काउंटर-ड्रोन सिस्टम आज के समय में एक महत्वपूर्ण तकनीक के रूप में उभरा है, क्योंकि मानव रहित हवाई वाहनों (ड्रोन) का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। कृषि, डिलीवरी सेवाओं से लेकर निगरानी और मनोरंजन तक, ड्रोन कई क्षेत्रों में लाभ प्रदान करते हैं, लेकिन इनके बढ़ते चलन ने गंभीर जोखिम भी पैदा किए हैं। अनधिकृत ड्रोन निजता का उल्लंघन कर सकते हैं, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को बाधित कर सकते हैं, तस्करी कर सकते हैं या संघर्ष क्षेत्रों में विस्फोटक भी ले जा सकते हैं।
ड्रोन के इस दोहरे स्वरूप ने काउंटर-ड्रोन सिस्टम के विकास को गति दी है, जिसे काउंटर-अनमैन्ड एरियल सिस्टम (C-UAS) भी कहा जाता है। इन प्रौद्योगिकियों का उद्देश्य अनधिकृत या खतरनाक ड्रोन का पता लगाना, उन्हें ट्रैक करना, पहचानना और निष्क्रिय करना है। इसका मुख्य लक्ष्य आसपास के क्षेत्र को न्यूनतम नुकसान पहुंचाते हुए हवाई क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
दुनिया भर में सैन्य, आंतरिक सुरक्षा और वाणिज्यिक क्षेत्रों में बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के कारण इन प्रणालियों की मांग बढ़ी है। ड्रोन अब छोटे, तेज और अधिक स्वायत्त होते जा रहे हैं, कुछ तो जैमिंग वाले वातावरण में नेविगेशन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का भी उपयोग कर रहे हैं। इसके जवाब में, काउंटर-ड्रोन उद्योग भी लगातार विकसित हो रहा है, जिसमें 2025 तक व्यापक हवाई सुरक्षा के लिए एकीकृत प्रणालियों पर जोर दिया जा रहा है।
ड्रोन से बढ़ते खतरे और काउंटर-ड्रोन की आवश्यकता
ड्रोन प्रौद्योगिकी की आसान उपलब्धता ने सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। सीमा पार से नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल एक आम समस्या बन गया है, विशेष रूप से भारत की पश्चिमी सीमाओं पर। इसके अलावा, हवाई अड्डों, बिजली संयंत्रों, तेल रिफाइनरियों और सरकारी इमारतों जैसे महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर ड्रोन से हमले का खतरा हमेशा बना रहता है। आतंकवादी संगठन संघर्ष क्षेत्रों में निगरानी और विस्फोटक पहुंचाने के लिए सस्ते वाणिज्यिक ड्रोन का उपयोग कर रहे हैं, जिससे पारंपरिक सुरक्षा प्रणालियों के लिए एक नया खतरा पैदा हो गया है।
वैश्विक एंटी-ड्रोन बाज़ार का विस्तार
बढ़ते खतरों के साथ एंटी-ड्रोन बाजार में भी भारी उछाल देखा जा रहा है। 2024 में वैश्विक एंटी-ड्रोन बाजार का मूल्य लगभग 2.5 बिलियन डॉलर आंका गया है। कुछ अनुमानों के अनुसार, इसके 2030 तक 27 प्रतिशत से अधिक की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ते हुए 10 बिलियन डॉलर से अधिक होने का अनुमान है। इस वृद्धि का मुख्य कारण सैन्य और नागरिक क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताएं हैं। प्रौद्योगिकी में प्रगति के साथ, पुरानी रक्षा प्रणालियाँ अप्रभावी हो गई हैं, जिससे नई और उन्नत काउंटर-ड्रोन समाधानों की मांग बढ़ रही है।
