अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसने एक नया मोड़ ले लिया है। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बीच ईरान ने जमीन और समुद्र से हमला करने में सक्षम 1000 ड्रोन तैयार करने का दावा किया है। ईरानी सेना का कहना है कि अगर अमेरिका हमला करता है, तो ड्रोन और मिसाइलों का उसका नेटवर्क इन हमलों को नाकाम कर सकता है।
इससे पहले 28 जनवरी को, ट्रंप ने ईरान से अपने परमाणु कार्यक्रम पर एक समझौते पर पहुंचने के लिए कहा था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि वे इसका पालन नहीं करते हैं, तो ईरान पर अगला हमला पहले की तुलना में कहीं अधिक खतरनाक होगा। ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी युद्धपोत ईरान की ओर बढ़ रहे हैं और सेना किसी भी सैन्य आदेश के लिए तैयार है।
इसी बीच, यूरोपीय संघ (EU) ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को एक आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है। यह फैसला ईरानी सरकार द्वारा विरोध प्रदर्शनों पर की गई हिंसक कार्रवाई के जवाब में लिया गया है। इस कदम के तहत रिवोल्यूशनरी गार्ड के शीर्ष कमांडरों सहित कई अधिकारियों और संगठनों पर प्रतिबंध भी लगाए गए हैं।
ईरान ने तैयार की ड्रोन की सेना
ईरानी सेना प्रमुख मेजर जनरल आमिर हतामी ने कहा कि पिछले जून में अमेरिका और इज़राइल के साथ 12-दिवसीय संघर्ष के बाद, सेना ने अपनी सैन्य रणनीति बदल दी है। इसी के तहत बड़ी संख्या में ड्रोन तैयार किए गए हैं। हतामी के अनुसार, ये ड्रोन जमीन और समुद्र दोनों से संचालित किए जा सकते हैं। इसके अलावा, ईरान के पास पहले से ही बड़ी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइलें मौजूद हैं। ईरान ने कहा है कि वह कतर में अमेरिकी ठिकानों और इज़राइल पर मिसाइलें और ड्रोन दाग सकता है, जैसा कि जून की घटनाओं में हुआ था। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने हाल ही में अपने ड्रोन वाहक जहाज ‘शाहिद बाघेरी’ को समुद्र में तैनात किया है।
अमेरिका की ईरान को चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान समझौते के लिए तैयार नहीं होता है तो अगला हमला बहुत गंभीर होगा। ट्रंप के बयानों के अनुसार, अमेरिकी युद्धपोत ईरान की ओर बढ़ रहे हैं। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने भी कहा है कि सेना राष्ट्रपति के किसी भी सैन्य आदेश के लिए पूरी तरह से तैयार है।
यूरोपीय संघ ने IRGC को आतंकी संगठन घोषित किया
यूरोपीय संघ (EU) ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को एक आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है। यह निर्णय ईरानी सरकार द्वारा विरोध प्रदर्शनों के हिंसक दमन के जवाब में लिया गया है। इस फैसले के तहत, रिवोल्यूशनरी गार्ड के शीर्ष कमांडरों सहित 15 अधिकारियों और छह संगठनों पर प्रतिबंध भी लगाए गए हैं। इनमें ऑनलाइन सामग्री की निगरानी में शामिल संस्थाएं भी हैं। यूरोप में उनकी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी और उन पर यात्रा प्रतिबंध भी लगाए जाएंगे।
इस फैसले पर किसने क्या कहा
यूरोपीय संघ की राजनयिक काजा कल्लास ने कहा कि दमन को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि IRGC को अब अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट जैसे आतंकवादी संगठनों के बराबर माना जाएगा। ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और संयुक्त राज्य अमेरिका पहले ही IRGC को एक आतंकवादी संगठन के रूप में नामित कर चुके हैं। हालांकि, ब्रिटेन ने अभी तक इसे अपनी आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल नहीं किया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने यूरोपीय संघ के इस फैसले को एक “दिखावटी कदम” और एक “बड़ी रणनीतिक गलती” बताया है। उन्होंने कहा कि यूरोप स्थिति को शांत करने के बजाय तनाव बढ़ा रहा है।
क्या है ईरान का रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को ईरान की सबसे शक्तिशाली सैन्य शक्ति माना जाता है। इसकी स्थापना 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद हुई थी और इसमें लगभग 1,90,000 सक्रिय सैनिक हैं। यह संगठन सीधे ईरान के सर्वोच्च नेता को रिपोर्ट करता है और देश की पारंपरिक सेना के समानांतर काम करता है। इसका प्रभाव ईरान की राजनीति, अर्थव्यवस्था और विदेश नीति पर भी गहरा है। नवीनतम समाचार और अपडेट के लिए PaisaMag.com पर बने रहें।
मौजूदा घटनाक्रम अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है, जिसमें ईरान अपनी सैन्य क्षमताओं का प्रदर्शन कर रहा है और यूरोपीय संघ जैसे अंतर्राष्ट्रीय निकाय ईरान के प्रमुख सैन्य बल पर गंभीर प्रतिबंध लगा रहे हैं।
FAQs
ईरान ने कितने ड्रोन तैयार करने का दावा किया है?
ईरान ने दावा किया है कि उसने 1000 ड्रोन तैयार किए हैं जो जमीन और समुद्र से हमला करने में सक्षम हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को क्या चेतावनी दी?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी कि यदि वह अपने परमाणु कार्यक्रम पर समझौते का पालन नहीं करता है, तो अगला हमला पहले से कहीं अधिक खतरनाक होगा।
यूरोपीय संघ ने ईरान के किस संगठन को आतंकी घोषित किया है?
यूरोपीय संघ (EU) ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को एक आतंकवादी संगठन घोषित किया है।
IRGC पर प्रतिबंध लगाने का क्या कारण बताया गया?
यह निर्णय ईरानी सरकार द्वारा देश में हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर की गई हिंसक कार्रवाई और दमन के जवाब में लिया गया है।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) में कितने सैनिक हैं?
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) में लगभग 1,90,000 सक्रिय सैन्य कर्मी हैं और इसे देश की सबसे शक्तिशाली सैन्य शक्ति माना जाता है।
यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।


