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अजित पवार के निधन से NCP में उलटफेर, महाराष्ट्र का सियासी गणित भी बदला

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का बुधवार को बारामती के पास एक चार्टर्ड विमान दुर्घटना में आकस्मिक निधन हो गया। इस घटना ने न केवल महाराष्ट्र की राजनीति को स्तब्ध कर दिया है, बल्कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दो प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच सुलह के प्रयासों पर भी अनिश्चितता के बादल डाल दिए हैं। एक गुट का नेतृत्व अजित पवार स्वयं कर रहे थे, जबकि दूसरे का नेतृत्व उनके चाचा और पार्टी संस्थापक शरद पवार करते हैं।

यह दुखद घटना ऐसे समय में हुई है जब दोनों गुटों के बीच राजनीतिक और पारिवारिक पुनर्मिलन की अटकलें तेज थीं। 2023 में अजित पवार के पार्टी से अलग होकर BJP के नेतृत्व वाली महायुति सरकार में शामिल होने के बाद से दोनों खेमों में विभाजन हो गया था। हाल ही में दोनों गुटों ने पुणे में स्थानीय निकाय चुनाव एक साथ लड़ने का फैसला किया था, जिसे एक बड़े विलय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा था।

अजित पवार ने हाल के दिनों में अपने साक्षात्कारों में एक मेल-मिलाप का रुख अपनाया था, जिसमें उन्होंने पुरानी कड़वाहट को कम करते हुए कहा था कि वह “घटाने में नहीं, बल्कि जोड़ने में” विश्वास करते हैं। उनके निधन से अब महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है और राज्य के राजनीतिक समीकरणों के भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

विमान दुर्घटना में अजित पवार का निधन

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की बुधवार को एक चार्टर्ड विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई। यह हादसा पुणे जिले के बारामती के पास हुआ। इस खबर के आते ही पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई और राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई। अजित पवार राज्य के एक प्रमुख और प्रभावशाली नेता थे, जिनका राजनीतिक करियर कई दशकों तक फैला रहा। वह महाराष्ट्र सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे थे और अपनी मजबूत संगठनात्मक पकड़ के लिए जाने जाते थे।

राजनीतिक सुलह के प्रयासों पर लगा विराम

अजित पवार का निधन उस समय हुआ जब उनके और उनके चाचा शरद पवार के नेतृत्व वाले NCP गुटों के बीच सुलह की कोशिशें चल रही थीं। कुछ सप्ताह पहले, दोनों पक्षों के नेताओं ने सार्वजनिक रूप से संकेत दिए थे कि वे राजनीतिक पुनर्मिलन के करीब आ रहे हैं। इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम पुणे में स्थानीय निकाय चुनावों में दोनों गुटों का एक साथ मिलकर चुनाव लड़ना था। अजित पवार ने एक मीडिया साक्षात्कार में कहा था, “दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता एकजुट होना चाहते हैं। दोनों NCP अब साथ हैं। हमारे परिवार में सभी तनाव समाप्त हो गए हैं।”

NCP के भविष्य पर अनिश्चितता

अजित पवार के निधन के बाद उनके गुट के भविष्य को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। वह अपने गुट के निर्विवाद नेता थे और सरकार में उनकी मजबूत स्थिति थी। उनके बिना, गुट का नेतृत्व कौन करेगा और क्या यह एकजुट रहेगा, यह देखना बाकी है। इस घटना से शरद पवार के गुट के साथ विलय की गति पर भी असर पड़ सकता है। एक नेता के अनुसार, “पार्टी पवार परिवार के साथ बहुत निकटता से पहचानी जाती है और पार्टी में अजित दादा की जगह लेने वाला कोई दूसरा नेता नहीं है।”

दिल्ली कार्यालय में शोक की लहर

बुधवार सुबह जैसे ही पवार के निधन की खबर दिल्ली पहुंची, पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं में शोक की लहर दौड़ गई। लोग 79, नॉर्थ एवेन्यू स्थित NCP के दिल्ली कार्यालय में इकट्ठा होने लगे। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और मुख्य प्रवक्ता बृजमोहन श्रीवास्तव ने पवार की लगभग पांच महीने पहले की कार्यालय यात्रा को याद किया। उन्होंने कहा, “हमने दिल्ली में पार्टी के लिए उनकी योजनाओं और नगर निगम चुनावों पर चर्चा की थी। राष्ट्रीय राजधानी में पार्टी के विस्तार के लिए उनकी बड़ी योजनाएं थीं।” NCP की दिल्ली इकाई के एक कोर कमेटी सदस्य कुलदीप के. बुजू ने कहा, “उनकी संवेदनशीलता और स्पष्टता एक विरासत छोड़ेगी।”

महायुति गठबंधन पर असर

अजित पवार का निधन BJP के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन के लिए भी एक बड़ा झटका है। वह गठबंधन के एक प्रमुख स्तंभ थे और उनकी उपस्थिति राज्य सरकार को स्थिरता प्रदान करती थी। महाराष्ट्र में 2024 के लोकसभा चुनावों में BJP को कुछ झटके लगे थे, और पवार गुटों का एक साथ आना सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए एक बड़ी मजबूती हो सकता था। अब उनके निधन से राज्य में गठबंधन की अंकगणित जटिल हो गई है और आने वाले समय में नए राजनीतिक समीकरणों की संभावना बन गई है।

अजित पवार का निधन उनके समर्थकों के लिए एक व्यक्तिगत और संगठनात्मक क्षति तो है ही, साथ ही इसने महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा को भी अचानक बदल दिया है। इस घटना ने एक ऐसे राजनीतिक पुनर्संरचना को बाधित कर दिया है जो आने वाले महीनों में महाराष्ट्र की सत्ता संरचना को नया आकार दे सकती थी।

FAQs

अजित पवार का निधन कैसे हुआ?

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन बुधवार को बारामती के पास एक चार्टर्ड विमान दुर्घटना में हो गया।

निधन से पहले क्या राजनीतिक घटनाक्रम चल रहा था?

उनके निधन से ठीक पहले, अजित पवार और शरद पवार के नेतृत्व वाले NCP के दोनों गुटों के बीच सुलह और विलय के प्रयास चल रहे थे। दोनों गुटों ने पुणे में एक साथ स्थानीय चुनाव लड़ने का भी फैसला किया था।

अजित पवार किस राजनीतिक गठबंधन का हिस्सा थे?

अजित पवार का गुट महाराष्ट्र में BJP के नेतृत्व वाले महायुति सरकार का हिस्सा था, और वह राज्य के उपमुख्यमंत्री थे।

NCP में विभाजन कब हुआ था?

NCP में विभाजन 2023 में हुआ था, जब अजित पवार अपने समर्थक विधायकों के साथ पार्टी से अलग हो गए और महाराष्ट्र में BJP के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल हो गए।

अजित पवार की हालिया टिप्पणी क्या थी?

हाल ही में एक साक्षात्कार में, अजित पवार ने सुलह का संकेत देते हुए कहा था कि “दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता एकजुट होना चाहते हैं” और “हमारे परिवार में सभी तनाव समाप्त हो गए हैं।”

यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।

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