कीमती धातुओं, विशेष रूप से सोने और चांदी की वैश्विक मांग में एक अभूतपूर्व तेजी देखी जा रही है, जिसने यूनाइटेड किंगडम (UK) में निवेशकों को भी अपनी चपेट में ले लिया है। पारंपरिक रूप से जोखिम से बचने वाले माने जाने वाले ब्रिटिश निवेशक अब भारी संख्या में इन धातुओं में निवेश कर रहे हैं। इस प्रवृत्ति का सबसे बड़ा प्रमाण UK की रॉयल मिंट से मिला है, जो देश में सोने और चांदी के सिक्के और बार बेचती है।
रॉयल मिंट ने हाल ही में अपनी दैनिक ऑनलाइन बुलियन बिक्री का सर्वकालिक रिकॉर्ड तोड़ दिया। संस्था के अनुसार, चांदी के ब्रिटानिया सिक्कों की मांग “बहुत बड़ी” है। इस बढ़ी हुई मांग के कारण रॉयल मिंट की वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक देखा गया, जिसके चलते सिस्टम पर दबाव पड़ा और कंपनी को सेवा में देरी के लिए माफी भी मांगनी पड़ी। यह घटनाक्रम निवेशकों की बदलती मानसिकता को दर्शाता है, जो अब बैंक जमा जैसे पारंपरिक और कम रिटर्न वाले विकल्पों से हटकर कीमती धातुओं की ओर बढ़ रहे हैं।
यह उछाल केवल UK तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह एक वैश्विक घटना है। पिछले साल चांदी की कीमतों में 150 प्रतिशत की विस्फोटक वृद्धि हुई, जिसने 50 डॉलर प्रति औंस के पिछले रिकॉर्ड को आसानी से तोड़ दिया। इस साल जनवरी में, कीमतों में और 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिससे यह 100 डॉलर प्रति औंस के स्तर से भी ऊपर चली गई। इसी तरह, सोने की कीमतों में भी एक शानदार तेजी आई है, और यह 5,200 डॉलर प्रति औंस के पार पहुँच गया है।
बाजार में इस असाधारण हलचल के पीछे मुख्य रूप से आर्थिक अनिश्चितता और मुख्यधारा की संपत्तियों में घटता विश्वास है। अमेरिकी डॉलर पर लगभग सभी प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले भारी दबाव है। यह ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले 2021 के बाद के सबसे निचले स्तर पर है और स्विस फ्रैंक के मुकाबले भी कमजोर हुआ है। इन कारकों ने सोने और चांदी को निवेशकों के लिए एक सुरक्षित विकल्प बना दिया है।
रॉयल मिंट में रिकॉर्ड बिक्री
UK की रॉयल मिंट, जो सोने और चांदी की बिक्री के लिए एक आधिकारिक संस्था है, ने हाल ही में अपनी ऑनलाइन बिक्री में एक नया दैनिक रिकॉर्ड स्थापित किया है। निवेशकों की ओर से कीमती धातुओं, विशेषकर चांदी के सिक्कों की मांग में भारी वृद्धि दर्ज की गई है।
संस्था ने बताया कि चांदी के ब्रिटानिया सिक्कों से भरी प्लास्टिक ट्यूबों की मांग अभूतपूर्व स्तर पर है। वेबसाइट पर मार्गदर्शन और खरीद के लिए आने वाले लोगों की संख्या इतनी बढ़ गई है कि सिस्टम पर काफी दबाव पड़ रहा है। इसके परिणामस्वरूप, रॉयल मिंट को अपनी वेबसाइट पर सेवाओं में किसी भी संभावित देरी के लिए ग्राहकों से माफी मांगते हुए एक नोटिस पोस्ट करना पड़ा। यह दर्शाता है कि आम निवेशक भी अब सुरक्षित निवेश विकल्पों की तलाश में हैं।
सोने-चांदी की कीमतों में अभूतपूर्व उछाल
वैश्विक बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में असाधारण तेजी आई है। चांदी, जिसे अक्सर सोने की तुलना में कम महत्व दिया जाता है, 2026 में वैश्विक बाजारों का एक प्रमुख सितारा बनकर उभरी है। पिछले वर्ष इसकी कीमत में 150% की भारी वृद्धि हुई, जिसने 50 डॉलर प्रति औंस के पिछले रिकॉर्ड को भी पार कर लिया।
इस साल जनवरी महीने में यह तेजी और भी तीव्र हो गई, जब चांदी की कीमतों में अतिरिक्त 50% की वृद्धि हुई और यह 100 डॉलर प्रति औंस से भी ऊपर पहुँच गई। सोना भी पीछे नहीं रहा, और इसकी कीमत 5,200 डॉलर प्रति औंस से अधिक के स्तर पर पहुँच गई है। कीमतों में यह उछाल दुनिया भर के निवेशकों को आकर्षित कर रहा है।
निवेशकों के रुझान के पीछे के कारण
कीमती धातुओं में निवेश की इस लहर के पीछे कई आर्थिक कारण हैं। सबसे प्रमुख कारण अन्य मुख्यधारा की संपत्तियों, जैसे मुद्राओं और बॉन्ड, पर निवेशकों का घटता विश्वास है। अमेरिकी डॉलर दुनिया भर में दबाव में है, जिससे निवेशक सुरक्षित विकल्पों की तलाश कर रहे हैं।
