मेडिकल चैरिटी संस्था डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (MSF) ने गाजा और कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में काम कर रहे अपने कुछ फिलिस्तीनी और अंतरराष्ट्रीय कर्मचारियों का व्यक्तिगत विवरण इजरायली अधिकारियों को प्रदान करने पर सहमति व्यक्त की है। इस फैसले ने मानवीय सहायता जगत में एक नई बहस छेड़ दी है, जिसमें कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं जताई जा रही हैं।
MSF ने कहा कि उसके सामने एक “असंभव विकल्प” था, या तो वह जानकारी प्रदान करे या फिर इजरायल द्वारा अपने संचालन को निलंबित करने के लिए मजबूर किया जाए। संस्था गाजा और वेस्ट बैंक में महत्वपूर्ण चिकित्सा सेवाएं प्रदान करती है, और इन सेवाओं को जारी रखने के लिए यह कठिन निर्णय लिया गया है। संस्था के अनुसार, यह निर्णय उसके फिलिस्तीनी कर्मचारियों के साथ व्यापक चर्चा के बाद लिया गया है।
हालांकि, इस कदम की कई डॉक्टरों, कार्यकर्ताओं और अभियानकर्ताओं ने आलोचना की है। आलोचकों का तर्क है कि यह जानकारी मानवीय कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल की जा सकती है, जिससे उनकी जान को खतरा हो सकता है। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब गाजा में मानवीय स्थिति पहले से ही बेहद गंभीर है और सहायता कार्यों में कई बाधाएं आ रही हैं।
इजरायल ने इस साल 1 जनवरी को MSF सहित 37 सहायता समूहों के लाइसेंस वापस ले लिए थे। इजरायल का कहना था कि ये समूह नए “सुरक्षा और पारदर्शिता मानकों” का पालन करने में विफल रहे हैं। इन नए नियमों के तहत, सहायता समूहों को अपने कर्मचारियों, फंडिंग और संचालन के बारे में विस्तृत जानकारी साझा करनी होती है।
इजरायल ने एनजीओ के लिए क्यों बनाए नए नियम?
पिछले साल, इजरायल ने घोषणा की थी कि वह उन सहायता समूहों को निलंबित कर देगा जो अपने कर्मचारियों के बारे में विस्तृत जानकारी साझा करने की नई आवश्यकताओं को पूरा नहीं करते हैं। इन नियमों को इजरायल के डायस्पोरा मामलों के मंत्रालय द्वारा निर्धारित किया गया है।
नियमों के अनुसार, सौंपे जाने वाली जानकारी में कर्मचारियों के पासपोर्ट, सीवी और बच्चों सहित परिवार के सदस्यों के नाम शामिल हैं। इजरायली अधिकारियों ने कहा है कि वे उन संगठनों को अस्वीकार कर देंगे जिन पर नस्लवाद को उकसाने, इजरायल राज्य के अस्तित्व या होलोकॉस्ट से इनकार करने का संदेह होगा। साथ ही, उन समूहों पर भी प्रतिबंध लगाया जाएगा जो “दुश्मन राज्य या आतंकवादी संगठन द्वारा इजरायल के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष” का समर्थन करते पाए जाएंगे। इजरायल ने MSF पर बिना कोई सबूत दिए फिलिस्तीनी समूहों से जुड़े लोगों को नौकरी देने का भी आरोप लगाया है, जिसका MSF ने खंडन किया है।
MSF ने मांगें मानने का फैसला क्यों किया?
MSF गाजा के साथ-साथ कब्जे वाले वेस्ट बैंक में भी महत्वपूर्ण चिकित्सा सेवाएं चलाता है। यह संगठन सर्जिकल, ट्रॉमा और मातृत्व देखभाल सहित आपातकालीन चिकित्सा सहायता प्रदान करता है। मानवीय संकट के बीच अपनी गतिविधियों को जारी रखने के दबाव के कारण संस्था ने यह कदम उठाया।
शनिवार को जारी एक बयान में, MSF ने कहा कि “हमारे कर्मचारियों के बारे में व्यक्तिगत जानकारी सौंपने की अनुचित मांगों” के बाद, उसने इजरायली अधिकारियों को सूचित किया है कि एक असाधारण उपाय के रूप में, “हम अपने फिलिस्तीनी और अंतरराष्ट्रीय कर्मचारियों के नामों की एक परिभाषित सूची साझा करने के लिए तैयार हैं।” संस्था ने यह भी कहा कि यह जानकारी इस उम्मीद के साथ साझा की जाएगी कि इसका MSF कर्मचारियों या हमारे चिकित्सा मानवीय कार्यों पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। MSF के अनुसार, 1 जनवरी से उसके अंतरराष्ट्रीय कर्मचारियों के गाजा में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है और सभी आपूर्तियां अवरुद्ध कर दी गई हैं।
फैसले पर विशेषज्ञों और आलोचकों की प्रतिक्रिया
MSF के इस निर्णय की कुछ डॉक्टरों और कार्यकर्ताओं ने यह कहते हुए निंदा की है कि इससे फिलिस्तीनी कर्मचारियों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। एक पूर्व MSF कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “कर्मचारियों की देखभाल, डेटा सुरक्षा और मानवता के प्रति मूलभूत प्रतिबद्धता के दृष्टिकोण से यह बेहद चिंताजनक है कि MSF ने ऐसा निर्णय लिया है।”
गाजा में कई बार स्वेच्छा से काम कर चुके ब्रिटिश सर्जन घस्सान अबू सित्ता ने कहा कि इस फैसले में नैतिक दिवालियापन है, क्योंकि संघर्ष के दौरान फिलिस्तीनी स्वतंत्र सहमति देने में सक्षम नहीं हो सकते। उन्होंने यह भी कहा कि यह निर्णय यूरोपीय संघ के डेटा संरक्षण कानूनों का “स्पष्ट उल्लंघन” है। किंग्स कॉलेज लंदन में वैश्विक स्वास्थ्य की प्रोफेसर हन्ना किंजलर ने सोशल मीडिया पर कहा, “MSF, आपने पहले भी युद्ध प्रभावित क्षेत्रों से अपनी टीमों को वापस बुलाया है जब आपको लगा कि मिशन की अखंडता या सुरक्षा से समझौता किया गया है। आपको ऐसा क्यों लगता है कि फिलिस्तीनी कर्मचारियों के साथ अलग व्यवहार किया जा सकता है?”
