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एनएसए प्रमुख बनने वाले आर्मी जनरल का वादा, नियुक्ति के बाद करेंगे कानून का पालन

अमेरिकी नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी (NSA) का नेतृत्व करने के लिए नामित सेना के जनरल ने गुरुवार को सांसदों को आश्वासन दिया कि वह एजेंसी के शक्तिशाली निगरानी उपकरणों का उपयोग करते समय संविधान और कानून का पालन करेंगे। लेफ्टिनेंट जनरल जोशुआ रड को अमेरिकी खुफिया तंत्र के एक महत्वपूर्ण पद के लिए चुना गया है।

यदि सीनेट द्वारा उनकी पुष्टि हो जाती है, तो लेफ्टिनेंट जनरल रड पेंटागन के साइबर कमांड का भी संचालन करेंगे, जिससे उन्हें देश के आक्रामक और रक्षात्मक साइबर अभियानों में एक महत्वपूर्ण भूमिका मिलेगी। यह पद पिछले साल से खाली है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने जनरल टिम हॉग को पद से हटा दिया था।

सीनेट की खुफिया समिति के समक्ष रड की पुष्टि की सुनवाई के दौरान पूछे गए सवाल इस चिंता को दर्शाते हैं कि क्या संघीय कानून प्रवर्तन और सुरक्षा कार्यक्रमों का राजनीतिकरण किया गया है। सांसदों ने रड से आश्वासन मांगा कि वह अपने अधिकार का दुरुपयोग नहीं करेंगे।

रड ने अपने लंबे सैन्य करियर में आर्मी स्पेशल फोर्सेज में वरिष्ठ भूमिकाएं निभाई हैं और इराक व अफगानिस्तान में सेवा दी है। वर्तमान में वह इंडो-पैसिफिक कमांड के डिप्टी कमांडर हैं। उन्होंने कहा कि NSA का मिशन सेवा सदस्यों के जीवन की रक्षा और मातृभूमि को जासूसी और डिजिटल खतरों से सुरक्षित रखने के लिए महत्वपूर्ण है।

लेफ्टिनेंट जनरल जोशुआ रड का नामांकन

अमेरिकी सेना के लेफ्टिनेंट जनरल जोशुआ रड को नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी (NSA) और पेंटागन के साइबर कमांड के प्रमुख के रूप में नामित किया गया है। इन दोनों संगठनों का नेतृत्व एक ही व्यक्ति करता है, जिसे “डुअल-हैट” व्यवस्था के रूप में जाना जाता है। रड का सैन्य अनुभव काफी व्यापक है, जिसमें उन्होंने आर्मी स्पेशल फोर्सेज में वरिष्ठ पदों पर काम किया है।

उन्होंने इराक और अफगानिस्तान में युद्ध अभियानों में भी हिस्सा लिया है। अपनी वर्तमान भूमिका में, वह इंडो-पैसिफिक कमांड के डिप्टी कमांडर के रूप में कार्यरत हैं, जो चीन से संबंधित रणनीतिक चुनौतियों पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण कमान है। उनकी पृष्ठभूमि को देखते हुए, उन्हें साइबर युद्ध और खुफिया जानकारी के क्षेत्र में एक अनुभवी अधिकारी माना जाता है।

कानून के पालन का आश्वासन

सुनवाई के दौरान, लेफ्टिनेंट जनरल रड ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह कानून के दायरे में रहकर काम करेंगे। जब डेमोक्रेटिक सीनेटर रॉन वायडेन ने पूछा कि क्या वह संयुक्त राज्य अमेरिका में लोगों की निगरानी के लिए न्यायिक वारंट पर जोर देंगे, तो रड ने जवाब दिया कि वह अपने कर्तव्यों का पालन पूरी तरह से कानूनी अधिकार के तहत करेंगे।

उन्होंने कहा, “अगर पुष्टि हो जाती है, तो मैं NSA के विदेशी खुफिया मिशन को उसे दिए गए अधिकारों के अनुसार और सभी लागू कानूनों के भीतर निष्पादित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध रहूँगा।” यह आश्वासन उन चिंताओं को दूर करने के लिए था कि एजेंसी का उपयोग राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है, जो संघीय कानून द्वारा निषिद्ध है।