खतरों का पता लगाने की उन्नत तकनीकें
किसी भी प्रभावी काउंटर-ड्रोन सिस्टम का पहला और सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा खतरे का पता लगाना है। आधुनिक प्रणालियाँ किसी एक तकनीक की सीमाओं को दूर करने के लिए कई सेंसरों का एक साथ उपयोग करती हैं। रडार सिस्टम लंबी दूरी की ट्रैकिंग में उत्कृष्ट होते हैं और रोटर की गति का विश्लेषण करने वाले माइक्रो-डॉप्लर सिग्नेचर का उपयोग करके ड्रोन और पक्षियों के बीच अंतर कर सकते हैं। विशेष 3डी रडार तो कई किलोमीटर दूर से नैनो-ड्रोन का भी पता लगा सकते हैं। रेडियो फ्रीक्वेंसी (RF) सेंसर ड्रोन और उसके ऑपरेटर के बीच संचार संकेतों को स्कैन करते हैं, जिससे अक्सर पायलट का स्थान भी पता चल जाता है। ऑप्टिकल और इन्फ्रारेड कैमरे दृश्य पुष्टि प्रदान करते हैं, जबकि ध्वनिक सेंसर ड्रोन के पंखों की विशिष्ट आवाज को पकड़ते हैं। इन सभी स्रोतों से प्राप्त डेटा को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा एकीकृत किया जाता है, जिससे गलत अलार्म कम होते हैं और ड्रोन के रास्ते का सटीक अनुमान लगाया जा सकता है। ड्रोनशील्ड और डेड्रोन जैसी कंपनियों ने AI-संचालित प्लेटफॉर्म विकसित किए हैं जो न केवल ड्रोन का पता लगाते हैं बल्कि मॉडल के आधार पर उन्हें वर्गीकृत भी करते हैं।
अवैध ड्रोन को निष्क्रिय करने के तरीके
एक बार खतरे का पता लगने के बाद, उसे निष्क्रिय करने के लिए कदम उठाए जाते हैं। इसके लिए मुख्य रूप से दो तरह के तरीके अपनाए जाते हैं: नॉन-काइनेटिक और काइनेटिक। नागरिक और कई सैन्य अनुप्रयोगों में नॉन-काइनेटिक तरीकों को प्राथमिकता दी जाती है क्योंकि इसमें मलबा गिरने का खतरा कम होता है। जैमिंग एक आम तरीका है, जिसमें ड्रोन के कंट्रोल लिंक या जीपीएस सिग्नल को बाधित कर दिया जाता है, जिससे ड्रोन या तो अपनी जगह पर मंडराने लगता है, वापस लौट जाता है या सुरक्षित रूप से उतर जाता है। वीआईपी सुरक्षा या सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए राइफल जैसी दिखने वाली हैंडहेल्ड जैमर गन का भी उपयोग किया जाता है। डी-फेंड सॉल्यूशंस जैसी कंपनियों द्वारा विकसित साइबर टेकओवर सिस्टम, ड्रोन के प्रोटोकॉल को हैक करके उसे सुरक्षित लैंडिंग जोन में उतार देते हैं। दूसरी ओर, उच्च खतरे वाले परिदृश्यों के लिए काइनेटिक विकल्प मौजूद हैं, जिनमें ड्रोन को भौतिक रूप से नष्ट किया जाता है। इसमें ड्रोन या जमीन से नेट लॉन्चर द्वारा जाल फेंकना, इंटरसेप्टर ड्रोन से टक्कर मारना, मिसाइलें और लेजर या माइक्रोवेव जैसे निर्देशित ऊर्जा हथियार शामिल हैं।
प्रमुख कंपनियां और नवीनतम विकास