जापान की मुद्रा येन, जो पारंपरिक रूप से एक सुरक्षित आश्रय मानी जाती थी, अब मुद्रास्फीति की चिंताओं के कारण वह भूमिका नहीं निभा पा रही है। ऐसे में सोना एक प्रमुख सुरक्षित निवेश बनकर उभरा है, और चांदी भी इसी राह पर चल रही है। कुछ निवेशक इसे सरकारी बॉन्ड के विकल्प के रूप में देख रहे हैं, जो भारी सरकारी उधार के कारण जोखिम भरे हो गए हैं। वहीं, अन्य निवेशक अमेरिकी शेयरों में अपने बड़े निवेश से विविधता लाने के लिए कीमती धातुओं का रुख कर रहे हैं।
केंद्रीय बैंकों और बड़े निवेशकों की भूमिका
इस वैश्विक खरीददारी में केवल छोटे निवेशक ही नहीं, बल्कि केंद्रीय बैंक जैसे बड़े संस्थान भी शामिल हैं। पिछले महीने, पोलैंड के केंद्रीय बैंक ने खुद को सोने के एक प्रमुख खरीदार के रूप में घोषित किया। बैंक ने सोने को “एक नई वित्तीय व्यवस्था की तलाश में एकमात्र विश्वसनीय राष्ट्रीय आरक्षित संपत्ति” बताया।
इसके अलावा, पिक्टेट वेल्थ मैनेजमेंट की गेराल्डिन सनस्ट्रॉम के अनुसार, मध्य पूर्व और एशिया के कई धनी निवेशकों के लिए अमेरिकी बाजार से हटकर यूरोपीय बाजारों में निवेश करना एक बड़ी मनोवैज्ञानिक बाधा है। उनके लिए कीमती धातुओं में निवेश करना मानसिक रूप से एक आसान कदम है।
बाजार में लीवरेज और अटकलों का प्रभाव
कीमतों में तेज वृद्धि ने बाजार में अपनी खुद की एक गति उत्पन्न कर दी है, जो 2021 में अमेरिका में देखे गए मीम स्टॉक क्रेज के समान है। न्यूबर्गर बर्मन के फ्रेडरिक रेप्टन के अनुसार, कीमतों में इस तरह की तेज कार्रवाई आमतौर पर तब तक नहीं होती जब तक कि इसमें लीवरेज (उधार का पैसा) शामिल न हो।
बाजार में व्यापार के लिए उपलब्ध सोने और विशेष रूप से चांदी की मात्रा वास्तव में काफी कम है। अमेरिकी संभावित शुल्कों से पहले असामान्य रूप से उच्च स्तर की जमाखोरी ने भी आपूर्ति को सीमित कर दिया है। जब ऋण-ईंधन, खुदरा-भारी और FOMO (फियर ऑफ मिसिंग आउट) से प्रेरित निवेश सीमित संपत्ति में आता है, तो यह बाजार में तेज उछाल पैदा कर सकता है।
वैश्विक बाजार में कीमती धातुओं, विशेष रूप से सोने और चांदी की कीमतों में हालिया उछाल एक बहुआयामी घटना है। यूके के रॉयल मिंट में रिकॉर्ड तोड़ बिक्री से लेकर पोलैंड जैसे देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा रणनीतिक खरीद तक, यह प्रवृत्ति दुनिया भर में निवेशकों के बीच बढ़ती आर्थिक अनिश्चितता और पारंपरिक संपत्तियों में विश्वास की कमी को दर्शाती है।
FAQs
रॉयल मिंट में हाल ही में क्या रिकॉर्ड बना?
UK की रॉयल मिंट ने अपनी दैनिक ऑनलाइन बुलियन (सोना और चांदी) बिक्री का सर्वकालिक रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जिसका मुख्य कारण चांदी के सिक्कों की अभूतपूर्व मांग है।
हाल के समय में चांदी की कीमत में कितनी वृद्धि हुई है?
पिछले वर्ष चांदी की कीमत में 150% की वृद्धि हुई और इस साल जनवरी में अतिरिक्त 50% की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे इसकी कीमत 100 डॉलर प्रति औंस को पार कर गई।
निवेशक कीमती धातुओं की ओर क्यों आकर्षित हो रहे हैं?
निवेशक अन्य संपत्तियों की कथित अविश्वसनीयता, कमजोर अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी शेयरों तथा बॉन्ड से अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाने के लिए कीमती धातुओं की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
किस केंद्रीय बैंक ने सोने को एक विश्वसनीय संपत्ति बताया है?
पोलैंड के केंद्रीय बैंक ने सोने को “एकमात्र विश्वसनीय राष्ट्रीय आरक्षित संपत्ति” के रूप में वर्णित किया है और हाल के महीनों में इसकी महत्वपूर्ण खरीद की है।
सोने की कीमत किस स्तर पर पहुँच गई है?
कीमतों में हालिया उछाल के बाद सोने की कीमत 5,200 डॉलर प्रति औंस से ऊपर के स्तर पर पहुँच गई है।
यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।