अन्य सहायता समूहों की स्थिति
इजरायली अधिकारियों का कहना है कि 23 संगठनों ने नए पंजीकरण नियमों पर सहमति जताई है। माना जा रहा है कि अन्य संगठन अभी भी अपने विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। नॉर्वेजियन रिफ्यूजी काउंसिल, इंटरनेशनल रेस्क्यू कमेटी और ऑक्सफैम जैसे बड़े संगठनों पर भी इन नियमों का पालन करने का दबाव है, लेकिन उनके अंतिम निर्णय अभी स्पष्ट नहीं हैं। यह स्थिति अन्य अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठनों के लिए भी एक मुश्किल मिसाल कायम कर सकती है।
गाजा में मानवीय सहायता की वर्तमान स्थिति
गाजा में मानवीय स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। क्षेत्र को अकाल के कगार से वापस खींच लिया गया है, लेकिन लगातार हमलों, बड़े पैमाने पर विस्थापन और स्वास्थ्य संकट के बीच आबादी का समर्थन करने के लिए बहुत अधिक सहायता की आवश्यकता है। भोजन की कमी अभी भी एक बड़ी समस्या है। इजरायल ने प्रतिदिन 600 सहायता ट्रकों को पट्टी में प्रवेश करने की अनुमति देने की बात कही थी, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि हकीकत में केवल 200 के करीब ही ट्रक अंदर आ पा रहे हैं। क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली लगभग ध्वस्त हो चुकी है, जिससे MSF जैसे संगठनों का काम और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।
डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (MSF) द्वारा अपने कर्मचारियों का डेटा इजरायली अधिकारियों को सौंपने का निर्णय, गाजा में अपनी महत्वपूर्ण चिकित्सा सेवाओं को जारी रखने के दबाव को दर्शाता है। इस कदम ने मानवीय सिद्धांतों और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नैतिक सवाल उठाए हैं, जिसकी दुनिया भर के कार्यकर्ताओं और विशेषज्ञों द्वारा कड़ी आलोचना की जा रही है।
FAQs
डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (MSF) क्या है?
MSF एक अंतरराष्ट्रीय, स्वतंत्र चिकित्सा मानवीय संगठन है जो संघर्ष क्षेत्रों, महामारियों और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को आपातकालीन सहायता प्रदान करता है।
इजरायल ने सहायता समूहों से कौन सी जानकारी मांगी है?
इजरायल ने संगठनों से उनके कर्मचारियों के पासपोर्ट, सीवी, और बच्चों सहित उनके परिवार के सदस्यों के नामों जैसी विस्तृत व्यक्तिगत जानकारी सौंपने की मांग की है।
MSF ने इजरायली शर्तों को क्यों स्वीकार किया?
MSF ने अपने संचालन को निलंबित किए जाने से बचाने और गाजा तथा वेस्ट बैंक में अपनी महत्वपूर्ण चिकित्सा सेवाएं जारी रखने के लिए इन शर्तों को एक “असाधारण उपाय” के रूप में स्वीकार किया।
इस फैसले की आलोचना का मुख्य कारण क्या है?
इस फैसले की आलोचना का मुख्य कारण यह चिंता है कि कर्मचारियों की व्यक्तिगत जानकारी का उपयोग उन्हें निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है, जिससे उनकी सुरक्षा से गंभीर समझौता होगा।
इजरायल ने कितने सहायता संगठनों के लाइसेंस रद्द किए थे?
इजरायल ने 1 जनवरी को नए सुरक्षा और पारदर्शिता मानकों का पालन न करने के कारण MSF सहित 37 सहायता संगठनों के लाइसेंस रद्द कर दिए थे।
यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।