सांसदों द्वारा उठाए गए सवाल

सीनेट की खुफिया समिति के सदस्यों, विशेषकर डेमोक्रेट्स ने रड से तीखे सवाल पूछे। उन्होंने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि NSA की निगरानी क्षमताओं का इस्तेमाल अमेरिकियों के खिलाफ उनके भाषण या राजनीतिक विश्वासों के आधार पर नहीं किया जाएगा। सांसदों ने यह भी आश्वासन मांगा कि यदि व्हाइट हाउस कांग्रेस की सहमति के बिना निगरानी नीतियों को बदलने का कोई प्रयास करता है, तो वह समिति को सूचित करेंगे।

ये सवाल उस पृष्ठभूमि में पूछे गए थे जहां पिछले प्रशासन पर खुफिया एजेंसियों का राजनीतिकरण करने के आरोप लगे थे। पिछले साल NSA के निदेशक को अचानक हटाए जाने के बाद से यह पद स्थायी रूप से खाली है।

NSA और साइबर कमांड की भूमिका

नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी (NSA) अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए साइबर सुरक्षा, डिजिटल निगरानी और क्रिप्टोग्राफी कार्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित करती है। यह अन्य खुफिया एजेंसियों और पेंटागन के साथ मिलकर काम करती है। हाल के वर्षों में इंटरनेट और डिजिटल तकनीक के विकास के साथ इसका महत्व और भी बढ़ गया है, क्योंकि चीन, रूस और अन्य विरोधियों से नए खतरे पैदा हुए हैं।

साइबर कमांड देश के सैन्य नेटवर्क की रक्षा करने और विदेशी विरोधियों के खिलाफ आक्रामक साइबर ऑपरेशन करने के लिए जिम्मेदार है। इन दोनों एजेंसियों का नेतृत्व एक ही व्यक्ति के हाथ में होने से खुफिया जानकारी एकत्र करने और साइबर युद्ध क्षमताओं के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित होता है।

लेफ्टिनेंट जनरल जोशुआ रड ने अपनी पुष्टि की सुनवाई के दौरान सांसदों को आश्वासन दिया कि वह NSA और साइबर कमांड का नेतृत्व कानून और संविधान के अनुसार करेंगे। दोनों दलों के सीनेटरों ने विश्वास व्यक्त किया है कि पूरे सीनेट द्वारा उनके नामांकन की पुष्टि कर दी जाएगी, हालांकि मतदान की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।

FAQs

लेफ्टिनेंट जनरल जोशुआ रड कौन हैं?

लेफ्टिनेंट जनरल जोशुआ रड एक अमेरिकी सेना के जनरल हैं जिन्हें नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी (NSA) और अमेरिकी साइबर कमांड का नेतृत्व करने के लिए नामित किया गया है। उन्होंने आर्मी स्पेशल फोर्सेज में वरिष्ठ पदों पर कार्य किया है और इराक तथा अफगानिस्तान में भी सेवा दी है।

NSA का मुख्य कार्य क्या है?

NSA संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए सिग्नल इंटेलिजेंस (SIGINT) और सूचना आश्वासन (IA) के लिए जिम्मेदार एक खुफिया एजेंसी है। यह मुख्य रूप से साइबर सुरक्षा, डिजिटल निगरानी और क्रिप्टोग्राफी कार्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित करती है ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा की जा सके।

यह सुनवाई क्यों महत्वपूर्ण थी?

यह सुनवाई इसलिए महत्वपूर्ण थी क्योंकि NSA निदेशक का पद एक साल से अधिक समय से खाली था। इसके अलावा, सांसदों ने यह सुनिश्चित करने के लिए सवाल पूछे कि एजेंसी की शक्तिशाली निगरानी क्षमताओं का राजनीतिक उद्देश्यों के लिए दुरुपयोग न हो।

रड ने सांसदों को क्या मुख्य आश्वासन दिया?

रड ने मुख्य आश्वासन दिया कि वह NSA के विदेशी खुफिया मिशन को केवल दिए गए कानूनी अधिकारों के तहत और सभी लागू कानूनों का पालन करते हुए ही निष्पादित करेंगे। उन्होंने संविधान के प्रति अपनी निष्ठा पर जोर दिया।

उनकी नियुक्ति पर अंतिम निर्णय कब होगा?

दोनों दलों के सीनेटरों का मानना ​​है कि रड के नामांकन की पुष्टि हो जाएगी, लेकिन पूरे सीनेट में उनके नामांकन पर मतदान के लिए अभी कोई तारीख घोषित नहीं की गई है।

यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।

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