काउंटर-ड्रोन बाजार में कई वैश्विक रक्षा और प्रौद्योगिकी कंपनियां अग्रणी हैं, जिनमें RTX, राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स, इज़राइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज, लियोनार्डो और थेल्स शामिल हैं। इनके अलावा, फोर्टेम टेक्नोलॉजीज और ड्रोनशील्ड जैसी विशेषज्ञ कंपनियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। हाल के वर्षों में, पोर्टेबल यानी हल्के सिस्टम के विकास पर जोर दिया जा रहा है, जिन्हें आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा सकता है। इसके अलावा, कंपनियां फाइबर-ऑप्टिक या स्वायत्त ड्रोन जैसे नए खतरों का मुकाबला करने के लिए भी समाधान विकसित कर रही हैं, जिन पर पारंपरिक जैमिंग का असर नहीं होता है।
काउंटर-ड्रोन प्रौद्योगिकी के सामने चुनौतियां
इस तकनीक के विकास के साथ-साथ कई चुनौतियां भी हैं। कानूनी ढांचे प्रौद्योगिकी के विकास की गति से पीछे हैं, जिससे नागरिक क्षेत्रों में सक्रिय रूप से ड्रोन को निष्क्रिय करने की अनुमति केवल अधिकृत संस्थाओं को ही है। आबादी वाले इलाकों में काइनेटिक तरीकों के इस्तेमाल से नैतिक चिंताएं पैदा होती हैं। इसके अलावा, ड्रोन झुंड (स्वार्म अटैक), जिसमें एक साथ बड़ी संख्या में ड्रोन हमला करते हैं, किसी एक सिस्टम को आसानी से मात दे सकते हैं। इनसे निपटने के लिए निर्देशित ऊर्जा जैसे उच्च-मात्रा और कम लागत वाले समाधानों की आवश्यकता है।
जैसे-जैसे ड्रोन हमारे दैनिक जीवन और युद्ध के तरीकों को बदल रहे हैं, काउंटर-ड्रोन सिस्टम हवाई क्षेत्र की सुरक्षा के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बन गए हैं। यह तकनीक नवाचार और जिम्मेदारी के बीच संतुलन साधते हुए यह सुनिश्चित करती है कि आसमान का वैध उपयोग सुरक्षित रहे और किसी भी दुर्भावनापूर्ण इरादे को विफल किया जा सके।
FAQs
काउंटर-ड्रोन सिस्टम क्या है?
काउंटर-ड्रोन सिस्टम एक ऐसी तकनीक है जिसे अनधिकृत या खतरनाक ड्रोन का पता लगाने, उन्हें ट्रैक करने, पहचानने और निष्क्रिय करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, ताकि हवाई क्षेत्र को सुरक्षित रखा जा सके।
वैश्विक एंटी-ड्रोन बाजार का अनुमानित आकार क्या है?
2024 में वैश्विक एंटी-ड्रोन बाजार का मूल्य लगभग 2.5 बिलियन डॉलर था, और अनुमान है कि यह 2030 तक 10 बिलियन डॉलर से अधिक हो जाएगा।
खतरनाक ड्रोन का पता कैसे लगाया जाता है?
खतरनाक ड्रोन का पता लगाने के लिए रडार, रेडियो फ्रीक्वेंसी (RF) सेंसर, ऑप्टिकल और इन्फ्रारेड कैमरे, और ध्वनिक सेंसर जैसी कई तकनीकों का एक साथ उपयोग किया जाता है, जिन्हें अक्सर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा एकीकृत किया जाता है।
ड्रोन को निष्क्रिय करने के मुख्य तरीके कौन से हैं?
ड्रोन को निष्क्रिय करने के दो मुख्य तरीके हैं: नॉन-काइनेटिक (जैसे जैमिंग या साइबर टेकओवर) और काइनेटिक (जैसे नेट, मिसाइल या लेजर से नष्ट करना)।
इस क्षेत्र में कुछ प्रमुख कंपनियां कौन सी हैं?
इस क्षेत्र की कुछ प्रमुख कंपनियों में आरटीएक्स, राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स, इज़राइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज, लियोनार्डो, थेल्स, फोर्टेम टेक्नोलॉजीज और ड्रोनशील्ड शामिल हैं।
यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।


