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गंभीर अवसाद से बिगड़ सकता है अस्थमा का नियंत्रण

मेजर डिप्रेसिव डिसऑर्डर (MDD) यानी गंभीर अवसाद, 60 वर्ष से अधिक उम्र के अस्थमा रोगियों में लंबे समय तक के खराब स्वास्थ्य परिणामों से जुड़ा हुआ है। एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है कि बीमारी के प्रति नकारात्मक धारणाएं, अस्थमा नियंत्रण, जीवन की गुणवत्ता और स्टेरॉयड के उपयोग को सीधे तौर पर प्रभावित करती हैं। यह शोध उन तरीकों पर प्रकाश डालता है जिनसे मानसिक स्वास्थ्य, शारीरिक बीमारियों के प्रबंधन पर असर डाल सकता है, खासकर बुजुर्ग आबादी में।

यह अध्ययन न्यूयॉर्क शहर में अस्थमा से पीड़ित 336 वयस्कों पर किया गया, जिनकी उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक थी। शोधकर्ताओं ने 18 महीनों तक इन प्रतिभागियों के स्वास्थ्य की निगरानी की ताकि यह समझा जा सके कि मेजर डिप्रेसिव डिसऑर्डर उनके अस्थमा के परिणामों को कैसे आकार देता है। इस अवधि के दौरान, प्रतिभागियों के अवसाद के स्तर, अस्थमा और दवाओं के बारे में उनकी धारणाओं, और उनके जीवन की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया गया।

अध्ययन में पाया गया कि जिन बुजुर्गों को मेजर डिप्रेसिव डिसऑर्डर था, वे अपने अस्थमा को अधिक खतरनाक और भावनात्मक रूप से परेशान करने वाला मानते थे। इस नकारात्मक सोच के कारण न केवल उनका अस्थमा नियंत्रण खराब हुआ, बल्कि उन्हें अधिक बार स्वास्थ्य सेवाओं का उपयोग करने की भी आवश्यकता पड़ी। इससे स्वास्थ्य और जीवनशैली के बीच के गहरे संबंध का पता चलता है।

विश्लेषण से यह भी संकेत मिला कि अस्थमा के बारे में नकारात्मक धारणाएं ही वह मुख्य माध्यम थीं, जिनके जरिए डिप्रेशन ने खराब स्वास्थ्य परिणामों को जन्म दिया। इसमें अस्थमा का बिगड़ना, जीवन की गुणवत्ता में कमी, और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की बढ़ती आवश्यकता शामिल थी।

अध्ययन की कार्यप्रणाली

यह एक प्रॉस्पेक्टिव कोहोर्ट अध्ययन था, जिसमें 18 महीनों तक प्रतिभागियों का अनुसरण किया गया। अध्ययन की शुरुआत में और फिर 6, 12, और 18 महीने के अंतराल पर, प्रतिभागियों का मेजर डिप्रेसिव डिसऑर्डर के लिए एक नैदानिक ​​साक्षात्कार किया गया। इसके साथ ही, अस्थमा नियंत्रण, दवाओं के प्रति उनकी धारणाओं और अस्थमा से संबंधित जीवन की गुणवत्ता को मापने वाले विभिन्न पैमाने भी पूरे कराए गए।

शोधकर्ताओं ने स्वास्थ्य सेवाओं के उपयोग पर भी नजर रखी, जिसमें ओरल कॉर्टिकोस्टेरॉइड (OCS) का उपयोग, बीमारी के कारण डॉक्टर के पास जाना, आपातकालीन विभाग में भर्ती होना और अस्पताल में भर्ती होना शामिल था। इनहेल्ड कॉर्टिकोस्टेरॉइड (ICS) के पालन की निगरानी प्रत्येक सत्र के बाद चार सप्ताह तक इलेक्ट्रॉनिक दवा मॉनिटर का उपयोग करके निष्पक्ष रूप से की गई।

