इटली की सेना को जर्मन रक्षा कंपनी राइनमेटल से चार लिंक्स लड़ाकू वाहनों की पहली खेप मिल गई है। यह 1,050 वाहनों के एक बड़े नियोजित ऑर्डर का हिस्सा है, जो इतालवी सेना की जमीनी क्षमताओं को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगा। इस डिलीवरी को यूरोपीय रक्षा उद्योग में एकीकरण और मानकीकरण की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।
इन चार ट्रैक्ड वाहनों का अनावरण रोम के बाहर सेना के मोंटेलीब्रेटी परीक्षण रेंज में किया गया। इस कार्यक्रम में इटली के रक्षा प्रमुख और रक्षा मंत्री के साथ-साथ राइनमेटल और इटली की कंपनी लियोनार्डो के प्रबंधक भी शामिल हुए। लियोनार्डो इस कार्यक्रम पर जर्मन फर्म के साथ मिलकर काम कर रही है, जो दोनों देशों के बीच गहरे रक्षा सहयोग को दर्शाता है।
यह डिलीवरी इटली और जर्मनी के बीच हाल ही में हुए एक रक्षा सहयोग सौदे का परिणाम है। इस सौदे का उद्देश्य यूरोपीय रक्षा उद्योग को मजबूत करना, मानकीकरण को बढ़ावा देना और दोनों देशों की सेनाओं के बीच अंतर-संचालन क्षमता को बढ़ाना है। लिंक्स कार्यक्रम को इस सहयोग का एक प्रमुख उदाहरण माना जा रहा है।
मोंटेलीब्रेटी में वाहनों का अनावरण
इन अत्याधुनिक लड़ाकू वाहनों को रोम के पास स्थित मोंटेलीब्रेटी सैन्य परीक्षण स्थल पर एक औपचारिक कार्यक्रम में प्रदर्शित किया गया। इस अवसर पर इटली के शीर्ष सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व के साथ-साथ दोनों सहयोगी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। राइनमेटल के यूरोपीय वाहन प्रमुख, ब्योर्न बर्नहार्ड ने इस क्षण को एक “रणनीतिक संकेत” बताया। उन्होंने अपने भाषण में कहा कि यूरोप को औद्योगिक एकीकरण की तत्काल आवश्यकता है और यह कार्यक्रम उस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
राइनमेटल और लियोनार्डो की साझेदारी
यह सौदा 2024 में बनाए गए संयुक्त उद्यम ‘लियोनार्डो राइनमेटल मिलिट्री व्हीकल्स’ के बाद हुआ है। इस साझेदारी के तहत, जर्मन इंजीनियरिंग और इतालवी रक्षा प्रौद्योगिकी का संगम होगा। शुरुआती चार वाहनों के बाद जल्द ही पांचवां वाहन भी दिया जाएगा, जिसमें राइनमेटल द्वारा आपूर्ति की गई बुर्ज (turret) होगी। हालांकि, इसके बाद के 16 लिंक्स वाहनों में लियोनार्डो द्वारा निर्मित हिटफिस्ट 30mm बुर्ज लगाई जाएगी। इन वाहनों की डिलीवरी अक्टूबर से 2027 की शुरुआत के बीच की जाएगी। लियोनार्डो के सीईओ रॉबर्टो सिंगोलानी के अनुसार, इतालवी बुर्ज को राइनमेटल लिंक्स चेसिस के साथ एकीकृत करने का काम संभवतः इटली में ला स्पेज़िया या इवेको डिफेंस व्हीकल्स की सुविधा में होगा।
भविष्य की योजनाएं और विस्तार
इस सौदे में भविष्य के लिए भी एक बड़ी योजना शामिल है। लियोनार्डो के अनुसार, इतालवी सेना के पास इसी कॉन्फ़िगरेशन में 30 और वाहन हासिल करने का विकल्प है, जिसे इस साल की पहली छमाही में उपयोग किए जाने की उम्मीद है। इसके बाद एक पूर्ण और अंतिम अनुबंध किया जाएगा जिसमें लिंक्स के पांच और वेरिएंट शामिल होंगे जो 16 अलग-अलग भूमिकाएं निभाएंगे। इन वेरिएंट के प्रोटोटाइप 2027 और 2028 के बीच वितरित किए जाएंगे, जिसके बाद बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू होगा।
वित्तीय विवरण और पैंथर टैंक सौदा
लिंक्स कार्यक्रम के अलावा, इतालवी सेना की योजना राइनमेटल और लियोनार्डो द्वारा राइनमेटल के पैंथर टैंकों के 272 वेरिएंट का उत्पादन करने की भी है। इस पूरे सौदे से, जिसमें लिंक्स और पैंथर दोनों शामिल हैं, कुल लागत 23 बिलियन यूरो (लगभग $27.5 बिलियन) तक पहुंच जाती है। रॉबर्टो सिंगोलानी ने बताया कि पहले पैंथर प्रोटोटाइप 2029 के अंत और 2030 की शुरुआत के बीच वितरित किए जाने की उम्मीद है। यह सौदा इटली की बख्तरबंद क्षमताओं का पूरी तरह से आधुनिकीकरण करेगा।
यह डिलीवरी यूरोप में रक्षा एकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जहां देश अपनी सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने और मानकीकृत करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। राइनमेटल और लियोनार्डो के बीच यह सहयोग आने वाले वर्षों में यूरोपीय रक्षा परिदृश्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
FAQs
इटली की सेना को कौन से वाहन मिले हैं?
इटली की सेना को जर्मन कंपनी राइनमेटल से चार लिंक्स लड़ाकू वाहनों की पहली खेप मिली है।
कुल कितने वाहनों का ऑर्डर दिया गया है?
योजना के अनुसार कुल 1,050 लिंक्स वाहनों का ऑर्डर दिया जाना है, जिसके अलावा 272 पैंथर टैंक भी शामिल हैं।
इस परियोजना पर कौन सी कंपनियां सहयोग कर रही हैं?
जर्मनी की राइनमेटल और इटली की लियोनार्डो इस परियोजना पर एक संयुक्त उद्यम के माध्यम से सहयोग कर रही हैं।
क्या इन वाहनों में इतालवी तकनीक का उपयोग होगा?
हां, भविष्य के वाहनों में इटली की कंपनी लियोनार्डो द्वारा निर्मित हिटफिस्ट 30mm बुर्ज का उपयोग किया जाएगा।
इस पूरे रक्षा सौदे का कुल मूल्य कितना है?
लिंक्स और पैंथर टैंक सहित इस पूरे रक्षा सौदे का कुल मूल्य 23 बिलियन यूरो अनुमानित है।
यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।


