दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान क्विंटन डी कॉक ने वेस्टइंडीज के खिलाफ एक असाधारण पारी खेलते हुए अपना दूसरा टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक जड़ा। गुरुवार को सेंचुरियन में खेले गए दूसरे टी20 मैच में उन्होंने मात्र 49 गेंदों में 115 रन बनाए। इस पारी की सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि उन्होंने यह शतक अपने टीम के साथी खिलाड़ी के बल्ले से बनाया था।
मैच से पहले, डी कॉक को पता चला कि वह अपना किटबैग, जिसमें उनके बल्ले थे, होटल में ही भूल गए हैं। होटल तट के पास स्थित था और वहां से सुपर स्पोर्ट पार्क तक की उड़ान में दो घंटे से अधिक का समय लगता, जिससे उनके बल्ले समय पर नहीं पहुंच सकते थे। इस स्थिति में, उन्हें ड्रेसिंग रूम में दूसरे खिलाड़ियों के बल्ले देखने पड़े।
इस यादगार पारी की बदौलत दक्षिण अफ्रीका ने यह मैच सात विकेट से जीत लिया। मैच के बाद डी कॉक ने इस घटना का खुलासा किया और बताया कि कैसे उन्होंने अपने साथी खिलाड़ी डेवाल्ड ब्रेविस के किटबैग से एक बल्ला निकालकर खेलने का फैसला किया।
उधार के बल्ले से तूफानी शतक
33 वर्षीय क्विंटन डी कॉक ने अपनी 115 रन की पारी के दौरान 10 छक्के और छह चौके लगाए। उन्होंने रयान रिकेल्टन (77) के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 162 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। वह 15वें ओवर में अकील होसेन की गेंद पर एक गलत शॉट खेलकर आउट हुए। यह डी कॉक का टी20 अंतरराष्ट्रीय में दूसरा शतक था। उनका पिछला टी20 शतक भी 2023 में इसी मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ आया था।
क्यों इस्तेमाल किया दूसरा बल्ला?
डी कॉक ने मैच के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए इस घटना के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा, “जब मुझे पहले इस बारे में पता चला तो मुझे थोड़ी शर्मिंदगी महसूस हुई। मैं अपने नए बैग देख रहा था और मेरा दिमाग एकदम खाली हो गया। मुझे नहीं पता कि मैं कैसे भूल गया।” उन्होंने बताया कि बस के निकलने से आधे घंटे पहले उन्हें कुछ फोन कॉल करने पड़े ताकि बल्लों को वापस मंगाया जा सके। जब यह संभव नहीं हुआ, तो उन्होंने ड्रेसिंग रूम में डेवाल्ड ब्रेविस का बल्ला इस्तेमाल करने का फैसला किया।
टीम के साथी ब्रेविस की प्रतिक्रिया
डी कॉक ने बताया कि जब उन्होंने ब्रेविस से कहा कि वह उनका बल्ला इस्तेमाल करने जा रहे हैं, तो ब्रेविस ने कहा, “यह ठीक है, यह आपके लिए एक अच्छा बल्ला है क्योंकि यह एक बाएं हाथ के बल्लेबाज का बल्ला है।” इस पर डी कॉक ने मजाकिया अंदाज में कहा, “वाह! आजकल के युवा!” हालांकि, डी कॉक ने यह भी स्पष्ट किया कि वह अगले मैच से पहले अपने बल्ले आ जाने पर उन्हीं का इस्तेमाल करेंगे और ब्रेविस का बल्ला उन्हें वापस कर देंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें उस बल्ले से खेलने में ज्यादा मजा नहीं आया क्योंकि उसका वजन उनके लिए सही नहीं था।
मैच और सीरीज की स्थिति
इस जीत के साथ ही दक्षिण अफ्रीका ने तीन मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। टीम ने पार्ल में खेला गया पहला मैच नौ विकेट से जीता था। डी कॉक को पहले टी20 मैच में ट्रिस्टन स्टब्स और मार्को जेनसन के साथ आराम दिया गया था। सीरीज का तीसरा और आखिरी टी20 मैच जोहान्सबर्ग में खेला जाएगा, जिसके बाद दक्षिण अफ्रीकी टीम आईसीसी टी20 विश्व कप के लिए भारत रवाना होगी।
इस असाधारण पारी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि क्विंटन डी कॉक किसी भी परिस्थिति में मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने उधार के बल्ले से न केवल शतक बनाया बल्कि अपनी टीम को वेस्टइंडीज के खिलाफ एक यादगार सीरीज जीत भी दिलाई।
FAQs
क्विंटन डी कॉक ने किस टीम के खिलाफ शतक बनाया?
क्विंटन डी कॉक ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में शतक बनाया।
डी कॉक ने कितने रन बनाए और कितनी गेंदों का सामना किया?
डी कॉक ने 49 गेंदों का सामना करते हुए 115 रनों की पारी खेली, जिसमें 10 छक्के और 6 चौके शामिल थे।
उन्होंने किसका बल्ला उधार लिया था?
उन्होंने अपने टीम के साथी खिलाड़ी डेवाल्ड ब्रेविस का बल्ला उधार लेकर यह पारी खेली थी।
डी कॉक को उधार का बल्ला क्यों लेना पड़ा?
डी कॉक अपना किटबैग होटल में भूल गए थे और समय पर उसे वापस मंगाना संभव नहीं था, इसलिए उन्हें उधार का बल्ला लेना पड़ा।
इस जीत के बाद सीरीज की क्या स्थिति है?
इस जीत के साथ दक्षिण अफ्रीका ने तीन मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है।
यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।


