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कोच्चि: नई खुफिया विंग के साथ आबकारी विभाग ने नशा-विरोधी अभियान तेज किया

एर्नाकुलम में नशीली दवाओं की तस्करी पर लगाम लगाने के लिए आबकारी विभाग की स्थानीय इकाई ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसके लिए एक नई आंतरिक खुफिया प्रणाली शुरू की गई है। इस प्रणाली के तहत, निगरानी और निवारक उपायों को मजबूत करने के लिए 22 आबकारी अधिकारियों वाली दो विशेष टीमों को तैनात किया गया है। इन टीमों का मुख्य कार्य नशीले पदार्थों और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं की संदिग्ध तस्करी पर खुफिया जानकारी इकट्ठा करना है।

अधिकारियों ने दावा किया है कि यह नया तंत्र काफी प्रभावी साबित हुआ है। इसके लॉन्च होने के पहले सप्ताह में ही खुफिया इकाइयों से मिली सूचनाओं के आधार पर कम से कम चार सफल कार्रवाइयां की गईं। इन कार्रवाइयों में भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं और कई तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जिससे क्षेत्र में ड्रग नेटवर्क को एक बड़ा झटका लगा है।

खुफिया विंग से प्राप्त जानकारी के आधार पर दर्ज किए गए मामलों में हाल ही में शहर के एक लॉज से एक 28 वर्षीय व्यक्ति की गिरफ्तारी भी शामिल है। उसके पास से 252.48 ग्राम संदिग्ध एमडीएमए बरामद किया गया। आरोपी की पहचान करुमाडी, अम्बालापुझा के रहने वाले आदर्श सिद्धार्थन के रूप में हुई है। उसे प्रतिबंधित पदार्थ प्राप्त होने के कुछ ही घंटों के भीतर पकड़ लिया गया, जो इस प्रणाली की तत्परता को दर्शाता है।

नई खुफिया प्रणाली की संरचना

ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई को और प्रभावी बनाने के लिए गठित की गई दो विशेष टीमों का नेतृत्व एक-एक आबकारी निरीक्षक कर रहे हैं। इन टीमों में निवारक आबकारी अधिकारियों और सिविल आबकारी अधिकारियों को शामिल किया गया है। इन अधिकारियों का चयन पिछले अभियानों में उनके अनुभव और संचार प्रौद्योगिकियों के ज्ञान के आधार पर किया गया है। एक आबकारी अधिकारी के अनुसार, दस्ते में जिले के विभिन्न कार्यालयों के कर्मी शामिल हैं और उन्हें सादे कपड़ों में घूमने की पूरी स्वतंत्रता दी गई है ताकि वे आसानी से जानकारी जुटा सकें।

प्रारंभिक सफलता और प्रमुख गिरफ्तारियां

इस नई खुफिया प्रणाली ने शुरुआती चरण में ही महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। विशेष दस्ते से मिली जानकारी पर पहली कार्रवाई में एक ग्राम एमडीएमए जब्त किया गया, जिसके बाद पांच ग्राम और 11 ग्राम की दो और बरामदगी हुईं। सबसे बड़ी कार्रवाई में आदर्श सिद्धार्थन नामक युवक को 252.48 ग्राम एमडीएमए के साथ गिरफ्तार किया गया। आबकारी सूत्रों ने बताया कि युवक ने उपनगरीय इलाके मंजुम्मेल से 300 ग्राम से अधिक संदिग्ध प्रतिबंधित पदार्थ एकत्र किया था। यह संदेह है कि पकड़े जाने से पहले वह इसका एक हिस्सा किसी अन्य तस्कर को बेचने में कामयाब रहा।

खुफिया नेटवर्क का विस्तार

स्थानीय स्तर पर कार्रवाई के साथ-साथ, आबकारी अधिकारी अपने खुफिया नेटवर्क का विस्तार करने के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के साथ भी बातचीत कर रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि राष्ट्रीय एजेंसी की विशेषज्ञता से जब्त किए गए प्रतिबंधित पदार्थों के स्रोतों का पता लगाने और उन्हें गिरफ्तार करने में काफी मदद मिलेगी। यह सहयोग अंतर-राज्यीय ड्रग्स नेटवर्क को तोड़ने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

आधिकारिक आंकड़े और जब्त सामग्री

जिले में आबकारी विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष 22 जनवरी तक नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेज (NDPS) एक्ट के तहत 111 मामले दर्ज किए गए हैं और 115 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। इन मामलों में जब्त किए गए संदिग्ध नशीले पदार्थों में 26.75 किलोग्राम गांजा, 257.81 ग्राम एमडीएमए और 33 ग्राम हेरोइन शामिल है। ये आंकड़े क्षेत्र में नशीली दवाओं की तस्करी की गंभीरता को दर्शाते हैं।

एर्नाकुलम आबकारी विभाग द्वारा शुरू की गई यह नई खुफिया प्रणाली नशीली दवाओं के अवैध व्यापार के खिलाफ एक बड़ी पहल है। शुरुआती सफलताओं ने इस प्रणाली की प्रभावशीलता को साबित कर दिया है, और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के साथ संभावित सहयोग से इस नेटवर्क को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

FAQs

एर्नाकुलम आबकारी विभाग ने कौन-सी नई पहल की है?

एर्नाकुलम आबकारी विभाग ने नशीली दवाओं की तस्करी से निपटने के लिए एक नई आंतरिक खुफिया प्रणाली शुरू की है, जिसमें 22 अधिकारियों की दो विशेष टीमें तैनात की गई हैं।

इस नई प्रणाली का परिणाम क्या रहा है?

यह प्रणाली लॉन्च के बाद पहले सप्ताह में ही प्रभावी साबित हुई, जिसके परिणामस्वरूप खुफिया जानकारी के आधार पर कम से कम चार नशीले पदार्थों की बरामदगी हुई।

सबसे बड़ी बरामदगी कौन-सी थी?

अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी में एक 28 वर्षीय व्यक्ति को 252.48 ग्राम संदिग्ध एमडीएमए के साथ एक लॉज से गिरफ्तार किया गया।

विभाग किस अन्य एजेंसी के साथ सहयोग कर रहा है?

आबकारी विभाग अपने खुफिया नेटवर्क का विस्तार करने और नशीले पदार्थों के स्रोतों का पता लगाने के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के साथ बातचीत कर रहा है।

इस साल जनवरी तक कितने मामले दर्ज किए गए?

22 जनवरी तक, एनडीपीएस एक्ट के तहत 111 मामले दर्ज किए गए, जिसमें 115 लोगों को गिरफ्तार किया गया और भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए गए।

यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।

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