदेश मंत्री ने भारत से क्या आग्रह किया है?
फिलिस्तीनी विदेश मंत्री वारसेन अघाबेकियन शाहिन ने भारत से गाजा पुनर्निर्माण प्रयासों में भागीदारी बढ़ाने और UNRWA को समर्थन जारी रखने का आग्रह किया है।
इस बैठक की सह-अध्यक्षता कौन से देश कर रहे हैं?
इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) द्वारा की जाएगी।
पिछली भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक कब और कहाँ हुई थी?
पहली भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक 2016 में बहरीन में आयोजित की गई थी।
इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष पर भारत की भूमिका के बारे में क्या कहा गया?
फिलिस्तीनी विदेश मंत्री ने कहा कि भारत, फिलिस्तीन और इजरायल दोनों का मित्र है और वह दोनों के बीच मध्यस्थ के रूप में संघर्ष को समाप्त करने में एक प्रमुख भूमिका निभा सकता है।
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