डिप्रेशन और अस्थमा पर इसके प्रभाव

अध्ययन में समय के साथ यह पाया गया कि मेजर डिप्रेसिव डिसऑर्डर का संबंध अस्थमा के प्रति अधिक खतरनाक और भावनात्मक विचारों से था। इसके अलावा, जिन प्रतिभागियों में डिप्रेशन था, उनमें इनहेल्ड कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स (ICS) का पालन करने की दर कम थी और वे अधिक बार आपातकालीन विभाग में गए।

विश्लेषण से पता चला कि अस्थमा के बारे में नकारात्मक धारणाएं डिप्रेशन और इसके बाद होने वाले कई नकारात्मक परिणामों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी थीं। यह दर्शाता है कि मानसिक स्थिति का शारीरिक बीमारी के प्रबंधन पर कितना गहरा प्रभाव पड़ सकता है।

नकारात्मक धारणाओं के परिणाम

इस अध्ययन ने स्पष्ट किया कि नकारात्मक धारणाओं के माध्यम से, मेजर डिप्रेसिव डिसऑर्डर ने अस्थमा के कई परिणामों को प्रभावित किया। इसके कारण अस्थमा का नियंत्रण खराब हो गया और रोगियों के जीवन की गुणवत्ता में भी गिरावट आई।

इसके अतिरिक्त, डिप्रेशन के कारण ओरल कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स (OCS) का उपयोग बढ़ गया और अस्थमा से संबंधित स्वास्थ्य सेवाओं की मांग में भी वृद्धि हुई। इसमें सामान्य जांच, आपातकालीन विभाग के दौरे और अस्पताल में भर्ती होने की दरें शामिल थीं, जो पूरी अध्ययन अवधि के दौरान अधिक बनी रहीं।

अध्ययन के मुख्य निष्कर्ष

अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि अस्थमा से पीड़ित बुजुर्ग वयस्कों में, मेजर डिप्रेसिव डिसऑर्डर उनके भावनात्मक प्रतिक्रियाओं और बीमारी के प्रति धारणाओं को प्रभावित करता है। यह स्थिति इनहेल्ड कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स के पालन में कमी के साथ मिलकर अस्थमा के नियंत्रण और स्वास्थ्य सेवाओं के उपयोग पर असर डालती है। लेखकों ने इस बात पर जोर दिया है कि अस्थमा और डिप्रेशन दोनों से पीड़ित बुजुर्गों में भावनात्मक प्रतिक्रियाओं और बीमारी से जुड़ी धारणाओं को लक्षित करना महत्वपूर्ण है।

इस अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि अस्थमा से पीड़ित बुजुर्गों में डिप्रेशन का इलाज केवल मानसिक स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि उनकी शारीरिक बीमारी के बेहतर प्रबंधन के लिए भी आवश्यक है। बीमारी के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने से अस्थमा नियंत्रण में सुधार हो सकता है और स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भरता कम हो सकती है।

FAQs

यह अध्ययन कहाँ किया गया था?

यह अध्ययन संयुक्त राज्य अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में किया गया था।

इस अध्ययन में कितने लोगों ने भाग लिया?

इस अध्ययन में अस्थमा से पीड़ित 336 वयस्कों ने भाग लिया, जिनकी आयु 60 वर्ष और उससे अधिक थी।

अध्ययन के अनुसार डिप्रेशन अस्थमा को कैसे प्रभावित करता है?

अध्ययन के अनुसार, डिप्रेशन बीमारी के प्रति नकारात्मक धारणाओं को जन्म देता है, जिसके परिणामस्वरूप अस्थमा का खराब नियंत्रण, जीवन की गुणवत्ता में कमी और स्वास्थ्य सेवाओं का अधिक उपयोग होता है।

डिप्रेशन का इनहेलर के उपयोग पर क्या प्रभाव देखा गया?

अध्ययन में पाया गया कि मेजर डिप्रेसिव डिसऑर्डर का संबंध इनहेल्ड कॉर्टिकोस्टेरॉइड (ICS) के उपयोग में कमी से था, जिसका अर्थ है कि मरीज अपनी दवाएं नियमित रूप से नहीं ले रहे थे।

अध्ययन की अवधि कितनी थी?

प्रतिभागियों पर 18 महीनों की अवधि तक नजर रखी गई और समय-समय पर डेटा एकत्र किया गया।

यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।

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